गृहशोभा विशेष

कहते हैं आंखें दिल का हाल बयां करती हैं, मगर आप शायद यह नहीं जानते कि आंखें सेहत का हाल भी सुनाती हैं. स्वस्थ चमकदार आंखों की तुलना में थकीथकी, डार्क सर्कल्स से घिरी आंखें आप की गलत जीवनशैली और खराब सेहत का संकेत देती हैं. साथ ही आप को उम्रदराज भी दिखाती हैं. मेकअप से डार्क सर्कल्स छिपाने की कितनी भी कोशिश की जाए ये छिपते नहीं हैं.

क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स

डार्क सर्कल्स अस्तव्यस्त जीवनशैली, हारमोंस में परिवर्तन, आनुवंशिकता, तनाव आदि कई कारणों से हो सकते हैं.

थकान और तनाव: महिलाएं अपनी सेहत के प्रति लापरवाह होती हैं. पूरा दिन घर वालों की फरमाइशें पूरी करने में लगी रहती हैं. उन्हें अपने खानेपीने या आराम करने का होश नहीं रहता. औफिस जाने वाली महिलाओं पर काम का दोहरा बोझ होता है. इस तरह तनाव, शारीरिक थकावट और नींद की कमी उन की आंखों के नीचे काले घेरों के रूप में उभरने लगती है.

बीमारी: ऐनीमिया, किडनी रोग, टीबी, टाइफाइड जैसी कई बीमारियों में कमजोरी से आंखों के नीचे काले घेरे बन सकते हैं.

पानी की कमी: डिहाईड्रेशन की वजह से अकसर इस तरह की समस्या पैदा हो जाती है. कम पानी पीने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही ढंग से नहीं हो पाता, जिस से आंखों के नीचे की नसों को पूरा खून नहीं मिल पाता. नतीजतन डार्क सर्कल्स हो जाते हैं.

नशा: धूम्रपान, शराब, कैफीन या और किसी तरह का नशा करने की आदत भी डार्क सर्कल्स की वजह बन सकती है.

पिगमैंटेशन: तेज धूप में ज्यादा रहने से भी डार्क सर्कल्स पड़ जाते है.

मेकअप: आंखों के नीचे की त्वचा काफी पतली और सैंसिटिव होती है. गलत मेकअप प्रोडक्ट्स का प्रयोग डार्क सर्कल्स की वजह बन सकता है.

सोडियम और पोटैशियम की अधिकता: भोजन में इन की ज्यादा मात्रा से डार्क सर्कल्स हो सकते हैं. बींस, पीनट बटर, योगर्ट, दूध, टमाटर, संतरे, आलू वगैरह में पोटैशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है. अधिक नमक की वजह से भी शरीर में सोडियम अधिक मात्रा में पहुंच जाता है.

ऐलर्जी पैदा करने वाले खाद्यपदार्थ: डार्क सर्कल्स किसी खास खाद्यपदार्थ के प्रति ऐलर्जिक रिएक्शंस या सैंसिटिविटी का नतीजा भी हो सकते हैं. चौकलेट, मटर, यीस्ट, खट्टे फल, चीनी आदि सामान्य ऐलर्जिक फूड्स हैं.

क्या है उपाय

संतुलित और पौष्टिक भोजन: कोशिश करें कि आप के भोजन में विटामिन और आयरनयुक्त खाद्यपदार्थ पर्याप्त मात्रा में हों जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, मौसमी फल, मछली, अंडे आदि.

नींद: वैसे तो हर व्यक्ति के लिए नींद की जरूरत अलगअलग होती है, फिर भी औसतन एक युवा महिला को 6-7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए. कोशिश करें कि रोज रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें.

आंखों को तेज धूप से बचाएं: अपनी आंखों को अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में न आने दें. जब भी तेज धूप में निकलना हो काला चश्मा जरूर पहनें.

विटामिन सप्लिमैंट्स: विटामिन बी 12, बिटामिन ए, के, ई या डी, फौलिक एसिड आदि की कमी से भी डार्क सर्कल्स हो सकते हैं. इस के लिए डाक्टर की सलाह से मल्टीविटामिन और दूसरे सप्लिमैंट्स ले सकती हैं.

खूब पानी पीएं: दिनभर में 7-8 गिलास पानी जरूर पीएं. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए जूस, सूप और दूसरे पौष्टिक पेयपदार्थ भी बीचबीच में लेती रहें.

दूध: दूध लैक्टिक एसिड, अमीनो एसिड, ऐंजाइम्स, प्रोटीन और दूसरे कई ऐंटीऔक्सीडैंट्स के गुणों से

भरपूर होता है. अत: दिन में 2 बार दूध पीने की आदत डालें.

कंसीलर: एक अच्छी क्वालिटी का कंसीलर उपयोग में लाएं, जो त्वचा की टोन से मिलता हो. इस की सहायता से डार्क सर्कल्स कवर करें. फिर पाउडर बुरक कर इसे सैट कर लें.

स्किन पैच टैस्ट करें: जो उत्पाद त्वचा पर जलन पैदा करे या रैशज लाए, आंखों में दर्द या पानी आने की वजह बने उस का उपयोग तुरंत बंद कर दें.

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