गृहशोभा विशेष

फिल्म ‘सिंह साहब द ग्रेट’ से कैरियर की शुरुआत करने वाली खूबसूरत अदाकारा उर्वशी रौतेला, उत्तराखंड के हरिद्वार की हैं. स्कूल के दिनों से ही मौडलिंग की शुरुआत करने वाली उर्वशी ने 2015 में ‘मिस दिवा’ का खिताब जीता. उन्होंने ‘मिस इंडिया यूनिवर्स 2015’ का प्रतिनिधित्व भी किया. हिंदी के अलावा उन्होंने कन्नड़ और बंगाली फिल्मों में भी काम किया है. फिल्म ‘हेट स्टोरी 4’ में उर्वशी ने मुख्य भूमिका निभाई है. उन से मिल कर बात करना रोचक रहा. पेश हैं, कुछ खास अंश:

‘हेट स्टोरी 4’ फिल्म पर क्या कहना चाहेंगी?

यह एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है. कहने को तो यह हेट स्टोरी है, पर इस श्रृंखला को सब से अधिक प्यार मिला है. यह मेरे कैरियर की पहली महिलाप्रधान फिल्म है. इस से पहले की फिल्मों में मैं ने सहायक भूमिकाएं की थीं, जिन में कामयाबी और नाकामयाबी दोनों थीं.

फिल्म में ‘हील्स कोरियोग्राफी’ है, जिसे आप ने किया है. यह कैसे और कहां सीखी?

मैं ने डांस के 11 फौर्म सीखें हैं. मसलन, भरतनाट्यम, जैज, बैले, बौलीवुड डांस आदि. इस से मुझे किसी भी प्रकार के डांस को परर्फोम करने में परेशानी नहीं होती है. इस के अलावा मैं ने इस फिल्म में एक सुपर मौडल की भूमिका भी निभाई है, जो बहुत साहसी, मजबूत, आत्मविश्वास से परिपूर्ण होने के साथसाथ सौफ्ट और संवेदनशील भी है.

क्या फिल्मों में आना इत्तफाक था या पहले से सोचा था?

मैं ने फिल्मों में आने की कभी कल्पना भी नहीं की थी. मैं जिमनास्ट, बास्केटबौल प्लेयर या ऐरोनौटिकल इंजीनियर बनना चाहती थी. फिल्मों में आने के लिए परिवार वालों और दोस्तों ने कहा. पहले मुझे लगा था कि पता नहीं मैं इस क्षेत्र में सफल होऊंगी या नहीं, पर जब मौडलिंग के औफर आने लगे, तो अपने ऊपर विश्वास हुआ, फिर जब 2 बार मिस इंडिया का खिताब जीता, तो आत्मविश्वास और बढ़ा.

किस फिल्म ने आप को प्रेरित किया?

मैं ने पहले थिएटर में फिल्म ‘कहो न प्यार है’ देखी थी. उस में रितिक के अभिनय से बहुत प्रेरित हुई थी. इस के बाद जब उन्होंने फिल्म ‘काबिल’ के गाने ‘हसीनों का दीवाना…’ डांस के लिए बुलाया, तो मुझे बहुत खुशी हुई थी. डांस मेरा ऐक्स्ट्रा टेलैंट है और अभिनय मेरा पैशन है.

परिवार का कैसा सहयोग रहा?

मैं इकलौती संतान हूं और बचपन से ही पैंपर्ड चाइल्ड रही हूं. मैं 16 साल की उम्र में मुंबई आ गई थी. मेरी मां मीरा रौतेला बिजनैस वूमन होने के साथसाथ इंडस्ट्री की सब से सुंदर महिला भी हैं. मेरे पिता व्यवसायी हैं. उन से मानसिक और भावनात्मक सहयोग मुझे हमेशा मिला.

मिस दिवा’ से ले कर अब तक का सफर कैसा रहा?

मुझे मिस इंडिया बनना था और मैं ने कई ब्यूटी पेजैंट भी जीते हैं, जिस से मैं लोगों के बीच जल्दी पौपुलर हो गई, इस से मुझे मौडलिंग और ऐक्टिंग के औफर भी मिलने लगे. अगर बात मुश्किल की करें तो मैं ने 16 साल की उम्र में ‘मिस यूनिवर्स’ के लिए पूरी तैयारी की थी, लेकिन कंपीटिशन के समय मैं 20 दिन छोटी होने की वजह से भाग नहीं ले सकी थी. यह मेरे लिए बहुत दुखद था. सही फिल्मों के मिलने के लिए संघर्ष होता ही है.

क्या कभी ‘कास्टिंग काउच’ का सामना करना पड़ा?

कास्टिंग काउच का सीधा सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन कभी मुझे लीड बता कर किसी स्टार किड्स को ले लेना जैसी समस्याओं का सामना जरूर करना पड़ा. इंडस्ट्री में भाईभतीजावाद है, लेकिन अगर मेरे अंदर प्रतिभा है, तो मैं उसे किसी न किसी दिन अवश्य बाहर लाने में समर्थ होऊंगी. समय लगता है, पर काम अवश्य मिलता है.

आप की खूबसूरती का राज क्या है?

मेरी खूबसूरती का राज मेरे मातापिता हैं, जिन्होंने अपने जींस मुझे दिए. इस के अलावा उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां हैं.

कोई ड्रीम प्रोजैक्ट है?

मेरी किसी प्रोजैक्ट से अधिक खास निर्देशक के साथ काम करने की इच्छा है, जिस में संजय लीला भंसाली और राजू हिरानी के नाम सब से ऊपर हैं.

आप को ले कर कई बार ट्रोलिंग हुई है. उसे कैसे लिया?

ट्रोलर्स तो ट्रोल करते ही रहेंगे. मैं उस पर अधिक ध्यान नहीं देती. इग्नोर करती हूं.

गृहशोभा की महिलाओं के लिए क्या संदेश देना चाहती हैं?

महिलाएं अपने काम के साथसाथ अपने ज्ञान को भी हमेशा बढ़ाएं और अपनी बेटियों को पूरी तरह से शिक्षित करें, ताकि परिवार और समाज उन्नति करें.

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