गृहशोभा विशेष

80 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्री जयाप्रदा किसी के परिचय की मोहताज नहीं. उन्होंने तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, मराठी और बांग्ला भाषाओं की फिल्मों में अभिनय किया है. उस दौर के सभी बड़े कलाकारों के साथ जयाप्रदा ने अभिनय किया है, जिसमें अमिताभ बच्चन और जितेन्द्र खास थे और तकरीबन सभी फिल्में हिट रही. उस दौर में वह दर्शकों के घर की बहू, बेटी और पत्नी के रूप में जानी जाती रही हैं. वह एक खूबसूरत अभिनेत्री के रूप में भी जानी जाती हैं. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जब वह चोटी पर थी, तभी वे अभिनय को छोड़कर राजनीति में आई.

जयाप्रदा का फिल्मी सफर जितना अच्छा था, उतना उनका निजी जीवन अच्छा नहीं रहा. साल 1986 में उन्होंने फिल्म निर्माता श्रीकांत नाहटा से शादी की, जो पहले से शादीशुदा थे. इस शादी ने बहुत तूल पकड़ा, क्योंकि उन्होंने अपनी पहली पत्नी को बिना तलाक दिए ही दूसरी शादी की थी. बाद में नाहटा की पहली पत्नी ने आपसी सहमति के बाद जयाप्रदा और श्रीकांत नाहटा के रिश्ते को सहमति दी थी.

अभी जयाप्रदा फिल्मों के अलावा छोटे पर्दे पर एंड टीवी के धारावाहिक ‘परफेक्ट पति’ से डेब्यू कर रही है. उनसे मिलकर बात करना रोचक था, पेश है अंश.

प्र. टीवी पर आने के बारे में कैसे सोचा?

ये एक प्रोग्रेसिव कहानी है और मैं कुछ ऐसा ही करना चाहती थी. मेरे हिसाब से टीवी और फिल्म में बहुत अधिक अंतर नहीं होता. मुझे कुछ अर्थपूर्ण अभिनय करना पसंद है. पहले भी मैंने जो भी फिल्में की है, उसमें चरित्र, कहानी और बैनर को देखती थी. ये सभी चीजे सही होने पर मैं काम कर सकती हूं. मैंने अपने जीवन के हर फेज में अलग-अलग एक्सपेरिमेंट किये है. मैंने कभी अपने लुक्स के बारे में चिंता नहीं की, हमेशा अपनी परफोर्मेंस को ही देखा है. मैं अपने आप को ट्रेंडसेटर मानती हूं, क्योंकि मेरी साड़ियां, लुक्स को महिला दर्शकों को बहुत आकर्षित करती है और मैं वैसे ही अभिनय करने में विश्वास रखती हूं, जिसका प्रभाव समाज पर पड़े. मैं वर्तमान में जीना चाहती हूं.

प्र. आपकी खूबसूरती का राज क्या है?

मेरा जिंदगी में हमेशा एक उद्देश्य रहा है, जो मुझे सुंदर बनाये रखता है और अभिनेत्री के तौर पर सुंदर लगना ही चाहिए, क्योंकि हमारे दर्शक भी यही चाहते है. अपने आप को सुंदर बनाये रखना हर महिला के लिए जरुरी है. इसके लिए थोड़ी मेहनत की जरुरत पड़ती है, जिसमें महिला का मानसिक स्वास्थ्य, उसकी डाइट, एक्सरसाइज आदि सभी का संतुलन होना चाहिए. इसके अलावा आपकी मानसिक शक्ति भी बहुत स्ट्रोंग होना जरुरी है. मैं बहुत सारा काम करती हूं और सबके संतुलन को बनाकर उसे परफेक्ट करने की कोशिश करती हूं.

प्र. फिल्ममेकर सत्यजीत रे की ये बातें कि ‘आप दुनिया की खूबसूरत महिलाओं में एक है,’ आपको कितना प्रेरित करती है?

ये सही है, क्योंकि उनके कहने के बाद ही घरवालों ने मुझे सुंदर समझा था. मेरे पति ने भी मुझे सुंदर कहा था. सत्यजीत रे नहीं रहे, पर मेरी उनके साथ फिल्म करने की इच्छा थी, लेकिन वर्कआउट नहीं हुआ. कई बार मैं उनके घर पर भी गयी थी. उस समय मैं काम में व्यस्त थी. इस दौरान वे बीमार पड़े और बाद में उनकी मृत्यु हो गयी. बाद में मैंने एक बांग्ला फिल्म भी की थी.

प्र. क्या पुराने दौर को कभी आप मिस करती है?

नहीं, मैं कभी मिस नहीं करती. फिल्म इंडस्ट्री में जब फिल्में बनती है तो उस प्रोजेक्ट के साथ परिवार का माहौल रहता है, उसके बाद कोई भी सीनियर निर्देशक या कलाकारों के साथ न तो मिलता है और न ही उसकी खबर लेता है. फोन करने के बाद भी कोई मुश्किल से फोन पर मिलते हैं. इंडस्ट्री सुख दुःख में है, पर फ्रेंडशिप अधिक नहीं होती. आजकल तो सबके पास समय की कमी है और सभी व्यस्त है.

प्र. आपने अभिनय और राजनीति दोनों में काम किया है, ऐसा क्या है, जो दोनों में बाकी रह गया है?

किसी का भी अंत नहीं होता. मैंने जिस क्षेत्र को चुना, उसमें कोई अंत नहीं है, राजनीति में आप कितना भी काम करे, वह खत्म नहीं होता. हर दिन एक नया अनुभव होता है. फिल्मों की अगर बात करें, तो मुझे और भी अच्छे विषय पर काम करने की जरुरत है. राजनीति में भी में वर्तमान पर काम करना चाहती हूं. पुरानी चीजो की कोई वैल्यू अब नहीं रही, फिर चाहे राजनीति हो या अभिनय. आज की जेनेरेशन में पैसा या काम का होना जरुरी है. अगर दोनों में से एक भी नहीं है तो लोग आपको भूल जाते है.

प्र. आप एक डांसर भी है क्या अभी भी इसका परफोर्मेंस देती है?

एक्टिंग, म्यूजिक और डांस मेरा पैशन है. मेरी सारी फिल्में संगीत प्रधान थी, ऐसे में डांस जरुरी था. बचपन में जो डांस सीखा था, उसकी वजह से मैं सफल हो पाई. मैंने डांस को लेकर एक बैले आम्रपाली की है. पहले बहुत परफोर्मेंस करती थी, लेकिन अब राजनीति को लेकर थोड़ी व्यस्त हो गयी थी. इसलिए कम हो गयी है. मेरी पहचान मेरी फिल्में हैं और मैं एक कलाकार हूं. उसे ही मैं कायम रखना चाहती हूं.

प्र. आप तरह-तरह की साड़ियां पहनती है, आप साड़ियों की कितनी शौक़ीन है?

साड़ियों का शौक़ हमेशा से रहा है, मुझे इसे पहनना और डिजाइन करना अच्छा लगता है.

प्र. श्रीदेवी के साथ आपने कई फिल्में की है, उनकी कोई याद बताएं.

ये सही है, मैंने कई फिल्में उनके साथ की है और वे सफल भी रही हैं. मुझे दुःख इस बात का है कि बहुत कम उम्र में वे चल बसी. मुझे उनकी बेटियों के लिए भी दुःख महसूस होता है.

प्र. नए जेनेरेशन के किन–किन कलाकारों के काम को आप पसंद करती है?

मुझे आलिया भट्ट और अनुष्का शर्मा का काम बहुत पसंद है. मैंने उनकी फिल्में देखी है.

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