पहले हेयर कलर का प्रयोग सफेद बालों को छिपाने के लिए किया जाता था, पर अब यह फैशन बन गया है. आजकल कोलोंब्रे हेयर कलर का फैशन है. दरअसल, पिछले कुछ सालों से सैलिब्रिटीज नएनए हेयर फैशन ट्रैंड अपना रहे हैं. कभी ब्राइट, कभी लाइट तो कई बार अननैचुलर कलर भी प्रयोग किए जाते हैं. कलर तकनीक में भी नित नए प्रयोग हो रहे हैं. ओंबे्र एक ऐसा डाई पैटर्न है, जो 2 रंगों के शेड को ले कर डार्क टु लाइट में हेयर को कलर करता है. इस में अगर कई ब्राइट कलर को ले कर एकसाथ अलगअलग पतली स्ट्रिप में हेयर को डार्क टु लाइट में रंगा जाता है तो उसे कोलोंबे्र कहते हैं. इसे इंद्रधनुषी रंग भी कहा जाता है. इस से लुक और नया बन जाता है, जो देखने में आकर्षक लगता है. इस में बालों की जड़ों को औरिजिनल रहने दिया जाता है. युवतियां आजकल इसी फैशन को अधिक अपना रही हैं. अभिनेत्री शिबानी दांडेकर और ऐश्वर्या राय बच्चन के बाल भी कोलोंबे्र फैशन के उदाहरण हैं. शिबानी कहती हैं कि एक तरह के रंग मुझे पसंद नहीं. कोलोंब्रे कई रंगों का मिश्रण है और यह हेयर कलर ग्लैमरस लुक देता है.

जब कराएं हेयर कलर

बालों को कलर करते समय अपनी स्किनटोन पर ध्यान देना आवश्यक है. इस संबंध में हेयर ऐक्सपर्ट से सलाह लें.

कलर करने से पूर्व बालों को शैंपू करना न भूलें, क्योंकि चिपचिपे बालों पर रंग ठीक से नहीं लगता.

अगर त्वचा संवेदनशील है तो बालों के टैक्सचर के हिसाब से कलर करवाएं.

अगर कोई नया रंग ट्राई कर रही हैं तो पहले किए गए रंग को अच्छी तरह उतर जाने दें. लाइट कलर पर डार्क कलर लगाना सही रहता है. अगर डार्क लगाया है तो पूरा रंग उतरने के बाद ही नया रंग लगाएं.

कलर प्रोटैक्टिव शैंपू का प्रयोग करें. इस शैंपू के जरीए कलर लंबे समय तक टिका रहेगा. हार्ड शैंपू या ऐंटीडैंड्रफ शैंपू कभी प्रयोग न करें.

शैंपू करने के बाद बालों में कंडीशनर जरूर लगाएं. इस से न केवल बाल चमकीले रहते हैं वरन सूर्य की हानिकारक किरणों से भी सुरक्षित रहते हैं. बाल में रूसी होने या उन के बेजान लगने पर सीरम का इस्तेमाल करें. कंडीशनर में 2-3 बूंदें सीरम मिला कर बालों पर लगाने से उन की चमक और बढ़ जाती है.

बालों को कर्ली या स्ट्रेट करवाना है तो पहले यह करवाने के 2-3 हफ्ते बाद ही कलरिंग करें.

कभीकभी हेयर स्पा भी अपनाएं.

कोलोंबे्र हेयर कलर कई तरह से किए जाते हैं. अत: परमानैंट हेयर कलर से पहले टैस्ट कलरिंग जरूर करवा लें.

यह कलरिंग आसान नहीं होती. ऐक्सपर्ट कई बार पंख की सहायता से ऊपर से नीचे की ओर रंगते हैं, क्योंकि ब्रश से रंग लगाने पर एक रंग की दूसरे रंग पर लग जाने की संभावना रहती है, जिस से कोलोंबे्र लुक खराब हो सकता है.इस कलरिंग को हमेशा ऐक्सपर्ट से ही करवाएं ताकि आप को मनपसंद लुक मिल सके.पहली बार कोलोंबे्र करवाते वक्त 2 शेड खासकर पिंक और पर्पल को अपनाएं. अगर आकर्षक दिखना चाहती हैं तो उस में बीचबीच में ग्रीन, ब्लू और पर्पल कलर को बारीबारी से लगाएं.वैसे तो कोलोंबे्र की वैरायटी बहुत है, लेकिन आप उसे ही अपनाएं जो आप पर जंचे और जिसे आप अधिक दिनों तक लगा सकें.