बढ़ती उम्र पर लगाम लगाने की चाह हर महिला की होती है और इस चाह को पूरा करने के लिए वह ब्यूटी ट्रीटमैंट के तौर पर फ्रूट फेशियल, चौकलेट फेशियल व औक्सी फेशियल की तकनीक अपनाती है. लेकिन क्या आप जानती हैं कि वाइन भी आप की बढ़ती उम्र पर लगाम लगाने के साथसाथ आप के सौंदर्य को बढ़ाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है? आप हैरान हो रही होंगी कि भला वाइन खूबसूरती निखारने व बढ़ती उम्र पर लगाम लगाने में कैसे मददगार हो सकती है?

आप जैसी अनेक महिलाओं की वाइन फेशियल से जुड़ी इस जिज्ञासा को दूर करने का प्रयास किया दिल्ली प्रैस भवन में आयोजित गृहशोभा की फेब मीटिंग में ब्यूटी ऐक्सपर्ट मीनू अरोड़ा ने. मीनू अरोड़ा ने वाइन फेशियल के फायदे बताते हुए इसे करने का तरीका भी बताया.

वाइन फेशियल प्रक्रिया: वाइन फेशियल में इस्तेमाल किए जाने वाले काले अंगूरों में मुख्यरूप से विटामिन ई, ऐंटोसिनो साइड्स, पौलीफेनोल, प्रोसिया निडोल्स और ऐंटीऔक्सीडैंट्स जैसे तत्त्व पाए जाते हैं. वाइन के ऐंटीसैप्टिक होने के कारण वह त्वचा में आने वाली सूजन व झुर्रियों को भी कम करती है. इतना ही नहीं, त्वचा की डैड स्किन निकालने में भी मदद करती है.

क्लींजिंग व स्क्रबिंग: अन्य फेशियलों की तरह वाइन फेशियल की शुरुआत भी क्लींजिंग, स्क्रबिंग व टोनिंग से की जाती है. त्वचा की क्लींजिंग के लिए थोड़े से कच्चे दूध में 2 छोटे चम्मच ऐप्पल वाइन, 2 बूंदें रैड वाइन और गुलाब की पत्तियों की पीस कर मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें. फिर कौटन बौल की सहायता से इस से त्वचा की क्लींजिंग करें. इस से त्वचा को मिनरल्स मिलते हैं. इस के बाद 200 एमएल गरम पानी में 1 छोटा चम्मच बोरिक ऐसिड मिला कर घोल बनाएं. उस घोल में कौटन भिगो कर चेहरे को हौट कंप्रैशन दें. इस से त्वचा के ब्लैकहैड्स व व्हाइटहैड्स निकलने में मदद मिलेगी. इस के बाद रोजवाटर का टोनर लगाएं ताकि ओपन पोर्स बंद हो जाएं. अब एकदम ठंडे नारियल पानी में कौटन डुबो कर चेहरे पर कोल्ड कंप्रैशन दें.

मसाज: ऐलोवेरा जैल में रैड वाइन मिक्स कर के 3 मिनट तक गैलवेमिक नैगेटिव व 3 मिनट तक गैलवेनिक पौजिटिव मसाज दें. आप चाहें तो मसाज मिक्सचर में विटामिन ई औयल भी डाल सकती हैं. गैलवेनिक मसाज देते समय ग्रेप्स जूस भी चेहरे पर डालती रहें.

पैक: अंत में गौज को रैड वाइन में डुबो कर चेहरे पर रखें व ऊपर से काले अंगूरों का पल्प लगाएं. 10 मिनट बाद पैक को उतार दें. इस पैक से त्वचा के उत्तक तो रिपेयर होते ही हैं, साथ ही त्वचा को टाइटनिंग इफैक्ट भी मिलता है. अंत में चेहरे पर सनब्लौक क्रीम या सनस्क्रीन लगाएं. सनस्क्रीन लगाने से सनबर्न व टैनिंग होने की संभावना कम हो जाती है. 

त्वचा के अनुसार करें वाइन का चुनाव: अलगअलग प्रकार की त्वचा के लिए अलगअलग तरह की वाइन का प्रयोग किया जाता है. जहां तैलीय त्वचा के लिए रैड वाइन बेहतर रहती है और वह ऐलोवेरा मिला कर प्रयोग की जाती है, वहीं सूखी त्वचा के लिए व्हाइट वाइन में मौजूद अल्फा हाइड्रौक्सी ऐसिड्स त्वचा के लिए असरदार साबित होते हैं. इस से त्वचा मुलायम होती है. अगर त्वचा सैंसिटिव हो तो व्हाइट वाइन में गुलाबजल और बादाम का पेस्ट भी मिलाया जाता है. रैड वाइन में मौजूद ऐंटीऐजिंग तत्त्व त्वचा को रिजुवनेट और डिहाइड्रेट करते हैं. यही नहीं ये पिगमैंटेशन को रोकते हुए ऐजिंग प्रोसैस पर भी लगाम लगाते हैं.

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