इन दिनों बौलीवुड में नेपोटिजम का मुद्दा गरमाया हुआ है, जिसके चलते ‘यशराज फिल्मस’ की नई फिल्म ‘‘कैदी बैंड’’ के नायक आदर जैन काफी दुखी हैं. उनका दावा है कि काफी संघर्ष के बाद उन्हें फिल्म ‘कैदी बैंड’ में अभिनय करने का अवसर मिला.

खुद आदर जैन कहते हैं, ‘‘जब लोग कहते हैं कि मुझे नेपोटिजम की वजह से फिल्म मिली, तो काफी दुख होता है. लोग मेरी मेहनत, मेरे संघर्ष को अनदेखा कर रहे हैं. पर मैं नया हूं और मैं अपने काम से ही इसका जवाब दे सकता हूं. सच कह रहा हूं, मैंने काफी संघर्ष किया. फिल्म ‘कैदी बैंड’ के लिए कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा के साथ तीन माह तक आडीशन देने में बिताया. आडीशन देते समय हमें पता नहीं होता कि इसका क्या परिणाम सामने आएगा. तीन माह में मैंने कई बार आडीशन दिया. आडीशन देकर घर पहुंचता, दो तीन दिन तक जवाब न मिलता तो सोचने बैठ जाता कि मेरे अंदर अभिनय प्रतिभा है या नहीं. फ्रस्टेशन भी हो रहा था.’’

जी हां! एक दिन तो आदर जैन इस कदर फ्रस्ट्रेशन के शिकार हो गए कि उनकी समझ में ही नहीं आ रहा था कि अब वह क्या करें. ऐसे वक्त में उनकी नानी कृष्णा राज कपूर ने उन्हें एक कहानी सुनायी. उस कहानी को सुनकर और अपनी नानी की सलाह पर आदर जैन नए जोश के साथ संघर्ष करने को तैयार हुए.

इस बारे में आदर जैन बताते हैं, ‘‘जब मैं फ्रस्ट्रेट होकर अपनी नानी के पास पहुंचता, तब मेरी नानी मेरा उत्साह बढ़ाती थीं. वह कहती थीं कि आप सफल हो या न सफल हो, मगर यहां करियर में उपर नीचे होता रहेगा. एक दिन मेरी नानी ने एक कहानी सुनायी. जब मेरे नाना जी फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ बना रहे थे, उस वक्त बहुत सी समस्याओं से उन्हें जूझना पड़ा. आज इस फिल्म को क्लासिक कल्ट फिल्म के रूप में गिना जाता है. मगर उस वक्त यह फिल्म असफल हो गयी थी. इस फिल्म से उन्हें बड़ा धक्का लगा था. नानी ने बताया कि फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के निर्माण के समय नाना जी को कितनी समस्याओं से जूझना पड़ा था. उन्हें घर गिरवी रखना पड़ा. घर में जो ज्वेलरी थी, वह सब बेचनी पड़ी. इस फिल्म के असफल होने के बाद मेरे नाना जी ने फिल्म निर्माण व निर्देशन से तौबा नहीं किया. बल्कि उसके बाद दूसरी फिल्म ‘बाबी’ बनायी, जिसने सफलता का नया रिकार्ड बनाया था. तो आपको खुद को गिराना नहीं है. बल्कि आपको फाइट करना है. नानी ने कहा, आदर तुझे सिर्फ लड़ना है. प्रयास करना है. मेहनत करनी है. फिल्म मिलेगी या नहीं, यह मत सोचो. केवल अपना कर्म करते जाओ. आप दिल लगाकर आडीशन देते समय अभिनय करो. नानी से यह सुनकर मेरा जोश बढ़ गया.’’