गृहशोभा विशेष

2000 में मिस यूनिवर्स बनीं अभिनेत्री लारा दत्ता ने फिल्म ‘अंदाज’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. काम के प्रति कमिटमेंट की वजह से उन्हें कई अच्छी फिल्मों में काम करने का मौका मिला. इनमें ‘मस्ती’, ‘नो ऐंट्री’, ‘काल’, ‘पार्टनर’, ‘हाउसफुल’ आदि खास हैं.

जब वह मिस यूनिवर्स बनी थीं तो उसी दौरान अपना पहला ग्रैंड स्लेम जितने वाले टैनिस प्लेयर महेश भूपति को वे भा गईं. इसके बाद दोनों की मुलाकात महेश की इंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी की बिजनैस मीटिंग के दौरान हुई. बाद में दोनों ने शादी कर ली. अब उन की 4 साल की बेटी सायरा भी है.

लारा को जीवन से कोई मलाल नहीं. जब जो चाहा मिला. वे कहती हैं कि उन्होंने सही समय में सही काम किया. यही वजह है कि आज वे मौडल, अभिनेत्री, प्रोड्यूसर और एक सफल मां हैं. जौनसंस के ‘बेबी केयर’, ‘बैस्ट फौर बेबी’ यू ट्यूब चैनल पर लौंच के समय उन्होंने गृहशोभा के लिए खास बातचीत की.

पेश हैं, कुछ अंश:

इस लौंच से यंग मां को क्या लाभ मिलेगा?

आजकल महिलाएं संयुक्त परिवार में नहीं रहतीं, साथ ही वे वर्किंग भी होती हैं. उन के पास समय की कमी होती है. ऐसे में जब भी कोई महिला मां बनती है तो वह गूगल सर्च करने लगती है कि क्या करे क्या न करे. सर्च में कई चीजें सही, तो कई गलत भी होती हैं. वे इतनी उत्साहित होती हैं कि कोई भी राय मान लेती हैं.

जौनसंस द्वारा लौंच किया गया यह चैनल सब के लिए विश्वस्त और लाभकारी होगा. यह छोटे शहरों, बड़े शहरों की सभी नई मौम्स के लिए इन्फौरमैटरी होगा. यह भारत की मांओं के लिए उन के जीवन से जुड़ी समस्याओं और उन की मानसिकता को सही तरह से बता सकेगा. इसके अलावा छोटी छोटी बातें जैसे बच्चे के जन्म के बाद ब्रेस्ट फीडिंग कैसे करवानी है, बच्चा बीमार हो तो क्या करना चाहिए, उस के दांत निकल रहे हों तो क्या करना चाहिए, कपड़े कैसे पहनाने चाहिए आदि सभी की जानकारी इस में मिलेगी. सारी जानकारी ऐक्सपर्ट के द्वारा दी जाएगी. इस में एक सपोर्ट सिस्टम हर मां को मिल सकेगा.

जब आप मां बनी थीं तो कितनी उत्साहित थीं और आप ने किस से सब से पहले यह बात शेयर की?

ऐक्साइटमैंट तभी शुरू हो जाता है जब आप को पता चलता है कि आप मां बनने वाली हैं. बच्चा पैदा बाद में होता है, लेकिन खुशी 9 महीने तक रहती है. बच्चे के पैदा होने के बाद ही ऐक्साइटमैंट थोड़ा कम होता है, क्योंकि अब बच्चे के देखभाल की जिम्मेदारी आ जाती है. लेकिन बच्चे के साथ हर दिन आप को नया सीखने को मिलता है. आज मेरी बेटी 4 साल की है पर हर दिन कुछ नया सीख रही हूं.

मां बनने के बाद सब से पहले मैं ने अपने पति महेश से इस खुशी को शेयर किया, क्योंकि पिता को सब से पहले अधिकार है कि वे यह जानें कि वे पिता बनने वाले हैं. बाद में मैं ने अपने मातापिता को यह बात बताई.

मां बनने के बाद क्या क्या तैयारी की थी?

मेरी 2 बहनें मुझ से बड़ी हैं. दोनों के बच्चे हैं. थोड़ा अनुभव था. मेरी भानजी जो आज मेरा काम देखती है हमारे बीच में केवल 14 साल का अंतर है. मैंने उस की देखभाल की है. इस के अलावा जब आप को बच्चा होता है आप के अंदर मां की भूमिका अनायास आ जाती है. आप बच्चे को संभाल लेती हैं. आज एक वर्किंग मां के लिए बहुत जरूरी है कि काम के साथसाथ वह अपने बच्चे की भी देखभाल भी करें. यह एक तरह की बौंडिंग होती है, जो जन्म से पहले हफ्ते में होती है. यही आगे चल कर बच्चे के साथ आप के रिश्ते को निर्धारित करती है.

क्या क्या अनुभव गृहशोभा के जरीए महिलाओं तक पहुंचाना चाहती हैं?

मुझे मां बनने के बाद यह सुनने को मिला कि सब कुछ हो जाता है, ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं होती. यह नैचुरल प्रोसैस है, लेकिन आप नर्वस हमेशा रहेंगी और यह अच्छी बात है, क्योंकि तब आप सब से बेहतर करने की कोशिश करेंगी. हमारे देश में एक पुरानी प्रथा है कि गर्भवती होने के बाद अधिकतर महिलाएं कोई काम नहीं करतीं और खूब खाने लगती हैं ताकि बच्चा तंदुरुस्त पैदा हो.

घर का काम, व्यायाम सब छोड़ देती हैं. ऐसा अधिकतर मध्यवर्ग और निम्न मध्यवर्ग की महिलाएं करती हैं. निम्न आय वाली तो अंत तक काम करती हैं और उन की डिलिवरी सामान्य हो जाती है. थोड़ाबहुत व्यायाम अपने बच्चे के और अपने स्वास्थ्य के लिए हमेशा करें, जिस में जौगिंग, वाकिंग आदि शामिल हों.

मुझे गर्भवती होने के दौरान हील पहनने को मना किया गया था, पर मैंने अपने प्रोफैशन के हिसाब से पहनीं और सब ठीक ही रहा. डिलिवरी के बाद भी व्यायाम अवश्य करें. ब्रैस्ट फीडिंग साल भर तक करवाएं. अपने लिए 1 घंटा समय अवश्य निकालें.

मां बनने के बाद आप की जिंदगी में क्या बदलाव आया है?

हमारी इंडस्ट्री ग्लैमर पर चलती है. मां बनने के बाद वैनिटी गायब हो जाती है. मैं थोड़ी ईजी रहती हूं. लेकिन कोशिश रहती हूं कि अपने आप को मैंटेन रखूं.

मिस यूनिवर्स, मौडल, अभिनेत्री और अब मां, आप इस सब को कैसे ऐंजौय कर रही हैं?

मैं यंग मदर नहीं बनी. मैं सब कुछ करने के बाद मां बनी और यह मेरा सब से अच्छा फेज है. हर फेज को आप जितनी अच्छी तरह से ऐंजौय करें, उतना ही आप के लिए अच्छा होता है. मेरी प्राथमिकता मेरे बच्चे हैं. मुझे अब कुछ प्रूव करने की जरूरत नहीं है. रोल भी मैं ने सारे किए हैं. इसलिए कोई मलाल नहीं है. अगर आप के दिमाग में अपनी प्राथमिकता साफ है तो आप की लाइफ सही चलती है.

क्या आप स्ट्रिक्ट मदर हैं?

हां, मैं स्ट्रिक्ट मदर हूं, सायरा को पूरे दिन में केवल आधा घंटा समय मिलता है, जब वह टीवी आई पैड या मोबाइल कुछ भी देख सकती है. खाने के समय न तो फोन होगा और न ही टीवी ताकि वह खाने पर पूरी तरह फोकस कर सके. वह 4 साल की है. उसे थोड़ा अनुशासन में रखने की आवश्यकता है. मां ही बच्चे को अनुशासित करती है, क्योंकि पिता थोड़ा लाड़ प्यार अधिक देते हैं. सायरा को मेरे लुक से ही पता चल जाता है कि मेरा मूड कैसा है.

समय मिले तो क्या करती हैं?

किसी फ्रैंड के साथ कौफी पी लेती हूं. थोड़ा ट्रैवल करती हूं.

जीवन में खुश रहने का मंत्र क्या है?

यह किसी को पता नहीं होता. लेकिन इतना जरूर है कि महिलाएं शारीरिक, मानसिक रूप से अपना खयाल रखें. इस से बाकी सब आप आराम से हैंडल कर लेंगी.