क्या आप का चेहरा छोटा, लंबा, वर्गाकार या फिर सिकुड़ा हुआ है? क्या सनग्लास खरीदते समय इस बारे में सोचते हैं? ऐसा सोचने की जरूरत क्यों पड़ती है?

दरअसल, सूर्य की हानिकारक किरणों से आंखों की सुरक्षा करने में व खूबसूरती बढ़ाने में यहां तक कि आंखों के इर्दगिर्द की बारीक झुर्रियों को छिपाने में सनग्लास महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कुछ लोग सनग्लास का इस्तेमाल फैशन की दौड़ में आगे रहने के लिए करते हैं तो कुछ अपनी आंखों की सुरक्षा तथा सुकून के लिए.

जिन लोगों की आंखों की रोशनी कमजोर होती है वे फोटोक्रोमिक लैंस वाले सनग्लास चुनते हैं ताकि उन की नजर भी साफ रह सके और आंखों को सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से भी सुरक्षा हो सके. वहीं साइक्लिंग और राफ्टिंग के प्रेमी अपनी जरूरत के अनुरूप सनग्लास चुनते हैं.

आप चाहें अपने लिए कोई भी फ्रेम चुनें, लेकिन आराम से समझौता कभी न करें. उपयुक्त फ्रेम के चुनाव को ध्यान में रखते हुए आप को अपने चेहरे के आकार के अनुरूप फ्रेम का चयन करना चाहिए यानी उसी आकार का फ्रेम चुनें, जो आप के चेहरे पर फिट बैठता हो.

चेहरे के अनुरूप

अभिनेत्री रानी मुखर्जी जैसे गोल चेहरे के लिए आयताकार फ्रेम सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. गोल चेहरे की लंबाई और चौड़ाई समान होती है और आयताकार फ्रेम उन के चेहरे को लंबा दिखाता है. यह फ्रेम चेहरे पर सही कंट्रास्ट बनाते हुए चेहरे को छरहरा लुक देता है. गोलाकार चेहरे वालों को कोणीय फ्रेम चुनना चाहिए ताकि चेहरे की बनावट थोड़ा अलग नजर आए.

आयताकार चेहरे के लिए ऐविएटर फ्रेम सर्वश्रेष्ठ है. चूंकि ऐसे चेहरे लंबे होते हैं इसलिए ऐविएटर फ्रेम लंबे चेहरे को छोटा दर्शाता है. इस आकार के चेहरे वालों को आयताकार सनग्लास पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि उस से उन का चेहरा और लंबा नजर आता है.

वर्गाकार चेहरे वालों को अंडाकार फ्रेम वाला सनग्लास पहनना चाहिए, जो संकीर्ण हो. यह कंट्रास्ट लुक प्रदान करेगा. इस से आप के चेहरे का आकार सौम्य दिखेगा.

जिन लोगों के चेहरे का आकार दिल के आकार जैसा होता है यानी जिन का ललाट चौड़ा, लेकिन जबड़ों का आकार पतला होता है उन पर संकीर्ण फ्रेम सब से ज्यादा अच्छा लगता है. ऐसे लोगों को ऐविएटर या शेड्स फ्रेम के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि उस से उन के चेहरे का आकार और स्पष्ट दिखेगा. सब से अच्छा विकल्प हलके रंग के रिमलेस फ्रेम का इस्तेमाल होगा, क्योंकि उस से उस व्यक्ति का चेहरा पतला होने का भ्रम रहेगा. दिल के आकार के चेहरे वाले व्यक्ति मौउ जिम की क्लासिक लाइन शृंखला के केमाना सनग्लास लगाने पर खूबसूरत दिखेंगे या फिर उन्हें शील्ड्स शृंखला के मौउ जिम कुला सनग्लास का इस्तेमाल करना चाहिए.

अंडाकार चेहरे वालों के लिए यह समस्या नहीं होती कि किस प्रकार का फ्रेम चुनें किस प्रकार का नहीं. उन के पास बहुत सारे विकल्प होते हैं, अंडाकार चेहरे वाले व्यक्ति के लिए शेड्स चुनना भी सब से आसान होता है. अंडाकार चेहरे पर हर तरह का सनग्लास बिलकुल सटीक दिखता है, क्योंकि इस आकार का चेहरा संतुलित और समानुपात में ढला होता है. हालांकि मौउ जिम होकू, मौउ जिम हवाई तथा मौउ जिम कपालुआ इस आकार के चेहरे वाले व्यक्तियों के लिए पहली पसंद बन सकते हैं.

प्रैस्क्रिप्शन सनग्लास

जो लोग दृष्टिदोष में सुधार चाहते हैं, अब उन्हें टैक्नोलौजी की सुविधा से युक्त सनग्लास से वंचित रहने की जरूरत नहीं.

चिलचिलाती धूप में आप को भी कभी न कभी मौजमस्ती या कोई काम करने का मौका मिलता होगा, तब आप ऐसे सनग्लास की सख्त आवश्यकता महसूस करते होंगे, जो गरमी से झुलसती आप की आंखों को ठंडक प्रदान करे.

आंखों की रोशनी दुरुस्त करने के लिए चश्मा लगाने वाले बहुत सारे लोग सनग्लास के फायदे और आराम से वंचित रह जाते हैं, क्योंकि वे अपनी नजर के चश्मे की जगह सुरक्षा के लिए सनग्लास का इस्तेमाल नहीं कर सकते. जिन लोगों को नजर की परेशानी होती है, उन के लिए चश्मे के बगैर गाड़ी चलाना खतरनाक हो सकता है, यहां तक कि नजर ठीक रखने वाली ऐनक के बगैर सड़क पर टहलना भी उन के लिए खतरनाक रहता है. तो क्या नजर के चश्मे पहनने वाले लोग चिलचिलाती धूप से बचने और फैशन स्टेटमैंट के लिए सनग्लास का इस्तेमाल कर ही नहीं सकते? नहीं, कतई नहीं. आजकल कमजोर नजर वाले ऐसे प्रैस्क्रिप्शन सनग्लास आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, जिन में नजर सुधारने और धूप से आंखों को बचाने की दोनों क्षमताएं होती हैं.

नजर का चश्मा पहनने वाले कई लोग अकसर इस दोहरे मकसद के लिए परंपरागत लैंस का इस्तेमाल करते हैं और अलगअलग मौसम के अनुसार चश्मा बदलने की असुविधा से बच जाते हैं. लेकिन परंपरागत लैंस कभीकभी ऐडजस्ट नहीं हो पाते. प्रैस्क्रिप्शन सनग्लास विशेष टैक्नोलौजी समर्थित सनग्लास होता है, जिस में व्यक्ति की नजर सुधारने के लिए पावर लैंस भी होता है.

पहले जहां सनग्लासेज को ज्यादातर लोग फैशन ऐक्सैसरीज मानते थे, वहीं अब आंखों की सेहत की सुरक्षा के लिए भी ऐसे सनग्लासेज पहनने का चलन बढ़ने लगा है, जो सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से हमारी आंखों को सुरक्षा देते हैं.