फिल्म ‘स्टूडैंट औफ द ईयर’ से अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने वाली आलिया भट्ट निर्देशक व निर्माता महेश भट्ट और ब्रिटिश बौर्न भारतीय अभिनेत्री सोनी राजदान की बेटी हैं. फिल्म ‘डैडी’ के दौरान महेश भट्ट और सोनी राजदान की मुलाकात हुई. महेश भट्ट सोनी राजदान की खूबसूरती से अधिक उन की प्रतिभा की तारीफ करते थे. सोनी राजदान से उन की दूसरी शादी हुई थी. इस के लिए उन्होंने इसलाम धर्म कबूल किया. महेश भट्ट फिलहाल मुसलिम हैं और उन का नाम अफजल खान है. हालांकि मीडिया में उन्हें महेश भट्ट के नाम से ही जाना जाता है. धर्म परिवर्तन की वजह उन की पहली पत्नी किरण भट्ट का मौजूद होना है, जिस से उन के 2 बच्चे पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं. महेश भट्ट और सोनी राजदान की 2 बेटियां आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट हैं. महेश भट्ट निर्देशक बनने के बाद से निजी जीवन की खूब चर्चा में रहे. 1970 में किरण से शादी, परवीन बौबी के साथ लव अफेयर होने से उन के रिश्तों में दरार का आना आदि. कहा जाता है कि ‘आशिकी’ फिल्म महेश भट्ट ने अपने और किरण के संबंधों को ले कर ही बनाई थी. खुली मानसिकता वाले महेश भट्ट बोल्ड फिल्में अधिक बनाते हैं. कुछ फिल्में तो उन के जीवन से जुड़ी होती हैं. लेकिन अपनी फिल्मों में उन्होंने अपनी बेटी को अब तक नहीं लिया. इस की वजह वे बताते हैं कि अभी तक ऐसी कहानी नहीं मिली, जिस में आलिया काम कर सके. सोनी राजदान और महेश भट्ट ने आलिया को बड़े लाड़प्यार से पाला है. जब आलिया स्कूल में पढ़ती थी तो वार्षिक उत्सव पर महेश भट्ट हमेशा अपनी मौजूदगी दर्ज इसलिए करते थे, क्योंकि वे सैलिब्रिटी पिता थे.

आलिया जब फिल्मों में आईं तो मातापिता दोनों ने उन्हें सलाह दी कि यह क्षेत्र व्यवसाय वाला है जहां मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है. आलिया की बड़ी बहन शाहीन भट्ट फिल्म लेखक और निर्देशक हैं. फिल्म ‘जहर’, ‘जिस्म टू’ और ‘राज थ्री’ के कई सीन शाहीन ने लिखे हैं. लंदन में फिल्म मेकिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने मातापिता के साथ काम करती हैं. वे कैमरे के आगे आना पसंद नहीं करतीं. आलिया के बारे में शाहीन का कहना है कि आलिया में स्टारों जैसे नखरे नहीं हैं. वह घर और बाहर यानी हर जगह एक जैसी रहती है. आलिया की सफलता भट्ट परिवार के लिए काफी गर्व की बात है. आलिया फिल्म करने या न करने का निर्णय खुद लेती हैं. आलिया अलग फ्लैट में अकेली रहती हैं. फ्लैट उन के मातापिता के घर से थोड़ी ही दूर पर है. अकेले रहने की वजह उन का और अधिक आत्मनिर्भर बनना है. लेकिन मांबेटी दोनों बेहद करीब हैं. पेश हैं, उन से हुई गुफ्तगू के कुछ अहम अंश:

आप दोनों एक ब्रैंड के साथ कैसे जुड़ीं?

आलिया: बड़ी वजह मां का मेरे साथ अभिनय करने का मौका है. मैं हमेशा से चाहती थी कि मां के साथ कुछ करूं.

सोनी राजदान: मुझे बेटी के साथ काम करने का मौका मिला, तो मुझे लगा कि थोड़ा और समय मैं उस के साथ बिता सकती हूं. आलिया हमेशा अपने काम में व्यस्त रहती है. यही समय होता है जब हम दोनों अभिनय के दौरान थोड़ी बातचीत कर लेती हैं. बचपन में आलिया के बाल थिक हुआ करते थे. वह अपने बालों से खेल कर गांठें बना लिया करती थी, जिन्हें खोलना मुश्किल होता था.

सोनी की नजरों में आलिया बचपन में कैसी थीं? क्या आप जानती थीं कि वह हीरोइन बनेंगी?

बचपन में आलिया फैशन के प्रति बहुत कम उत्साहित हुआ करती थी. मैं ही हमेशा उसे कुछ न कुछ घरेलू ब्यूटी ट्रीटमैंट करने के लिए कहा करती थी. उसे अपने अंदर की खूबसूरती का पता था. मैं उस के बालों में सप्ताह में 1 बार ही औयल लगा पाती थी और उसी दौरान उसे बहलाफुसला कर चोटी भी बना देती थी. वह बचपन से अपने लुक के प्रति बहुत ही पर्टिकुलर थी. खेलतीकूदती थी पर जो करना होता था खुद ही कर लेती थी. मैं हमेशा उसे अपने मन का खाने के लिए कहती थी मसलन, आइसक्रीम, चौकलेट आदि. मुझे पता था कि वह हीरोइन बनेगी. उस के हावभाव बचपन से ही ऐसे थे. पर किस तरह की हीरोइन बनेगी यह पता न था. वह डांस करती थी और हमेशा कहती थी कि मुझे हीरोइन बनना है.

आलिया अपनी मां की किस सीख को अपने जीवन में उतारती हैं?

अगर मैं अपने पूरे परिवार में किसी सब से अधिक समझदार व्यक्ति से मिली हूं, तो वे मेरी मां हैं. वे इतनी समझदार हैं कि कुछ कहने से पहले अपनेआप को उस स्थान पर रखती हैं. यह मुझे उन से बात करना आसान बनाता है. वे परिवार में सब की समस्याओं को समझती हैं. किसी को बुरा महसूस नहीं करवातीं. बहुत अनुशासित हैं. हर दिन शाम को टहलना, योगा करना, डाइट का खयाल रखना आदि सब कुछ करती हैं. खाने की सलाह भी देती हैं. वे बहुत ही संतुलित मां हैं.

सोनी आलिया में इतने सालों में क्या बदलाव पाती हैं?

आलिया को बचपन से पता था कि वह अभिनय के क्षेत्र में जाएगी और वह उसी क्षेत्र में गई. अच्छी बात यह भी है कि वह कामयाब हो रही है. वह शुरू से ही आत्मविश्वास से परिपूर्ण थी. आज भी वैसी ही है. हमेशा रिलैक्स रहती है. कभी तनाव नहीं लेती. पहले मैं उस की हेयर केयर, डाइट पर ध्यान देती थी, पर अब वह अपना ध्यान खुद रखती है. बदलाव इतना है कि वह अब मुझे भी सुझाव देती है, जो अच्छा लगता है.

सोनी आलिया को कितनी आजादी देती हैं. अकसर टीनएजर्स लड़कियां विद्रोह करती हैं. क्या आलिया ने कभी ऐसा किया? इस उम्र में मांबेटी का रिश्ता किस प्रकार का होना चाहिए?

आलिया को पूरी आजादी है, पर मैं हमेशा कहती थी कि जहां भी जाओ, मुझे बताना न भूलो, क्योंकि आप अगर किसी उलझन में फंसी हो तो मैं सहायता कर सकूं. रात को अगर घूमना है, तो आटो में न घूमो. मुझे बता दो मैं गाड़ी ले कर आ जाऊंगी, क्योंकि हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए. कोई दोस्त है तो घर में ले आओ और फिर बैठ कर बातचीत करो. आजादी के साथ उत्तरदायित्व भी आते हैं, जिन का हर किसी को निभाना आवश्यक है. आलिया कभी विद्रोह नहीं करती, जो कहा जाता है सुनती है. मांबेटी का रिश्ता दोस्त की तरह होने के साथसाथ मां की तरह भी होना चाहिए, क्योंकि बच्चों को सीमा में रहने की जरूरत होती है. लड़का हो या लड़की सभी के लिए सीमारेखा होनी चाहिए, जिस का फैसला खुद मां को लेना पड़ता है. बच्चों के लिए मां को दोस्त के साथ गाइड भी बनना आवश्यक है.

आलिया अपने मातापिता को कितना समय दे पाती हैं? जबकि आप अपने मातापिता से अलग रह रही हैं?

मुझे जितना भी समय मिलता है पूरीपूरी कोशिश रहती है कि उसे मातापिता के साथ बिताऊं. मेरा घर मातापिता के घर के पास ही है. इसलिए समय मिलते ही उन के पास चली जाती हूं. इस के अलावा हर साल 1 हौलीडे प्लान करती हूं, जिस में मैं, मेरी मां और बहन शामिल होती हैं. पिता को समय मिलता है तो वे भी साथ जाते हैं. वहां हम खूब मौजमस्ती करते हैं. मेरे मातापिता लिबरल हैं.

जब आलिया को ले कर अफवाहें उड़ती हैं तो सोनी क्या करती हैं?

आलिया के पास अब समय कम होता है. अगर 5 मिनट भी समय मिलता है तो हम सब कुछ उसी दौरान डिसकस कर लेना चाहते हैं. तभी उस के पिता अखबार ले कर आ जाते हैं और उस के बारे में छपी बातों को सुनाते हैं. मैं उन्हें ये सब पढ़ने और सुनने से मना करती हूं. इस तरह कई बार बातों की फाइटिंग चलती है. मैं काम पर ध्यान देने की सलाह देती हूं. ग्लैमर वर्ल्ड में तो ये सब चलता रहता है.

आलिया क्या किसी फिल्म को चुनते समय अपने मातापिता से सलाह लेती हैं? और अपनी मां या पिता की फिल्म में कब आने वाली हैं?

मैं फिल्म खुद ही चुनती हूं. कई बार करण जौहर से पूछ लेती हूं. फिल्म में कहां क्या करना है, इस बारे में चर्चा मातापिता से अवश्य करती हूं. तनाव नहीं लेती. आता है तो खुद समाधान खोजती हूं. मैं मां की आने वाली फिल्म में काम करना चाहती थी पर उस में मैं फिट नहीं थी. पिता की फिल्म में काम करने का मौका मिले तो खुशी होगी.                             

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