सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है, जिस का बालों पर बहुत दुष्प्रभाव पड़ता है. मगर आप घबराएं नहीं, क्योंकि इन सर्दियों में बालों की सेहत बनाए रखने के लिए हम कुछ आसान तरीके जो बता रहे हैं:

मां के नुस्खें

– बाल रूखे होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं. आप जितना ज्यादा पानी पीएंगी आप का शरीर उतना ही हाइड्रेट बना रहेगा.

– एक बरतन में 2 नीबुओं के रस में थोड़ा पानी मिला कर घोल बना लें. अब इस घोल को स्कैल्प में लगाएं और उंगलियों से हलकीहलकी मसाज करें. कुछ देर लगाए रखने के बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें. इस से बालों की नमी बनी रहेगी.

– अंडा बालों के लिए एक नैचुरल कंडीशनर होता है, इसलिए एक बरतन में 2 अंडे फोड़ कर उन में नीबू का रस और थोड़ा सा औलिव औयल डाल कर घोल बना कर उसे स्कैल्प में लगाएं. सूख जाने पर माइल्ड शैंपू की मदद से धो लें.

– ऐलोवेरा जूस और दही को बराबर मात्रा में मिला कर स्कैल्प में लगाएं और 30-40 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें. सप्ताह में 2 बार इस उपाय से बालों का रूखापन हमेशा के लिए चला जाएगा.

– जोजोबा औयल, औलिव औयल या नारियल का तेल रूखे बालों के लिए अच्छा होता है, इसलिए सप्ताह में 2 बार इन में से किसी भी औयल से रात को बालों की मालिश कर सिर ढक कर सो जाएं. सुबह बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें.

ऐक्सपर्ट की राय: मुंबई के फेमस डर्मैटोलौजिस्ट डाक्टर मुर्थे का कहना है कि सप्ताह में 2 से 3 बार कोकोनट औयल, ऐवोकाडो औयल, कैस्टर औयल और बादाम औयल बराबर मात्रा में मिला कर स्कैल्प में लगा कर उंगलियों से हलकी मसाज करें. इसे रातभर लगाए रखने के बाद सुबह बालों को माइल्ड शैंपू से धो लें. ऐसा करने से बालों को हर तरह का पोषण एकसाथ मिल जाता है.

डाइट में बदलाव जरूरी

सिर्फ उपचार से ही नहीं, बल्कि खानपान में बदलाव से भी बालों की चमक और नमी वापस लौट सकती है. बस जरूरत है अपने खाने में इन जरूरी तत्त्वों को जोड़ने की:

– आयरन की कमी से शरीर में रैड सैल्स अच्छी तरह काम नहीं कर पाते, जो हमारे शरीर के सैल्स तक औक्सीजन पहुंचाते हैं. स्कैल्प में औक्सीजन न पहुंच पाने की वजह से बालों की ग्रोथ रुक जाती है, इसलिए भोजन में आयरनयुक्त पदार्थ जैसे पालक, रैड मीट, बींस, ब्रोकली, सीफूड, टमाटर, मसूर दाल आदि जरूर शामिल करें.

– जिंक बौडी में ही नहीं, बल्कि स्कैल्प में भी हारमोंस लैवल बैलेंस कर बालों का झड़ना कम करता है. इस की कमी से बालों का प्रोटीन स्ट्रक्चर टूटने लगता है और यही वजह है कि बाल कमजोर हो जाते हैं. जिंक बालों के टिशूज के बढ़ने में भी मदद करता है, इसलिए अगर आप लंबे और घने बाल चाहती हैं तो खाने में बींस, नट्स, अंडा, शकरकंद और ऐवोकाडो जरूर शामिल करें.

– मैग्नीशियम बालों के सैल्स को ठीक कर बालों के बढ़ने में मदद करते हैं. इन की कमी से कैल्सियम स्कैल्प में जमा होने लगता है, जिस से सिर की त्वचा सांस नहीं ले पाती और बाल झड़ने लगते हैं. अगर आप के बाल भी ज्यादा झड़ रहे हैं तो अपने भोजन में मछली, ड्राई फूट्स, केला, हरी सब्जियां, डार्क चौकलेट, दही, बींस, नट्स, दाल, अनाज जैसी चीजें शामिल करें.

– प्रोटीन फाइबर की मदद से बाल घने होते हैं. इस की कमी की वजह से बाल झड़ने लगते हैं. इसलिए जिन के बाल ज्यादा झड़ते हों उन्हें मछली, दाल, अंडा, दूध, पनीर, डेट्स, स्प्राउट, बींस, चिकन जैसी चीजें खानी चाहिए.

विटामिन बालों के लिए बेहद जरूरी है, खासतौर पर विटामिन ए और ई जो डैमेज हेयर टिशूज को रिपेयर कर सैल ग्रोथ में मदद करते हैं. ये हमारे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रखते हैं. विटामिन ए की पूर्ति के लिए शकरकंद, अंडे का पीला हिस्सा, दूध, पालक, आम, बटर, गाजर और ब्रोकली खाएं. विटामिन ई की कमी पूरी करने के लिए बादाम, मछली, पालक, पपीता, ऐवोकाडो, ब्रोकली, कीवी, पिस्ता, शिमलामिर्च, टमाटर का सेवन करें.

ऐक्सपर्ट की राय: डाक्टर मुर्थे के अनुसार इन खा-पदार्थों के अलावा आप बायोटिन युक्त टैबलेट्स ले सकती हैं, जो बालों की अंदरूनी देखभाल के लिए जरूरी होते हैं. इस के अलावा आप सप्लिमैंट्स के तौर पर मल्टीविटामिन टैबलेट्स का भी सेवन कर सकती हैं. बालों की ग्रोथ के लिए शरीर में हीमोग्लोबिन की सही मात्रा का होना बेहद जरूरी है, इसलिए आयरन टैबलेट्स का भी सेवन करें. ये शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाते हैं.

डा. रिंकी कहती हैं कि ओमेगा और फैटी ऐसिड युक्त भोजन करें. जो नौनवैज खा सकते हैं उन्हें ओशियन फिश, रैड मीट और अंडे खाने चाहिए और जो वैजिटेरियन हों उन्हें ऐवोकाडो, फ्लैक्स सीड्स, ओट्स, मिल्क प्रोडक्ट्स इत्यादि खाने चाहिए. इन के साथसाथ ऐसे फल और सब्जियां खानी चाहिए, जो चटक रंगों में आती हैं जैसे गाजर, बीटरूट, लाल भाजी, सेब, इत्यादि.

आजमाएं प्रोफैशनल ट्रीटमैंट

प्रोफैशनल हेयर स्टाइलिस्ट शाहजाद खान का कहना है कि कई बार महिलाओं के बाल इतने रूखे हो जाते हैं कि उन्हें प्रोफैशनल ट्रीटमैंट की जरूरत पड़ती है. यह ट्रीटमैंट आप डर्मैटोलौजिस्ट या प्रोफैशनल सैलून में करवा सकती हैं.

कैरोटिन ट्रीटमैंट: यह एक तरह का प्रोटीन ट्रीटमैंट है, जिस में बालों की अंदरूनी सतह कोटैक्स रिपेयर की जाती है. इस ट्रीटमैंट से ड्राई और बेजान, टूटतेगिरते बालों को ठीक किया जाता है. इस से बालों में चमक तो आती ही है, साथ ही वे मजबूत और घने भी हो जाते हैं.

सिस्टीन ट्रीटमैंट: यह भी कैरोटिन की ही तरह प्रोटीन ट्रीटमैंट होता है, जो खासतौर पर उलझे बालों को ठीक करने का काम करता है. यह ट्रीटमैंट उन के लिए है, जिन के बाल घुंघराले होने के साथसाथ रूखे भी होते हैं.

ऐक्सपर्ट की राय: डा. मुर्थे बताते हैं कि रूखे बेजान बालों के लिए 2 तरह के ट्रीटमैंट उपलब्ध हैं. एक है लेजर ट्रीटमैंट. इस में लेजर कोंब की मदद से बालों की अंदरूनी सतह रिपेयर की जाती है और दूसरा है मिजो थेरैपी. इस के इस्तेमाल में एक तरह के कैडिकेटेड घोल को स्कैल्प में डाल कर बालों की जड़ों को प्रोटीन दिया जाता है. ये दोनों ही ट्रीटमैंट बेहद कारगर होते हैं.

डा. रिंकी बताती हैं कि बेजान और रूखे बालों के लिए क्यूआर 678 थेरैपी की 8 से 10 सिटिंग्स लेनी जरूरी हैं, तो पीआरपी थेरैपी, जिसे वैंपायर थेरैपी भी कहा जाता है, भी बेहद कारगर मानी जाती है. इस में शरीर से खून ले कर उसे स्कैल्प में इंजैक्ट किया जाता है.

करें इस्तेमाल ये प्रोडक्ट्स

बालों की हेयर स्टाइलिस्ट रश्मि धुले बताती हैं कि कई बार कुछ महिलाएं गलत प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर स्कैल्प डैमेज कर लेती हैं. इसलिए उन प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए, जो बालों को नुकसान से बचाते हों.

बोअर ब्रिस्टल ब्रश: यह बालों से निकलने वाले नैचुरल औयल को स्कैल्प में अच्छी तरह फैलाने में मदद करता है. इस से बालों की फ्रिजिनैस कम होती है और स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है.

हीट प्रोटैक्टिंग स्प्रे: अगर आप ज्यादातर स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करती हैं, तो आप को इस प्रोडक्ट की बहुत जरूरत है. चाहे वह हेयर स्टे्रटनर हो या ड्रायर, इन के इस्तेमाल से पहले आप को हीट प्रोटैक्टिंग स्प्रे लगाना चाहिए, जो बालों के ऊपर एक कोट बना देता है, जिस से बाल डैमेज नहीं होते.

लिव इन कंडीशनर: इस के इस्तेमाल से बाल लंबे समय तक नर्ममुलायम रहेंगे और उन्हें मैनेज करना भी आप के लिए आसान हो जाएगा. बालों को धोने के बाद इसे मिड लैंथ से बालों के सिरे तक लगाएं और इसे बालों में लगा रहने दें, क्योंकि इसे धोने की जरूरत नहीं पड़ती.

ऐक्सपर्ट की राय: डाक्टर मुर्थे के अनुसार बालों के लिए हमेशा कम इनग्रीडिएंट वाले शैंपू का इस्तेमाल करें. ऐसे शैंपू का इस्तेमाल, जो बेहद माइल्ड और सोप फ्री हो, बालों के लिए अच्छा रहेगा. अगर बालों में रूसी हो तो सोप वाले शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए.

डा. रिंकी बताती हैं कि ऐसी महिलाओं को जिन्हें बाहर जा कर काम करना पड़ता है, उन के लिए रोजाना शैंपू करना जरूरी हो जाता है. ऐसे में बालों को नुकसान पहुंचे बगैर शैंपू करना हो तो सल्फेट फ्री मैडिकेटेड शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए.

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