गृहशोभा विशेष

‘सांवरिया’ से 14 जुलाई को प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘जग्गा जासूस’ के साथ ही रणबीर कपूर के अभिनय करियर के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं. इन दस वर्षों में एक तरफ रणबीर कपूर के करियर में काफी उतार चढ़ाव हुए. तो वहीं निजी जिंदगी में भी कटरीना कैफ के साथ उनका संबंध विच्छेद हो गया. निजी जीवन के रिश्ते के टूटने यानी कि प्रेम संबंध के टूटने के बावजूद वह कटरीना कैफ के संग अपनी फिल्म ‘जग्गा जासूस’ को जोरदार तरीके से प्रचार करने में जुटे हुए हैं. ऐसा करने की प्रेरणा रणबीर कपूर को अपने दादाजी स्व. राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से मिली.

जी हां! यह एक कटु सत्य है. खुद रणबीर कपूर कहते हैं, ‘‘ देखिए, यही तो जिंदगी है. मैं आपको मेरे दादाजी की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ की याद दिलाना चाहूंगा. जोकर की दुनिया अलग है. उसकी जिंदगी में कुछ भी हो सकता है. उसकी मां मर गयी है. उसकी तबियत खराब हो या कोई दूसरी दुःखद घटना घटी हो. मगर जब वह मंच पर जोकर का चेहरा लेकर आता है, उस वक्त उसे लोगों का मनोरंजन करना ही है. हम सभी कलाकारों का भी यही मकसद होता है. जो हम काम करते हैं, उसमें हम अपनी जिंदगी के बोझ को लेकर नहीं चल सकते.’’

लेकिन रणबीर कपूर ने अब तक जो किरदार निभाए हैं, उनमें से फिल्म ‘रॉकस्टार’ का किरदार उनकी निजी जिंदगी के साथ अभी भी जुड़ा हुआ है. खुद रणबीर कपूर इस बात को कबूल करते हुए कहते हैं, ‘‘यूं तो हर किरदार का हमारी निजी जिंदगी पर असर नहीं होता है. लेकिन मैंने एक फिल्म की थी ‘रॉकस्टार’ इस फिल्म के किरदार का असर मेरी निजी जिंदगी पर हुआ था. यह संगीतमय, दिल टूटने वाली फिल्म थी. यह फिल्म और इसका किरदार मेरे साथ रह गया. मगर हर फिल्म करने के अनुभव अलग अलग होता है. किसी फिल्म में अभिनय करने के दो वर्ष बाद उस फिल्म का अनुभव या उसका प्रभाव अनजाने ही बाहर निकलता है. ‘रॉकस्टार’ ऐसी फिल्म थी, जिसने मुझे हिलाकर रख दिया था.’’

शायद इसकी वजह यह भी रही होगी कि ‘रॉकस्टार’ के किरदार को आत्मसात करने के लिए रणबीर कपूर ने कुछ समय तक उसी तरह की जिंदगी जी भी थी. वह बताते हैं, ‘‘यह संगीतमय फिल्म थी और मुझे संगीत की समझ नहीं थी. तो मैंने ए आर रहमान के साथ काफी समय बिताया था. यह दिल्ली का जाट लड़का था, इसलिए मैं दिल्ली जाकर कुछ दिन एक जाट परिवार के साथ रहा था.’’