मशहूर रंगकर्मी और लेखक बी एम व्यास के बेटे सुमित व्यास सोलह साल की उम्र से थिएटर करते आ रहे हैं. 2009 से उन्होंने टीवी सीरियल व फिल्मों में अभिनय करना शुरू किया था. सुमित व्यास ने श्रीदेवी के साथ ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के अलावा ‘पार्च्ड’, ‘औरंगजेब’, ‘गुड्डू की गन’ सहित कुछ फिल्में की. पर उन्हें शोहरत मिली सफल वेब सीरीज ‘परमानेंट रूममेट्स’ में लेखक मिकेश के किरदार में. पर अब वह तीन नवंबर को प्रदर्शित हो रही कलकी केकला के साथ फिल्म ‘रिबन’ हीरो बनकर आ रहे हैं. इतना ही नहीं उन्हें करीना कपूर के साथ फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ में अभिनय करने का मौका मिल गया है.

खुद सुमित व्यास बताते हैं कि ‘‘फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ से जुड़ना एक बड़ा अवसर है. वैसे अभी इस फिल्म को लेकर बहुत ज्यादा कुछ नहीं बता सकता. मगर शशांक घोष निर्देशित इस फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है. इसमें मेरा किरदार करीना कपूर के अपोजिट है. करीना कपूर के साथ मेरे कुछ इंटेंस सीन भी हैं.’’

सुमित व्यास आगे कहते हैं, ‘‘16 साल की उम्र से थिएटर कर रहा हूं. 2009 से टीवी व फिल्में भी कर रहा हूं. 2000 में मैंने के नादिरा बब्बर के नाट्य ग्रुप के साथ जुड़कर अभिनय करना शुरू किया था. अब तक पचास से अधिक नाटकों के कई हजार शो कर चुका हूं. मगर थिएटर में पैसा कम है, जबकि कलाकार के तौर पर काम करने में थिएटर पर ही ज्यादा मजा आता है. जबकि टीवी सीरियल व फिल्मों में पैसा ज्यादा है. सच कह रहा हूं. कुछ वर्षों तक मैं सीरियल पैसे के लिए करता रहा, बाकी दिन थिएटर करते हुए मजे ले रहा था. फिर मुझे लगा कि पहचान बनाने के लिए टीवी व फिल्म पर ध्यान देना जरुरी है. बौलीवुड की विडंबना यह है कि कलाकार की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां से उसकी फिल्म को सफलता मिले, तो कुछ लोगों के अनुसार मैं ‘परमानेंट रूममेट्स’ से सफल हुआ. अब मुझे कलकी केलका के संग फिल्म ‘रिबन’ करने में मजा आया. इस फिल्म में अभिनय करने के लिए मुझे वह सब भूलना पड़ा, जो मुझे आता था और नए सिरे से एक किरदार को निभाने में मजा आया.’’

फिल्म ‘रिबन’ की चर्चा करते हुए सुमित व्यास कहते हैं, ‘‘इसमें नए नवेले पति पत्नी करण व शहाना के जीवन की शादी से एक वर्ष पहले से लेकर शादी के बाद चार पांच वर्ष तक की कहानी है. आज के जमाने की कहानी है. जब पति पत्नी अकेले रहते हैं और दोनों कामकाजी हैं. उनके बीच उनका अपना एक बच्चा आ जाने से किस तरह उनका अपना रिश्ता हिलने लगता है. उसमें दरार पड़ने लगती है. दोनों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि, ‘जब हमारा बच्चा होगा, तो हमारे बीच का रोमांस कहां चला गया’. बच्चे के आने के बाद धीरे धीरे किस तरह से एक रिश्ता बिगड़ने लगता है. जब कोई बड़ी समस्या आती है, तो अंदर का पुरुषत्व जाग उठता है. बच्चे के हो जाने पर पत्नी का घर से बाहर नौकरी पर जाना बंद हो जाता है. करण को बाहर ज्यादा काम करना पड़ता है. फिर कुछ समय बाद पत्नी चाहती है कि अब वह पुनः अपनी नौकरी पर जाए, तब सवाल उठता है कि बच्चे के साथ कौन रहेगा. फिल्म में मूल मुद्दा यही है कि बच्चा पति और पत्नी में से किसकी जिम्मेदारी है. इस फिल्म में एक ऐसी लड़ाई है, जिससे आज की युवा पीढ़ी का हर नौजवान लड़ रहा है.’’

अपने पिता बी एम व्यास की ही तरह सुमित व्यास को भी लेखन का शौक है. वह बताते हैं कि ‘‘मैं लिखता हूं. मैंने एक वेब सीरीज ‘ट्रिपलिंग’ लिखी थी. उसके बाद ‘यशराज फिल्मस’ की वेब सीरीज ‘बैंड बाजा बारात’ लिखी. इन दिनों ‘ट्रिपलिंग’ का भाग दो लिख रहा हूं. कुछ लघु फिल्में लिखी हैं. एक फीचर फिल्म ‘पर स्कवायर फुट’ लिखी है, जिसका निर्माण सिद्धार्थ राय कपूर कर रहे हैं.’’