गृहशोभा विशेष

‘दबंग’ फिल्म से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम सिन्हा की बेटी हैं. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया. कुछ फिल्मों में उन्होंने कॉस्टयूम डिजाइनर का भी काम किया, उन्हें लगा नहीं था कि वह कभी भी अभिनेत्री बन पाएंगी. लेकिन सलमान खान के प्रोत्साहन ने उन्हें फिल्मों में आने के लिए प्रेरित किया और आज उसका नाम शीर्ष अभिनेत्रियों में जुड़ चुका है.

वह उस पल को लकी मानती हैं, जब उन्होंने ‘दबंग’ के लिए हां कही थी. इस फिल्म की सफलता और दर्शकों की चहेती सोनाक्षी के पास इसके बाद से तो फिल्मों की झड़ी लग गयी. सन ऑफ सरदार, लुटेरा, एक्शन जैक्सन, लिंगा, तेवर, अकीरा आदि कई फिल्में आई. जिसमें कुछ सफल तो कुछ असफल रहीं. फिल्मों के अलावा सोनाक्षी विज्ञापनों को एंडोर्स भी करती हैं, इतना ही नहीं उन्हें छोटे पर्दे पर भी काम करना पसंद है. इन दिनों वह स्टार प्लस की रियलिटी शो ‘नच बलिये 8’ में जज बनी हैं, उनसे मिलकर बात करना रोचक था, पेश है अंश.

प्र. इस शो से जुड़ना कैसे हुआ? आप कितनी खुश हैं?

इस शो जुड़ना इत्तफाक नहीं था. इससे पहले भी मैंने एक रियलिटी शो किया था उसके खत्म होने के बाद ये मिला. मुझे टीवी पर काम करना बहुत पसंद है, क्योंकि इसकी पहुंच हर घर में होती है. लोग मुझे पसंद भी कर रहे हैं. ये एक डांस शो है और मुझे भी डांस बहुत पसन्द है. मैं इसे मेरे लिए परफेक्ट काम मानती हूं.

प्र. क्या अभी आप कुछ नया डांस फॉर्म इस शो के दौरान सीख रही हैं?

मैं हर फिल्म के साथ एक नई तरह की डांस फॉर्म सीखती हूं. अभी मेरी फिल्म ‘नूर’ आ रही है,उसमें मुझे नया डांस फॉर्म ‘हिप हॉप’ सीखने को मिला. अगर व्यक्ति कुछ पसंद करता है, तो उसे करने में उसे आनंद आता है. मुझे सिंगिंग और डांसिंग पसंद है. इसलिए उसे समझना और करना आसान होता है. मुझे व्यायाम पसंद नहीं है, लेकिन डांस पसंद है. इसलिए मैं डांस क्लासेज जाना पसंद करती हूं, क्योंकि यह फिट रहने का भी एक अच्छा जरिया है. मुझे याद आता है, जब मेरे स्कूल की छुट्टियां शुरू होती थी तो मैं शामक डावर और टेरेंस लुईस की डांस क्लासेस ज्वाइन कर लिया करती थी.

प्र. इस शो में आप किस बात पर अधिक विचार करेंगी?

मैं एक ईमानदार लड़की हूं, किसी और की तरह मैं नहीं बन सकती. कोई भी बात अगर मुझे पसंद नहीं तो मैं धडल्ले से उसे कह देती हूं. इसमें मैं कपल्स के डांस को देखना चाहूंगी, जो अलग-अलग है.

प्र. आप कपल्स के रूप में माता-पिता से कितनी प्रभावित हैं?

उन्हें मैं आदर्श कपल्स मानती हूं. दोनों ने अपने जीवन के करीब 36 साल तक, हर मोड़ पर एक दूसरे का उतार-चढ़ाव में साथ दिया है. मैंने बचपन से देखा है कि पिता के साथ उनका सम्बन्ध बहुत गहरा है. पति-पत्नी के रिश्ते को उन्होंने बहुत जिम्मेदारी के साथ निभाया है. मेरी मां को डांस का बहुत शौक है. लेकिन मेरे पिता नॉन डांसर है.

प्र. आपने डांसिंग, सिंगिंग और एक्टिंग सब कुछ कर लिया है अब आगे क्या रह गया है?

मैं एक क्रिएटिव लड़की हूं और हमेशा कुछ न कुछ नया करने की सोचती हूं. अभी मैं एक ऐसे मुकाम पर भी पहुंच चुकी हूं ,जहां से मैं अपने सपने को पूरा कर सकती हूं. ऐसे में मेरे पास अगर कुछ भी नया करने का मौका मिले तो अवश्य करना चाहूंगी. मेरे हिसाब से लाइफ केवल एक ही काम करने के लिए नहीं है, आप उन सभी काम को कर सकते हैं, जिसे करने में आपको खुशी मिलती है.

प्र. आजकल रिश्तों के माईने बदल गए हैं, हर कोई अपने तरह से रिश्तों को निभाता है, इसमें बहुत कम कपल्स ऐसे हैं जो सालों-साल साथ निभाते हैं, कहां समस्या है? इसे कैसे ठीक किया जा सकता है?

हर किसी के लिए ये अलग होती है, क्योंकि हर इंसान की सोच अलग है. मेरे हिसाब से मैंने एक रिलेशनशिप जिसे अपने बारे में सोचा है, वह है लव, एफ्फेक्शन, केयरिंग, शेयरिंग, सपोर्ट जो हर काम में होना चाहिए. इसे ही जरुरी समझती हूं. इसमें से कुछ भी कम हो जाये, तो रिश्तों का रूप बदल जाता है.

प्र. इंडियन टीवी को आप दर्शक के रूप में कितना एन्जॉय करती हैं?

फिक्शन से अधिक मैं रियलिटी शो को एन्जॉय करती हूं. उसमें मुझे एक नयापन दिखता है. लेकिन अच्छे शो और अधिक होने की आवश्यकता हमारे टीवी जगत को है, ताकि यूथ भी इसे देखें. मैं फिक्शन शो अधिकतर वेस्ट की देखती हूं. जो फिल्मों की तरह ही बने होते हैं. उसमें हमारे यहां बदलाव की जरुरत है और वैसी ही फिल्मों की तर्ज पर फिक्शन शो भी बनायीं जानी चाहिए.

प्र. क्या आप टीवी पर एक्टिंग करना चाहती हैं? वेब के लिए आपकी सोच क्या है?

टीवी एक बड़ी माध्यम है और करोड़ों लोग इसको देखते हैं, इसके शो हर घर में पहुंचते हैं. ऐसे में कोई अच्छी और रुचिपूर्वक रोल मुझे मिले तो अवश्य करना चाहूंगी. कई बड़े-बड़े कलाकार भी टीवी पर आ चुके हैं. वेब तो हमारा भविष्य है, हर किसी के पास स्मार्टफोन है, वे कुछ न कुछ उसपर देखना पसंद करते हैं. ऐसे में वेब पर काम करने का मौका मिले तो अवश्य करुंगी.

प्र. तनाव में आप क्या करती हैं?

तनाव होने पर मैं अधिकतर डांस करती हूं. ऐसा देखा गया है कि कई बार लोग तनाव में वर्क-आउट भी करते हैं. मैं तनाव से मुक्ति पाने के लिए डांस करना ही बेहतर समझती हूं.

प्र. आपने अपनी अगली फिल्म में एक पत्रकार की भूमिका निभाई है, क्या आपको लगता है कि पत्रकार के लिए भी कुछ बंदिशे होनी चाहिएं?

सभी काम के लिए एक सीमा अवश्य होनी चाहिए, फिर चाहे वह डाक्टर, लेखक, पत्रकार, एक्टर, फिल्म निर्माता आदि कोई भी काम करते हो. कुछ सीमा रेखा अवश्य होनी चाहिए और उसे वह व्यक्ति कभी क्रॉस न करें. अगर आप किसी बात से अपमानित महसूस करते हैं, तो वह बात आपको किसी के लिए नहीं कहनी चाहिए.

प्र. आगे आपकी फिल्म ‘नूर’ आ रही है, उसे लेकर कितनी उत्साहित हैं?

‘नूर’ फिल्म की स्क्रिप्ट मुझे बहुत पसंद आई और मैंने तुरंत हां कर दी. इस फिल्म से मैं अपने आपको रिलेट कर सकती थी. यह एक रियल स्टोरी है, जिसमें मैंने रियल लोकेशन, सीमेंट फैक्ट्री में जाकर शूट किया है. वहां मैंने देखा कि कैसे लोग धूल-मिट्टी में काम करते हैं, कैसे उनकी जिंदगी गुजरती है, उनका भविष्य क्या होता होगा, आदि सभी मेरे लिए नए हैं और उस परिवेश में एक महिला पत्रकार की सोच क्या होती है. मेरे लिए ये खास फिल्म है.

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