नो एंट्री, वेलकम, थैंक्यू और वेलकम बैक जैसी अलग मनोरंजक फिल्म बनाने वाले निर्देशक अनीस बज्मी एक बार फिर एक इमोशनल कामेडी फिल्म ‘मुबारकां’ लेकर आये हैं. फिल्म की कहानी बड़ी ही मनोरंजक तरीके से कही गयी है. इस फिल्म में अनिल कपूर और अर्जुन कपूर की जोड़ी खूब जमी है. जिसमें साथ दिया है पवन कुमार, रत्ना पाठक शाह, इलियाना डिक्रुज़, अथिया शेट्टी और नेहा शर्मा ने. फिल्म का क्लाइमेक्स कोई नया नहीं , पर निर्देशक ने इसे अच्छी तरह पर्दे पर उतारा है.

जैसा कि इंटरव्यू के दौरान अनिल कपूर ने कहा था कि एक अच्छा निर्देशक एक सामान्य कहानी को हिट बना सकता है और इसका प्रमाण इस फिल्म में मिला, जिसमें अभिनेता अर्जुन कपूर ने डबल रोल में काफी अच्छा अभिनय किया है. इसके अलावा अभिनेता अनिल कपूर अपने पुराने मज़े हुए अंदाज़ में शुरू से अंत तक हावी रहे और उन्होंने इमोशन से लेकर कामेडी और ट्रेजेडी सभी को अच्छी तरह निभाया है. फिल्म में कुछ जगहों पर अर्जुन कपूर और इलियाना की ओवर एक्टिंग भी दिखी, पर गाने और कहानी के तालमेल की वजह से उसे नज़रंदाज़ किया जा सकता है.

कहानी

एक पहाड़ी सफ़र की दुर्घटना में दो जुड़वां बच्चों करण वीर सिंह (अर्जुन कपूर) और चरण वीर सिंह (अर्जुन कपूर) के माता-पिता का देहांत हो जाता है. दोनों बच्चों की जिम्मेदारी करतार सिंह (अनिल कपूर) के ऊपर आती है. करतार सिंह दोनों में से एक को चण्डीगढ़ में रहने वाले अपने भाई पवन मल्होत्रा को सौंप देता है और दूसरे को लन्दन में रहने वाली अपनी बहन रत्ना पाठक शाह के पास भेज देता है. दोनों की परवरिश अलग-अलग तरीके से होती है. इसलिए जुड़वां होने के बावजूद उनके स्वभाव में काफी अंतर आता है.

दोनों बड़े होते है और शादी की बात चलती है, लेकिन करण इंडिया आने के बाद स्वीटी (इलियाना डिक्रुज़) से मिलता है और उससे उसका प्यार हो जाता है. ऐसे में वह लन्दन न जाकर इंडिया रहने की सोचता है. इधर चरण की गर्लफ्रेंड नफीसा अली खान (नेहा शर्मा) है, इसके बावजूद चरण के लिए उसकी बुआ रत्ना पाठक बिंकल (अथिया शेट्टी) का रिश्ता तय करती है, लेकिन चरण उससे शादी नहीं करना चाहता और अपने चाचू से आइडिया सोचने को कहता है. करतार सिंह आइडिया सोचने में माहिर है और हर आसपास की आम चीजों से वे आइडिया सोच लेते है, लेकिन शादी तोड़ने का ये आइडिया उसे ही  भारी पड़ता है, इस तरह कहानी कई परिस्थितियों से गुजरकर अंजाम तक पहुंचती है.

फिल्म में लंदन की लोकेशन को बहुत ही सुंदर और आकर्षक तरीके से दिखया गया है. फिल्म शुरू से लेकर अंत तक हंसाती है. चरण के पापा के रूप में पवन मल्होत्रा का अभिनय दमदार था. टाइटल सोंग मुबारकां और ‘द गोगल सोंग…..’ गाने को बड़ी ही शालीनता के साथ दिखाया गया है. फिल्म में अथिया शेट्टी को बहुत अधिक काम करने का मौका नहीं मिला, लेकिन जितना भी मिला वह अच्छी थी. बहरहाल फिल्म देखने लायक है. इसे थ्री एंड हाफ स्टार दिया जा सकता है.