गृहशोभा विशेष

आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में अपनी देखभाल के लिए महिलाओं के पास बहुत कम समय होता है. ऐसे में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं. इन में बालों में रूसी होना भी शामिल है, जिस से बाल झड़ने लगते हैं. सिर का गंदा रहना, रक्तसंचार में कमी, डाइट का सही न होना आदि रूसी होने के कारण हैं. जिन के बालों में रूसी हो उन्हें अपना हेयरब्रश, तौलिया, तकिया आदि अलग रखना चाहिए.

डर्मैटोलौजिस्ट ऐंड कौस्मैटिक सर्जन डा. सोमा सरकार बताती हैं कि आजकल प्रदूषण काफी बढ़ गया है. इस से बहुतों को रूसी की समस्या हो रही है. जाड़े के मौसम में तो यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि ठंड में हवा में नमी कम हो जाती है. ठंड की वजह से महिलाएं पानी भी बहुत कम पीती हैं. कई बार नहाती भी नहीं हैं, जिस से सिर की त्वचा गंदी हो जाती है और रूसी बढ़ने लगती है.

दरअसल, रूसी एक प्रकार की ईस्ट है, जो सिर में जमे तेल या मृत त्वचा को खा कर जीती है. इसी वजह से सिर की त्वचा की कोशिकाएं बहुत जल्दी झड़ने लगती हैं. जाड़े में मौसम शुष्क होता है. ठंड की वजह से महिलाएं अधिक समय तक रूम हीटर के पास बैठी रहती हैं. रूम हीटर से कमरे का वातावरण ड्राई होता है, जो रूसी को बढ़ाता है. इस के अलावा डैंड्रफ एक प्रकार का फंगल इन्फैक्शन भी है, जो बालों की जड़ों और स्कैल्प में होता है.

कुछ महिलाओं के बाल अधिक औयली और चिपचिपे से होते हैं, जिन में रूसी अपनेआप पनपने लगती है. ऐसे में सही डाइट अहम भूमिका निभाती है. अत: खाने में पर्याप्त मात्रा में जिंक, विटामिन बी और थोड़े फैट की मात्रा अवश्य लें.

रूसी होने के बाद सिर में खुजली होना, बालों का गिरना, उन का दोमुंहा होना आम बात है. अत: निम्न बातों का अवश्य ध्यान रखें:

ठंड के मौसम में बालों को सप्ताह में 2-3 बार जरूर माइल्ड शैंपू से धोएं.

हारमोन बैलेंस का ध्यान रखें. स्कैल्प में औयल ग्लैंड्स बंद होने के कारण भी ऐसा होता है.

डाक्टर की सलाह पर ही शैंपू का चयन करें, क्योंकि गलत शैंपू से ऐलर्जी भी हो सकती है.

हफ्ते में 2 बार सिर की औयल मसाज जरूर करें.

अधिक अमोनियायुक्त हेयर कलर का इस्तेमाल न करें.

अपनी डाइट पर पूरा ध्यान दें यानी डाइट पौष्टिक होनी चाहिए. इस के अलावा खूब पानी पीएं. भले ठंड का मौसम हो.

अगर इन सब उपायों के बावजूद डैंड्रफ न जाए तो तुरंत किसी डाक्टर से सलाह लें.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं