गृहशोभा विशेष

करीब 25 साल इंडस्ट्री में बिता चुकीं अभिनेत्री रवीना टंडन 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रही हैं. फिल्मी माहौल में जन्मी रवीना को बचपन से ही अभिनय का शौक था. कालेज की पढ़ाई के दौरान उन्हें ‘पत्थर के फूल’ फिल्म का औफर मिला तो खुद को पहली फिल्म से ही स्थापित कर लिया. इस के बाद कई सफल फिल्में कीं, जिन में फिल्म ‘मोहरा’ और ‘दिलवाले’ बौक्स औफिस पर सुपरहिट हुईं. रवीना ने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्में भी की हैं. रवीना ने अक्षय कुमार, गोविंदा, अजय देवगन, सुनील शेट्टी आदि अभिनेताओं के साथ काम किया है, पर उन की और गोविंदा की जोड़ी को कौमेडी फिल्मों में काफी सफलता मिली. कई बार रवीना और अक्षय के रोमांस के चर्चे भी सुने गए, पर कोई अंजाम नहीं निकला.

रवीना स्पष्टभाषी हैं. हर बात सामने कहना बेहतर समझती हैं. शादी से पहले ही उन्होंने 2 लड़कियों पूजा और छाया को अडौप्ट किया था. फिल्म ‘स्टंप्ड’ के दौरान रवीना का परिचय फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थडानी से हुआ और फिर दोनों ने शादी कर ली. दोनों के 2 बच्चे राशा और रणवीर हैं.

रवीना आज एक सफल अभिनेत्री, पत्नी और मां हैं. अपने सभी दायित्वों को वे बखूबी निभा रही हैं. सोनी टीवी के रिऐलिटी शो ‘सब से बड़ा कलाकार’ की वे जज हैं. उन से मिल कर बात करना रोचक रहा:

इस रिऐलिटी शो से जुड़ने की खास वजह क्या है?

इस में सारे प्रतिभावान बच्चे हैं और बच्चों के साथ कुछ भी करना मुझे पसंद है, क्योंकि वे मासूम और साफ दिल के होते हैं. एडल्ट्स के साथ काम करना मुश्किल होता है, क्योंकि उन में ईगो होता है.

क्या कभी अपना बचपन याद आता है?

मेरा बचपन तो ऐसा था ही नहीं. मैं बहुत शाय नेचर की थी. 4 साल की उम्र में केवल अपना नाम लिखना जानती थी. ये बच्चे इतने बड़ेबड़े संवाद कैसे बोलते हैं, ऐक्शन, कौमेडी कैसे कर लेते हैं, मैं देख कर हैरान होती हूं. मैं आज भी आसानी से रिऐलिटी शोज में अभिनय नहीं कर सकती.

अपने बच्चों में क्या प्रतिभा देखती हैं?

मेरा बेटा पूरी तरह से स्पोर्ट्स पर्सन है, तो बेटी डांस और सिंगिंग पसंद करती है. वह शास्त्रीय संगीत सीख रही है.

अपने काम के बीच परिवार को कैसे संभालती हैं?

मैं ने हमेशा परिवार को प्राथमिकता दी है. इसीलिए तो बच्चों के हिसाब से काम चुनती हूं. मैं बच्चों के हर विकास को देखना और ऐंजौय करना चाहती हूं. फिल्में या काम मेरी लाइफ नहीं, बल्कि लाइफ का एक हिस्सा है. फिल्में तो मैं बाद में भी कर लूंगी, पर बच्चों का बचपना लौट कर नहीं आ सकता. उन के शैड्यूल के अनुसार में अपनेआप को ऐडजस्ट करती हूं. बच्चों की छुट्टियों में मैं कोई काम नहीं करती, क्योंकि वह समय उन के लिए होता है. इसीलिए मैं टीवी के किसी फिक्शन शो में काम नहीं करती.

आप किस तरह की मां हैं और बच्चों को कितनी आजादी देती हैं?

मैं एक नौर्मल मां हूं. बच्चों को अच्छी परवरिश देने की कोशिश कर रही हूं. उन्हें पूरी आजादी देती हूं. लेकिन वे जो भी करते हैं मुझ से डिस्कस अवश्य कर लेते हैं. इस से मुझे उन की सोच के बारे में पता चलता है. अगर कुछ समझाने की जरूरत होती है, तो बैठ कर समझा देती हूं.

बच्चों की ग्रोथ में किस बात का अधिक ध्यान रखती हैं?

मैं उन की उन के सपनों को पूरा करने में मदद करती हूं. अपने सपनों को उन पर नहीं थोपना चाहती. वे उसे चुनें जिसे बेहतर समझते हैं और अगर वे ऐसा कर पाए तो यकीनन सफल होंगे. इस के अलावा हमेशा यह कोशिश करती हूं कि वे सभी की इज्जत करना सीखें.