फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाली दीपिका पादुकोण ने मेहनत और लगन से बौलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है. बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण की बेटी, अभिनेत्रियों में सब से ज्यादा आकर्षक और चर्चित दीपिका का पैशन अभिनय करना है. इसीलिए बैडमिंटन के खेल में अपना कैरियर न बना कर वे फिल्मों में आईं. खुद को शीर्ष अभिनेत्रियों में गिने जाने का श्रेय दीपिका अपनी मेहनत और अच्छे निर्देशकों के साथ को देती हैं, जिन्होंने उन्हें हर उस किरदार के काबिल समझा, जो उन्हें मिला. दीपिका पादुकोण खुद को स्टाइल आइकोन नहीं मानतीं, क्योंकि वे सिंपल रहना पसंद करती हैं. दीपिका पादुकोण से बात करना बेहद रोचक रहा. पेश हैं, उसी बातचीत के कुछ खास अंश:

आप अपने जीवन में किसे स्टाइल आइकोन मानती हैं?

अपनी मां को. मेरी जिंदगी पर उन का बहुत प्रभाव रहा. कहां क्या पहन कर जाना है, हमेशा मां ही बताती थीं. वे मुझे आज भी अपनी राय देती हैं.

कुछ लोग कहते हैं कि दीपिका स्टाइलिश हैं, तो कुछ कहते हैं फैशनेबल हैं. कुछ का कहना है कि दीपिका सिंपल हैं. आप खुद कैसे को डिफाइन करेंगी?

मैं स्टाइलिश नहीं हूं. मैं हमेशा साधारण ड्रैस पहनती हूं. मैं बेसिक से दूर नहीं भागती, जींस व टीशर्ट कुछ भी हो मेरा खुद का स्टाइल है. मुझे फैशन का अधिक ज्ञान नहीं है. बहुत सारे लोग स्टाइल में रुचि लेते हैं. फैशन के नएनए ट्रैंड के बारे में पढ़ते हैं. लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं करती. सब कुछ प्रोफैशनल्स ही करते हैं.

अगर शूटिंग के लिए जाती हूं तो भी कोई प्लान नहीं करती. जो भी पहनने की इच्छा होती है पहन लेती हूं यानी यह ज्यादातर मेरे मूड पर निर्भर करता है. कभी अचानक किसी रंग की ड्रैस पहनने की इच्छा होती है, तो उसे पहन लेती हूं.

आप के हिसाब से कौन सी ऐक्सैसरी व्यक्ति को स्टाइलिश बना सकती है. सनग्लासेज को किस श्रेणी में रखना चाहेंगी?

ऐक्सैसरीज मैं नहीं पहनती. लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि अच्छी हेयरक्लिप, अच्छा स्कार्फ, गौगल्स, हैंडबैग आदि किसी को भी स्टाइलिश बना सकते हैं. सनग्लासेज को फैशन कहा जाता है. लेकिन इस के कई फायदे हैं. फैशन के साथसाथ यह धूलमिट्टी प्रदूषण से भी आंखों को बचाता है. सूर्य की हानिकारक किरणों से भी आंखों की सुरक्षा करता है. मेरे वार्डरोब में सही लिंजरी, अच्छी एक जोड़ी जींस की, अच्छी साड़ी, बेसिक टीशर्ट आदि जरूर मिलेंगे. मुझे सफेद रंग बहुत पसंद है. मैं ने अपनी मां को क्रीम लगाते और सफेद रंग के परिधान पहनते अधिक देखा है. मैं ने उन्हें कभी ब्राइट कलर पहनते नहीं देखा. इसीलिए  वही मेरा भी स्टाइल बन गया.

सही पोशाक का चयन करना क्यों आवश्यक है?

मैं बहुत लंबी हूं. हमेशा आरामदायक कपड़े पहनना पसंद करती हूं. कोई भी पोशाक सही या गलत नहीं होती. यह आप के व्यक्तित्व पर निर्भर करता है. रैड कारपेट पर जाते वक्त अभिनेत्रियां ज्यादातर गाउन पहनना पसंद करती हैं पर मैं साड़ी पहनना पसंद करती हूं. अगर पोशाक आरामदायक है तो आप का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

आजकल सभी तनाव में रहते हैं. सभी अपने तनाव पर बात भी करते हैं. आप अपने तनाव को कैसे दूर करती हैं?

यह सही है कि आजकल अधिकतर लोग तनाव में जीते हैं. फिर चाहे वह किसी भी तरह का हो. यह स्वास्थ्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है. इस बीमारी से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए मैं ने एक फाउंडेशन ‘द लाइव लव लाफ’ की स्थापना ट्विटर पर की है. इस में समस्या से ग्रस्त लोगों की हैल्प की जाएगी. मैं तनाव को अधिक समय तक अपने पास नहीं रहने देती. तनावग्रस्त होने पर परिवार के साथ समय बिताती हूं.

अगर आप को कुछ बदलने की पावर मिले तो क्या बदलना चाहेंगी?

बदलने की कोशिश में तो मैं हमेशा कुछ न कुछ करती रहती हूं. फिर चाहे वह फिल्मों के जरीए हो या अपनी स्टेटमैंट के द्वारा. लेकिन बहुत सारी पावर नहीं चाहती. लोगों की मानसिकता बदले, यही कोशिश करती हूं. मैं अपनी किसी चौइस को ले कर रिग्रेट नहीं करती.