गृहशोभा विशेष

जिम्मेदारी का एहसास बच्चों को बचपन से ही कराना पड़ता है और उसे तभी समझ में भी आता है, जो आगे चल कर उस के लाइफस्टाइल में शामिल हो जाता है. कुछ ऐसी ही जिम्मेदारी का एहसास लिए अभिनेत्री साएशा सैगल ने फिल्म इंडस्ट्री में 17 वर्ष की अवस्था में कदम रखा. उन्हें बचपन से ही फिल्मों में अभिनय करने का शौक था.

साएशा अभिनेता सुमीत सैगल और अभिनेत्री शाहीन बानू की बेटी हैं. दिलीप कुमार और सायरा बानों की भतीजी भी हैं. साएशा ने फिल्म ‘शिवाय’ में अभिनय कर यह जता दिया है कि वे एक अच्छी एक्ट्रेस हैं. काम अच्छा मिले तो वे और मेहनत कर सकती हैं. ‘शिवाय’ फिल्म के बाद वे साउथ की फिल्म में व्यस्त हैं. उन से बात करना रोचक रहा था. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के कुछ खास अंश:

अपने बारे में बताएं?

3 साल की उम्र से ही अभिनय का शौक था. स्कूल में जब पढ़ रही थी, तब अजय देवगन ने मेरा फोटो कहीं देखा था, उन्हें मैं पसंद आई. मुझ से बात की और ‘शिवाय’ के बारे में बताया. मुझे कहानी पसंद आई. उस के बाद स्क्रीन टैस्ट और औडिशन हुआ. अपने 17वें बर्थडे पर मैं ने पहली हिंदी फिल्म ‘शिवाय’ साइन की. मैं बहुत खुश थी, क्योंकि इतने बड़े बैनर के साथ मैं पहली फिल्म कर रही थी.

कितना संघर्ष था? सुना है आप डांस की भी शौकीन हैं.

संघर्ष अधिक नहीं था, क्योंकि मेरे माता-पिता और मेरे रिश्तेदार इस क्षेत्र से हैं. इस के अलावा मुझे बचपन से डांस का शौक था. मैं आईने के आगे खड़ी हो कर डांस किया करती थी, मुझे फिल्मी और नौनफिल्मी दोनों तरीके के डांस आते हैं. 9 साल की उम्र से मैंने डांस शुरू किया था. मैंने लैटिन अमेरिकन, हिपहौप के साथ-साथ ओडिशी, कथक आदि सीखा है. मैं हर दिन 6 घंटे डांस करती थी.

पहली बार कैमरे के सामने आने का अनुभव कैसा रहा?

मैं रियल लाइफ में बहुत चुप रहती हूं. कैमरे के आगे आते ही बिंदास हो जाती हूं. मेरी पर्सनैलिटी ही बदल जाती है. कोई झिझक नहीं होती, क्योंकि मेरा सपना पूरा हो रहा है.

शिवाय’ में आपके काम की बहुत सराहना हुई, कैसा लगा आपको?

‘शिवाय’ फिल्म आसान नहीं थी. निर्देशक को यंग और फ्रैश चेहरा चाहिए था, जिस में मैं फिट बैठी. मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि मेरा काम सभी को पसंद आया. मैं ने पहले फिल्म नहीं देखी थी, क्योंकि नर्वस थी. लेकिन मैं ने अपनी बैस्ट परफौर्मैंस दी थी.

आपके काम में परिवार का कितना सहयोग रहा?

मेरी मां और पिता का हमेशा सहयोग रहा है. ट्रेनिंग से ले कर शूटिंग तक में वे मेरे साथ रहे. उन्हें उस बात से खुशी मिलती है जिसमें उनके बच्चे खुश रहें. वे हमेशा गाइड करते हैं. स्क्रिप्ट से ले कर अभिनय के बाद तक सब चर्चा करते हैं.

आजकल फिल्मों में अंतरंग दृश्य अधिक आने लगे हैं ऐसे में आप इन्हें करने में कितनी सहज हैं?

मैं इस क्षेत्र में नई हूं, इसलिए इस बारे में अधिक सोचा नहीं है. जब ऑफर आएगा तब सोचूंगी. ऐस्थैटिक वैल्यू को हमेशा बनाए रखना चाहती हूं. लाइन क्रौस नहीं करना चाहती. कुछ निर्देशकों को लगता है कि किसिंग सींस से फिल्म हिट होगी पर ऐसा नहीं होता. पुरानी रोमांटिक फिल्मों में प्यार को बहुत ही सलीके से दिखाया जाता था. फिल्में भी बहुत हिट हुईं. वह दौर अब चला गया है. मुझे उस की तलाश है. मुझे अपनी चाची सायरा बानों की फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’, ‘पड़ोसन’ और चाचा दिलीप कुमार की ‘गंगा जमुना’, ‘कर्मा’, ‘मशाल’ आदि फिल्में बहुत पसंद हैं.

अजय देवगन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

मुश्किल नहीं था. वे बहुत ‘कंफर्ट फील’ करवाते थे. वे नैचुरल ऐक्टिंग करना पसंद करते हैं.

आगे क्या कर रही हैं?

अभी एक तमिल फिल्म की शूटिंग चल रही है और 2 हिंदी फिल्मों पर भी बात चल रही है.

फिटनैस के लिए क्या करती हैं?

मैं रोज डांस करती हूं, जिस से शरीर की काफी कैलोरी बर्न हो जाती है. इस के अलावा जिम भी जाती हूं.

कितनी फैशनेबल हैं?

मुझे फैशन में ज्वैलरी सब से अधिक पसंद है. किसी फैशन ट्रैंड को फोलो नहीं करती. आरामदायक कपड़े पहनती हूं. जो पोशाक व्यक्तित्व को बढ़ाए, उसे पहनना चाहिए. मैं ज्यादातर जींस और टीशर्ट पहनती हूं. भारतीय पोशाकें मुझे अधिक पसंद हैं, जिन में सलवार सूट अधिक अच्छा लगता है.

कितनी फूडी हैं?

मुझे खाना बहुत पसंद है. यह मेरी वीकनैस है. कंट्रोल करना पड़ता है. सब कुछ जो अच्छा बना हो, मैं खाती हूं. लेकिन मैं डांस अधिक करती हूं. इस से मोटापा मेरे पास नहीं फटकता. मां के हाथ की बनी फिश करी, राइस, राजमा-चावल आदि अधिक पसंद हैं.

मेकअप कितना अच्छा लगता है?

मैं अधिक मेकअप पसंद नहीं करती, बाहर जाने पर लिप बाम लगाती हूं. सैट पर मेकअप करना पड़ता है. मुझे नैचुरल रहना पसंद है.

खुद को कैसे ऐक्सप्लेन करेंगी?

मैं हमेशा खुश रहना पसंद करती हूं. शांत और धैर्यवान हूं. गुस्सैल और नकारात्मक सोच रखने वालों से हमेशा दूर रहती हूं.

कहां घूमने जाना पसंद करती हैं?

घूमना बहुत होता है. भारत में मैं कश्मीर नहीं गई. सुना है वहां की वादियां बड़ी खूबसूरत हैं. इस के अलावा मॉरिशस जाना चाहती हूं. वहां के समुद्री तट बहुत सुंदर हैं. वहां जा कर मैं तटों पर स्विमिंग करना चाहती हूं.

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