गृहशोभा विशेष

थिएटर से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म ‘तनु वेड्स मनु’ में पायल की भूमिका निभाकर नाम कमाया. इसके बाद रांझणा, प्रेम रतन धन पायों, नील बटे सन्नाटा, अनार कली आफ आरा आदि कई फिल्मों में जबरदस्त भूमिका निभाकर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बना ली है. स्वरा जानती हैं कि वह आउटसाइडर है और उन्हें कोई भी आसानी से फिल्मों में बड़ी स्टारकास्ट नहीं लेगा, इसलिए वह छोटी, पर दमदार भूमिका को करती रहीं, ताकि इंडस्ट्री में पहचान बने और आज उन्हें बड़ी स्टारकास्ट के साथ कमर्शियल फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ करने का अवसर मिला. स्पष्ट भाषी स्वरा के घर पर उससे मुलाकात हुई. पेश है अंश.

वीरे दी वेडिंग में आपकी भूमिका क्या है?

इसमें मैं साक्षी सोनी की भूमिका निभा रही हूं जो अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद है, मुंहफट है. मैं बहुत उत्साहित हूं, क्योंकि अबतक की भूमिका में मैंने अभी तक किसी अमीर चरित्र को निभाया नहीं है. अब तक के मेरे सारे चरित्र मजदूर वर्ग या निचले तबके के थे. ये मेरे लिए नया है और मैंने मेहनत से निभाया है. काफी तैयारियां करनी पड़ी. इसमें मुझे ग्लैमरस भूमिका निभानी पड़ी, जिसके लिए मुझे स्लिम भी होना पड़ा.

ये चरित्र आपसे कितना मेल खाती है?

मैं हर किरदार को किसी न किसी रूप में अपने जैसा बना देती हूं. मैं अमीर पिता की बिगड़ी हुई औलाद नहीं हूं. मैं स्ट्रिक्ट पिता की अच्छी बेटी हूं. मनमानी करने की जो आदत है, वह मैं करती हूं. मेरे परिवार की ये शिकायत होती है कि मैं किसी की सुनती कम और अपनी अधिक करती हूं. इसके अलावा मुझे गाली देने की आदत है, जो मेरे चरित्र में भी है.

इतने सारे को-स्टार के साथ काम करने का अनुभव कैसा था?

सभी अभिनेत्रियों के साथ काम करने का अनुभव अलग था, बहुत मजा आया. मैंने करीना कपूर और  सोनम कपूर से बहुत कुछ सीखा भी है. दोनों बड़े अनुशाषित ढंग से काम करती हैं. साथ ही क्रू मेम्बर में भी अधिकतर लड़कियां ही थी. निर्देशक रिया कपूर ने पूरी फिल्म की स्टाइलिंग भी की है. सारा माहौल बड़ा मजेदार था.

आप अपनी यहां तक की जर्नी को कैसे देखती हैं?

7 साल की लम्बी जर्नी हो गयी है. मैं आउटसाइडर हूं, लेकिन उस लिहाज से काफी काम किया है. मेरे जैसे एक्ट्रेस को आगे बढ़ने में समय लगता है. कोई मुझे तुरंत किसी सुपरस्टार के साथ लौंच नहीं करेगा ये मुझे पता था, इसलिए मुझे जो स्क्रिप्ट मिली, उसी में से मैंने अपने हिसाब से अच्छा चुन लिया और काम करती रही. इस दौरान मैंने अच्छे लोगों के साथ अच्छा काम किया.

आपने यंग ऐज में मां की भूमिका निभाई, क्या आपको रिस्क नहीं लगा?

देखा जाय तो मेरी पूरी जर्नी रिस्क से ही भरी हुई है. जब मैं यहां नयी आई थी, तो सबने बहुत राय दी, लेकिन मैंने वही किया जो मुझे ठीक लगा. फिर चाहे वह ‘प्रेम रतन धन पायो’ हो या ‘रांझणा’ मैंने किया और अच्छी बात ये रही कि ये फिल्में हिट रहीं, जिससे मेरी पहचान बनी. फिल्म ‘नील बटे सन्नाटा’ में 15 साल की बेटी की मां की भूमिका निभाई, सबने मना किया, पर मैंने किया. मुझे पहले डर भी लगा था, लेकिन जब आपको कोई बात से डर लगे, मतलब वह आपके कम्फर्ट जोन से बाहर है और उसे करना चाहिए. मुझे उसकी कहानी बहुत अच्छी लगी थी, मैंने किया और फिल्म भी सफल रही. इस फिल्म ने ही मेरी जिंदगी बदल दी.

आप स्पष्टभाषी हैं, इसका असर आपके कैरियर पर कभी पड़ा?

फिल्मों पर तो कभी नहीं पड़ा, लेकिन मैं इस देश की नागरिक हूं और देश की किसी भी हालत की जानकारी मुझे रखनी चाहिए. इसमें अगर कुछ गलत लगता है, तो कहने से मैं हिचकिचाती नहीं. ये आदत मुझे बचपन से मिला है, मेरे माता-पिता ने हमेशा सही संस्कार दिए और क्या सही, क्या गलत को समझना सिखाया है.

आज की लड़कियां शादी जैसी संस्था से घबराती हैं, इस बारें में आपकी राय क्या है?

मेरे हिसाब से शादी सबकी पर्सनल च्वाइस होनी चाहिए, क्योंकि इसमें आप एक दूसरे व्यक्ति के साथ आजीवन रहने वाले हैं. वह च्वाइस आजादी के साथ होनी चाहिए. मुझे पर्सनली शादी जैसी संस्था पर बहुत विश्वास है, क्योंकि मुझे परिवार बहुत पसंद है और मैं अपने परिवार के बहुत करीब हूं. पारिवारिक माहौल को मैं बहुत एन्जाय करती हूं. शादी परिवार का पहला फाउंडेशन है, क्योंकि जब आप शादी करते हैं तब एक परिवार को शुरू कर पाते हैं. एक अच्छी पार्टनरशिप आपको आगे ले जा सकती है और ये मैंने अपनी माता-पिता में देखा है. जब मैं 10 साल की और मेरा भाई 8 साल का था तो 35 साल की उम्र में मेरी मां 4 साल के लिए अमेरिका पी एचडी करने गयी. वे दोनों अपने इस फैसले से बहुत खुश थे. पिता ने 4 साल तक हमें सम्हाला और ये पिता के सहयोग की वजह से ही हो पाया. मुझे याद आता है जब मेरा पहला पीरियड हुआ तो मेरी नानी और मेरे पापा थे. उन्होंने मुझे सम्हाला. हां ये सही है कि कुछ लोगों के शादी को लेकर बुरे अनुभव भी होते हैं, लेकिन अगर च्वाइस, आजादी, अभिव्यक्ति को मध्य में रखकर शादी करें, तो शादी सकारात्मक हो सकती है?

फिटनेस के लिए क्या करती हैं?

फिटनेस के लिमए अधिक कुछ नहीं करती. योग और जिम करती हूं.

आगे क्या कर रही हैं?

मैं तीन वेब सीरीज कर रही हूं.

क्या कोई ड्रीम प्रोजेक्ट है?

इंदिरा गांधी पर बायोपिक करना चाहती हूं और एक पुरुष की भूमिका निभाना चाहती हूं.

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