इन दिनों जिस तरह से हॉलीवुड फिल्में भारतीय भाषाओं में डब होकर भारत में प्रदर्शित हो रही है और बॉलीवुड फिल्मों के मुकाबले कॉफी ज्यादा अच्छा व्यवसाय सिर्फ भारत में ही कर रही हैं, उससे बॉलीवुड के फिल्मों से करोड़ों के चेहरे पर हताशा के चिन्ह साफ नजर आ रहे हैं. साल 2016 में भारतीय सिनेमाघरों से धन कमाने के मामले में हॉलीवुड फिल्म ‘जंगल बुक’ तीसरे नंबर पर रही थी. इतना ही तीन मार्च को ‘‘कमांडो 2’’ के साथ ही प्रदर्शित हुई हॉलीवुड फिल्म ‘लोगन’ भी ‘कमांडो 2’ से कहीं ज्यादा व्यवसाय कर रही है. इससे बॉलीवुड के फिल्मकार खतरा महसूस कर रहे हैं. मशहूर फिल्म निर्देशक तथा फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ‘‘फैंटम’’ से जुड़े विक्रमादित्य मोटावाणी तो इसे बॉलीवुड के फिल्मकारों के लिए चेतावनी मानते हैं.

इसी खतरे के संदर्भ में ‘‘सरिता’’ पत्रिका से खास बातचीत करते हुए विक्रमादित्य मोटवाणी ने कहा ‘‘हम लोगों के लिए यह वेक-अप कॉल है. ये हम लोगों को जगाने वाला एक संदेशा है. ‘जंगल बुक’ ने बॉक्स ऑफिस पर जो कमाई की है, वह तीसरे नंबर पर है. यह बहुत बड़ी बात है. तो साफ तौर पर ये आंकडे़ हमसे कह रहे हैं कि जाग जाओ और थिएटर के लायक कोई फिल्म बनाओ. ‘जंगल बुक’ एक ऐसी फिल्म थी, जिसे सभी ने थिएटर में जाकर देखा था, तो अब हमें ऐसी फिल्में बनानी पडेंगी, जिन्हें थिएटर में जाकर देखने में ही मजा हो. तो अब मेरा भी ध्यान इस बात पर है कि हमें ऐसी फिल्में बनानी हैं, जिन्हें दर्शक थिएटर में जाकर देखें और उनका टीवी पर आने का इंतजार ना करें. ‘दंगल’ भी एक थिएटर फिल्म है.’’