किसी चेहरे पर मोटी आईब्रोज फबती हैं, तो किसी पर करीने से खींची गई 2 लकीरें. ध्यान रहे कि अगर आईब्रोज चेहरे के अनुरूप नहीं हैं तो वे आप को लोगों के बीच हंसी का पात्र भी बना सकती हैं. इन्हें सही शेप देने के लिए प्लकर या थ्रैड का प्रयोग अहम है. आईब्रोज की शेप बहुत हद तक चेहरे की बनावट पर निर्भर करती है. अत: अगली बार जब भी ब्यूटीपार्लर में थ्रैडिंग के लिए जाएं तो कुछ बातों का खास खयाल रखें:

लंबा चेहरा: लंबे चेहरे वाली महिलाओं को आईब्रोज की लंबाई कम नहीं करवानी चाहिए. साथ ही उन का उभार आईबोन के करीब ही रखवाना चाहिए. ऐसा करने से चेहरे की लंबाई कम दिखती है. ऐसे चेहरे पर सीधी, बादाम के आकार की और अंडाकार शेप अच्छी लगती है.

गोल चेहरा: गोल चेहरे पर आईब्रोज का उभार आईबोन से थोड़ा ऊपर होना चाहिए. ऐसा करने से चेहरा भराभरा नहीं लगता है. चेहरे की ऐसी बनावट पर धनुषाकार आईब्रोज अधिक फबती हैं.

अंडाकार चेहरा: चेहरे की यह बनावट हर लिहाज से बैस्ट मानी जाती है यानी ऐसे चेहरे पर हर तरह की आईब्रोज शेप, हेयर कट और मेकअप जंचता है. जहां तक बात आईब्रोज शेप की है, तो इस बनावट पर अंडाकार शेप आईब्रोज चेहरे को आकर्षक बनाती हैं.

चौकोर चेहरा: चेहरे की ऐसी बनावट वाली महिलाओं को आईब्रोज की राउंड या धनुषाकार शेप करवानी चाहिए. ये शेप उन्हें सौफ्ट लुक देती है.

छोटा चेहरा: ऐसे चेहरे की बनावट वाली महिलाओं को दोनों आईब्रोज के बीच में सामान्य से ज्यादा दूरी करवानी चाहिए. इस के अलावा अगर नाक लंबी है, तो आईब्रोज को आईबोन से अधिक ऊपर नहीं बनवाना चाहिए अन्यथा बड़ी आंखें भी छोटी दिखती हैं. यदि आंखें बड़ी हैं, तो आईब्रोज पतली बनवाएं और अगर आंखें छोटी हैं, तो आईब्रोज मोटी व लंबी बनवाएं.

संवारिए स्वयं भी

यदि नियमित थ्रैडिंग करवाना संभव नहीं है, तो ऐसे में आप इन्हें स्वयं सप्ताह में 1 बार प्लकर से शेप दे सकती हैं, लेकिन इस के लिए ब्यूटी पार्लर से आईब्रोज को शेप दिलवाना बहुत जरूरी है अन्यथा एक आईब्रो मोटी हो जाएगी, तो दूसरी पतली.

प्लकिंग के लिए जरूरी है-

  1. आईब्रोज को शेप हमेशा दिन की रोशनी में ही दें.
  2. जहां से बाल उगते हैं केवल वहीं से ऐक्स्ट्रा बालों को निकालें.
  3. दोनों आईब्रोज के बीच उचित अंतर रखें.
  4. प्लकिंग हमेशा शांत मन से करें.
  5. प्लकिंग से पहले दोनों आईब्रोज पर पाउडर लगाएं. ऐसा करने से छोटेछोटे ऐक्स्ट्रा बाल भी नजर आ जाते हैं और दर्द भी नहीं होता है.
  6. शेप देने से पहले और अंत में आईब्रोज को बारीक दांत वाली कंघी से अवश्य एकसार करें.

दक्षता के अलावा अहम यह भी

  1. आईब्रोज को नियमित शेप देना जरूरी है, लेकिन इस के लिए हाथों का दक्ष होना भी बेहद जरूरी है. आप भी इस में दक्ष हो सकती हैं इन बेसिक बातों को जान कर:
  2. आईब्रोज की ट्रिमिंग के लिए कभी भी हेयर रिमूवर या रेजर का प्रयोग न करें.
  3. अगर आईब्रोज पतली हों, तो आईब्रो पैंसिल का इस्तेमाल करें, लेकिन चेहरे की रंगत के अनुरूप ही.
  4. प्लकिंग हमेशा थ्रैडिंग करवाने के 1 सप्ताह बाद ही शुरू कर देनी चाहिए.
  5. आईपैंसिल से दोनों आईब्रोज पर रेखा खींच लें. इस के बाद शीशे में देखें कि रेखा के ऊपर व नीचे कितने अनावश्यक बाल उगे हैं. उस के बाद उन्हें प्लक कर दें.
  6. प्लकिंग करने से पहले चेहरे पर किसी प्रकार की कोल्ड क्रीम या मौइश्चराइजर न लगाएं अन्यथा अनावश्यक बाल दिखेंगे नहीं.
  7. कोमल ब्रश से आईब्रोज को कंघी करने के बाद ही फालतू बाल प्लक करें.