गृहशोभा विशेष

कई तरह की उठापटक, कई तरह की बयानबाजी, आरोप प्रत्यारोप, अपने-अपने समर्थक पत्रकारों का जमावड़ा करने, प्रचार के सारे हथकंडे अपनाने के बाद शाहरुख खान की फिल्म ‘‘रईस’’ और रितिक रोशन की फिल्म ‘‘काबिल’’ 25 जनवरी को प्रदर्शित हुई थी. एक सप्ताह बाद जो तस्वीर उभरी है, उससे यही निष्कर्ष निकलता है कि दोनों ने गलतियां की और दोनों के उपरहम तो डूबेंगे, सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे’ की कहावत चरितार्थ होती है. शाहरुख खान और राकेश रोशन के अहम इतने बलवान हो गए थे, कि दोनों अपनी फिल्म के प्रदर्शन की तारीख बदलने पर राजी नही हुए. जिसका परिणाम यह हुआ कि दोनों को काफी नुकसान उठाना पड़ा. दोनों फिल्मों की पीआर टीम अपनी-अपनी फिल्म को सफलता के झंडे गाड़ने वाली फिल्म साबित करने पर तुली हुई है. जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ. यदि यह दोनों फिल्में अलग-अलग सप्ताह में प्रदर्शित होती, तो दोनों को फायदा होता. पर दोनों के बीच अहम की लड़ाई के चलते जो कुछ हुआ, उससे अब दूसरे फिल्मकारों को सबक लेना चाहिए. बहरहाल, यदि इन फिल्मों की पीआरटीम के आकड़ो को सच माना जाए तो एक सप्ताह बाद राहुल ढोलकिया निर्देशित शाहरुख खान की फिल्म ‘‘रईस’’ बाक्स ऑफिस पर सौ करोड़ तक पहुंच पा रही है, जबकि संजय गुप्ता निर्देशित, राकेश रोशन निर्मित और रितिक रोशन अभिनीत फिल्म ‘‘काबिल’’ महज 75 करोड़ तक ही पहुंच पा रही है.

मगर शाहरुख खान या रितिक रोशन निराश नहीं हैं. बल्कि दोनों ही सफलता का जश्न मना रहे हैं. शाहरुख खान ने तो 30 जनवरी को मुम्बई के एक पांच सितारा होटल में ‘रईस’ की सफलता का जश्न मनाया. तो वहीं रितिक रोशन और यामी गौतम भी कई शहर घूमते हुए अपनी फिल्म ‘काबिल’ की सफलता के दावे ठोक रहे हैं. इस पर बौलीवुड के बिचैलिए फब्ती कसने से बाज नहीं आ रहे हैं. सब कह रहे हैं कि ‘‘अपने गाल पर खुद ही तमाचा मार अपने गाल को लाल (यानी कि खुश होने का आभास कराना) दिखाना तो बॉलीवुड की पुरानी फितरत है.

शाहरुख खान के करीबी ‘रईस’ को जबरदस्त सफल फिल्म बताते हुए तर्क दे रहे हैं कि ‘रईस’ ने शाहरुख खान की पिछली फिल्म ‘फैन’ के मुकाबले काफी अच्छा व्यापार किया है. तो वहीं रितिक रोशन के करीबी दावा कर रहे हैं कि ‘‘मोहनजो दाड़ों’’ के मुकाबले ‘काबिल’ ने जबरदस्त व्यापार किया है. अफसोस यह है कि दोनों अपनी पिछली सफलतम फिल्मों से अपनी इस फिल्म की तुलना करने से क्यों कतरा रहे हैं? हर इंसान अपनी सफलता की मिसाल देता है न कि असफलता की.

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