फिल्म ‘नकाब’ से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाली मौडल और अभिनेत्री उर्वशी शर्मा दिल्ली की रहने वाली हैं. उन्होंने ‘नकाब’, ‘खट्टामीठा’, ‘आक्रोश’ आदि कई फिल्मों व टीवी शोज और विज्ञापनों में काम किया है. 2005 में वे मुंबई आईं और कुछ समय बाद उन्होंने अपने बौयफ्रैंड निर्माता और ऐक्टर सचिन जोशी से शादी कर ली. काम से थोड़े दिनों के लिए उर्वशी ने बे्रक ले लिया और फिर ‘फियर फैक्टर’ शो में आईं. वे एक बच्चे की मां हैं और अब एक धारावाहिक ‘एक मां जो लाखों के लिए बनी अम्मा’ में जीनत की मुख्य भूमिका निभा रही हैं. पेश हैं उन से हुई बातचीत के खास अंश.

इस शो में आने की प्रेरणा कैसे मिली?

पहली बार जब निर्देशक फरहान ने मुझे कहानी सुनाई और कहा कि शो की शूटिंग हैदराबाद में होगी. इस दौरान मुझे वहीं रहना पड़ेगा. एक बार तो मुझे लगा कि वे मेरा टाइम वेस्ट कर रहे हैं. मैं मना करने वाली थी, क्योंकि परिवार छोड़ कर वहां जाना मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मेरे पति ने जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो उन्होंने कहा कि तुम्हें एक अच्छा चरित्र करने को मिल रहा है. यह एक ड्रीम प्रोजैक्ट है, इसलिए तुम इसे स्वीकार कर लो. बस, मैं ने फरहान का औफर स्वीकार कर लिया.

इस में कितना होमवर्क किया?

मेरे लिए इस में होमवर्क है भी और नहीं भी. यह एक आम औरत की कहानी है, जिस का पति अगर उसे निकाल दे, तो वह क्या करेगी जबकि उस के पास एक बच्चा भी है. अपने और अपने बच्चे के लिए हर औरत किसी भी परिस्थिति से लड़ सकती है, बस यही अभिनय करना था, इसलिए कोई रिसर्च नहीं करनी पड़ी. लेकिन हां, यहां की भाषा, रहनसहन, कपड़े कैसे पहनने हैं आदि चीजें सीखनी पड़ीं, क्योंकि यह चरित्र एक मुसलिम औरत का है और मैं तो पंजाबी हूं. किसी रोल मौडल को फौलो नहीं करना था. इस में अभिनय करने में लेखक और निर्देशक ने मेरा भरपूर साथ दिया.

आप ने इतनी जल्दी शादी कर कैरियर पर बे्रक क्यों लगा दिया?

यह मेरी प्रायोरिटी थी. मैं कम उम्र में शादी करना चाहती थी. समय रहते अगर शादी न की जाए तो उस पर बे्रक लग जाता है. मुझे सचिन मिले, हम दोनों में प्यार हुआ और फिर हम ने शादी कर ली. अब मैं जो चाहूं कर सकती हूं.

परिवार के साथ काम कैसे करती हैं? पति का कितना सहयोग मिलता है?

मैं ने अपनी मम्मी को अपने पास बुला रखा है. वे पूरा घर मैनेज कर लेती हैं. साथ ही, हैदराबाद में मेरा घर है, इसलिए कोई खास परेशानी नहीं है. पति का काफी सहयोग है. उन्होंने ही काम करने के लिए मुझे प्रेरित किया. अब वे ‘बेबी सिटिंग’ कर रहे हैं. जब वे काम करते हैं तब मैं ‘बेबी सिटिंग’ करती हूं.

रीयल लाइफ में आप अन्याय के विरुद्ध कितना लड़ती हैं? क्या कभी आप के साथ कुछ ऐसी घटना घटी?

रीयल लाइफ में अन्याय के खिलाफ मैं कुछ भी कर सकती हूं. मेरे साथ कई बार ऐसी घटनाएं घटी हैं. सिरफिरे लड़के जो टाइमपास करने के लिए किसी को देख कर कमैंट पास करते हैं उन्हें मैं ने पकड़ कर मारा है. स्कूल टाइम में जब मैं और मेरी बहन स्कूल जाती थीं तब एक लड़का हमें रोज फौलो करता था. हम दोनों बहनें तकरीबन एकजैसी दिखती हैं, इसलिए कभी वह मुझे फौलो करता था तो कभी मेरी बहन को. हम ने उसे समझाया कि ऐसा करना छोड़ दो, यह हमें पसंद नहीं. वह हमारे घर तक आ गया, क्योंकि उसे फ्रैंडशिप करनी थी. फिर हम ने पुलिस में उस की रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस वाले सादी पोशाक में आए और उसे पकड़ लिया. उस के बाद वह कभी हमारे पीछे नहीं आया.

इस किरदार की चुनौती क्या है?

इस में शूटिंग करना बहुत चैलेंजिंग था. 50 डिगरी तापमान में ऐक्टिंग करना बहुत मुश्किल था. जब संवाद बोले जाते थे तो फैन बंद करना पड़ता था.

इस धारावाहिक में सारे गहने आप के हैं. ऐसा क्यों? रीयल लाइफ में आप कितनी फैशनेबल हैं?

मैं हमेशा डायमंड पहनती हूं. सोना नहीं पहनती. मुझे आर्टिफिशियल ज्वैलरी से एलर्जी है. फैशन मेरे लिए आरामदायक होना चाहिए, मैं हर रंग पहनती हूं, लेकिन सफेद रंग मुझे ज्यादा पसंद है.

आज महिलाएं बहुत आगे बढ़ने के बावजूद प्रताडि़त हो रही हैं. उन के लिए क्या संदेश है?

महिलाओं को समझना है कि जितना परिवार के लिए पुरुष जरूरी है उतनी ही महिला भी है. अगर हम उत्पीड़न सहेंगे तो बच्चे भी यही सीखेंगे. सहना भी उतना ही गलत है जितना कि जुर्म करना. मेरे पति इस बात का पूरा समर्थन करते हैं. वे मेरे हर काम को आगे बढ़ाते हैं. गलत आदमी का मैं कभी साथ नहीं देती.