गृहशोभा विशेष

‘गोलमाल रिटर्न’, ‘आई एम 24’, ‘डैंजरस इश्क’, ‘लव यू सोनियो’, ‘रांझणा’, ‘राउडी राठौड़’, ‘कांची’, ‘रिवाल्वर रानी’, ‘गुरू दक्षिणा’, ‘द एक्सपोज’, ‘प्रेम रतन धन पायो’ तथा ‘दो लफ्जों की कहानी’ सहित कई भाषाओं की फिल्मों, टीवी सीरियलों में पार्श्वगायन करते हुए 23 वर्षीय गायक अन्वेशा ने कम उम्र में 350 गीत गाने का रिकार्ड बनाया है. अन्वेशा ने न सिर्फ पार्श्वगायन किया, बल्कि वह कई टीवी के रिएलिटी शो का हिस्सा रही हैं. वह अब तक अमरीका, बांगलादेश, न्यूजीलैंड, यूएई, कनाडा, यूक्रेन, ओमान और थाईलैंड सहित कई देशों में म्यूजिकल कंसर्ट कर चुकी हैं.

23 वर्षीय अन्वेशा ने तीन वर्ष की उम्र से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था. वह बताती हैं, ‘‘मेरा जन्म मुंबई के पास विरार में हुआ. जब मैं दो वर्ष की थी, तभी हम लोग कोलकाता रहने चले गए. मेरी पहली संगीत की गुरू मेरी मां हैं. मेरी मां मीता दत्ता गुप्ता भी गायक थीं. उन्होंने ही मुझे सबसे पहले सुर व ताल की शिक्षा दी. संगीत की एबीसीडी उन्होंने ही मुझे सिखायी. फिर चार साल की उम्र में मैने हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक जयंत सरकार से संगीत की विधिवत शिक्षा लेनी शुरू की. उसके बाद मैंने पटियाला घराने के पंडित अजोय चक्रवर्ती से संगीत की शिक्षा ली. 13 वर्ष की उम्र मैं ‘वायस आफ इंडिया’ संगीत प्रधान रिएलिटी शो से जुड़ी. फिर रियालिटी शो ‘छोटे उस्ताद’ का हिस्सा बनी. 14 साल की उम्र में मैने सबसे पहले बौलीवुड फिल्म ‘गोलमाल रिटर्न’ के लिए एक गीत गाया. उसके बाद से मैंने हिंदी, तमिल, बंगाली, तेलगू, कन्नड़, मलयालम भाषाओं की कई फिल्मों में पार्श्वगायन करते हुए 350 से अधिक गीत गा चुकी हूं. बहुत जल्द लोग ‘भालो लागे तोमको’ व ‘अमार जी किचू कोथा’ बंगला फिल्मों के अलावा हिंदी फिल्म ‘तुझसे मिलके ये बावरा’ तथा मलयालम फिल्म ‘मिन्ना मिनंगूं’ सहित कुछ अन्य फिल्मों में मेरी आवाज में स्वरबद्ध गीत सुन सकेंगे.’’

अन्वेशा अब तक सर्वश्रेष्ठ गायक के तकरीबन बीस अवार्ड भी जीत चुकी हैं. वह कहती हैं, ‘‘इन पुरस्कारों से मेरा हौसला बढ़ा. मैं आज भी हर दिन करीबन चार घंटे संगीत का रियाज करती हूं.’’

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