कंगना रानौत लगातार विवादों में हैं. इस विवाद के चलते उनका करियर भी दांव पर लगा हुआ है. बौलीवुड दो खेमों मे बंटा हुआ है. कंगना रानौत के साथ खुलकर कोई नहीं बोल रहा है. जबकि वह कई दिग्गज फिल्मकारों व कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं. कंगना रानौट की सफलता की असली कहानी फिल्म‘‘तनु वेड्स मनु’’की सफलता के साथ शुरू हुई थी. इस फिल्म के एक निर्माता विनोद बच्चन भी थे, जो कि दस नवंबर को प्रदर्शित हो रही राज कुमार राव व कृति खरबंदा के अभिनय से सजी फिल्म ‘‘शादी में जरुर आना’’के भी निर्माता हैं.

हाल ही में जब विनोद बच्चन से हमारी मुलाकात हुई, तो हमने उनसे जानना चाहा कि वह तो कभी कंगना रानौत के काफी करीब रहे हैं. पर आज वह कंगना रानौत को लेकर क्या सोचते हैं? इस पर विनोद बच्चन ने कंगना को लेकर जो कुछ कहा, वह बौलीवुड की कार्यशैली के साथ साथ बहुत कुछ बयां करता है. विनोद बच्चन ने हमारे सवाल पर कहा-‘‘कंगना रानौट इमोशनल इंसान है. उनकी जिंदगी का विश्लेषण करुं, तो वह एक अच्छी इंसान है. अपनी जिंदगी में अच्छी सोच रखती हैं. उसे जो सफलता मिली है, वह उकी हकदार है. एक छोटे शहर की लड़की, इस बड़े शहर में जिसका कोई नहीं, उसके लिए कितना मुश्किल रहा होगा, अपनी जगह बना पाना.

इतने बड़े लोगों के बीच शुद्ध हिंदी भाषी लड़की का इतनी बड़ी सफलता पाना सलाम की हकदार है. मैं सोचता हूं कि कंगना जो कर रही हैं या जो कुछ किया है, वह उसमें उसका कितना योगदान है? क्योंकि इमोशनल लोग जब टूट जाते हैं, तो वह दुनिया की नहीं सोचते. कंगना अच्छी अदाकारा हैं, इस बात को उसने साबित किया है. जिस प्लेटफार्म पर भी रही, उस पर उसने खुद को बेहतरीन साबित किया.

आज जिस मुकाम पर वह पहुंची हैं, उसके पीछे उसकी मेहनत, उसकी ईमानदारी व उसकी अपनी तकदीर है. जो लोग इमानदार होते हैं, वह एक न एक दिन सफल होते है और उनकी सफलता लंबे समय के लिए होती है. दिल में सच्चाई रहती है, तभी वह लंबे समय तक सफल रहते हैं. कंगना के दिल में सच्चाई है.’’.

यदि कंगना रानौत दिल की सच्ची व ईमानदार है, तो फिर उनकी जिंदगी में जो हादसे/ विवाद हो रहे है, उससे उन्हे नुकसान नही हो रहा है? हमारे इस सवाल पर विनोद बच्चन ने कहा-‘‘इससे एक अच्छी कलाकार की इमेज को नुकसान पहुंचता है. मगर यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपके आस पास कौन लोग हैं? चैबिसों घंटे कौन आपको सलाह दे रहा है? आपके बिजनेस, पी आर आदि को कौन मैनेज कर रहा है? इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है. आपके साथ चौबिस घंटे कौन लोग बैठते हैं, वह किस तरह का आइना आपको दिखाते हैं? उसमें आप कितना डूब जाते हैं और कितना आप अपनी सोच के अनुसार काम करते हैं. इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है.

मैं कंगना के साथ काफी रहा हूं, वह आज भी हमारी दोस्त हैं. हमारे संबंध अच्छे हैं. इसलिए मुझे कहीं नहीं लगा कि जो कुछ उसने टीवी पर या मीडिया में आकर कहा, वह उसकी अपनी भाषा या उसके अपने शब्द या उसकी अपनी सोच है. मुझे लगता है कि कंगना ने किसी के कहे शब्दों को अपनी जबान दे दी है. उसके इंटरव्यू पढ़कर भी यकीन नहीं होता, मैं नही जानना चाहता कि वह किनके साथ काम कर रही है,उसके आस पास कौन लोग हैं, बिजनेस मैनेजर या पीआर के रूप में कौन उसके आस पास हैं.पर मुझे नहीं लगता कि यह शब्द कंगना के हैं. वह आज भी उतनी ही भोली, इमोशनल, कठिन मेहनत करने वाली, काम के प्रति समर्पित इंसान हैं. मीडिया में जो कहानी हुई, उसमें कुछ हुई होंगी, कुछ नहीं हुई होंगी. सच मैं नहीं बता सकता.’’

क्या आप यह मानते है कि एक सफल कलाकार को बर्बाद करने में बिजनसे मैनेजर व पी आर का भी हाथ होता है? इस पर विनोद बच्चन ने कहा-‘‘सफल इंसान को संवारने या बिगाड़ने में उसके बिजनेस मैनेजर व पीआर मैनेजर का हजार गुना हाथ होता है, इसमें कोई दो राय नहीं. स्टार को असफल करने में इनका बड़ा होता है. बिजनेस मैनेजर अच्छे होने चाहिए. पीआर अच्छा होना चाहिए. इसी के साथ अपने कान, नाक और आंख खुले रखने चाहिए. अपने विवेक व सोच से डगमग नहीं होना चाहिए. जब आप सफल होते हैं, तो पूरी दुनिया आपके पास आ जाती है, पर जब आप असफल होते हैं, तो वही दुनिया आपकी ऐसी की तैसी कर देती है. सफलता को पचाना भी सफलता होती है. अपनी कामयाबी को पचा पाना आसान नहीं होता.’’