रामानंद सागर के टीवी सीरियल ‘‘रामायण’’ में सीता का किरदार निभाने के बाद दीपिका चिखालिया ने शादी कर अपनी जिंदगी की नई शुरूआत की थी. पिछले बीस वर्षों से वह अभिनय व कैमरे की चकाचौंध से दूर थी. पर अब वह अभिनय बौलीवुड में पुनः कदम रखने जा रही हैं. इस बार वह निर्माता घनश्याम पटेल, लेखक धीरज मिश्रा और निर्देशक मनोज गिरी की फिल्म ‘‘गालिब’’ में अभिनय करते हुए नजर आने वाली हैं.

‘‘गिरिवा प्रोडक्शंन’’ के बैनर तले बनने जा रही फिल्म ‘‘गालिब’’ की कहानी 2001 में भारतीय संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरू की जिंदगी पर आधारित है, जिन्हें मुख्य दोषी करार दिए जाने पर नौ फरवरी 2013 को फांसी दे दी गयी थी. उसके बाद उनके बेटे किस तरह जिंदगी में आगे बढ़ते हुए प्रथम दर्जे से हाई स्कूल पास किया. तो फिल्म की कहानी अफजल गुरू के बेटे के नजरिए से होगी.

इस फिल्म में दीपिका चिखालिया अफजल गुरू की पत्नी व गालिब की मां के किरदार में होंगी. गालिब का किरदार नवोदित अभिनेता निखिल पिताले निभा रहे हैं. फिल्म में अनिल रस्तोगी, अनामिका शुक्ल, ज्योत्सना त्रिवेदी, इमरान हसमी, मेघा जोशी व अजय आर्य की भी अहम भूमिकाएं होंगी.

हमसे खास बातचीत करते हुए दीपिका चिखालिया ने कहा-‘‘सीता का किरदार निभाने के बाद से ही मैं किरदारों के चयन को लेकर काफी सतर्क रही हूं. सीता की छवि मेरे साथ आज भी चिपकी हुई है. सीता ऐसा किरदार है, जिसकी अमिट छाप दर्शकों के दिलो दिमाग पर छायी हुई है. इसलिए काफी सोच समझकर मैंने फिल्म ‘गालिब’ में अभिनय करना स्वीकार किया है.

फिल्म ‘गालिब’ में मेरा किरदार अफजल गुरू की जिंदगी से जुड़ा हुआ नहीं है. मेरा किरदार गालिब गुरू कि जिंदगी की घटनाओें से जुड़ा हुआ है. चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में गालिब की जिंदगी आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. सिर्फ कश्मीर ही नहीं देश के हर कोने के युवा के लिए गालिब प्रेरणा स्रोत है.

गालिब का किरदार विवादित नहीं है. जब फिल्म के लेखक धीरज मिश्रा ने मुझे गालिब की मां के किरदार की गहराइयां बतायी, तो मैंने तय किया कि यह फिल्म करनी चाहिए.’’

दो दशकों तक अभिनय से दूर रहने के सवाल पर दीपिका ने कहा-‘‘मैं हमेशा सार्थक सिनेमा और सार्थक किरदारों को ही अहमियत दी है. शादी के बाद मेरी पहली प्राथमिकता पारिवारिक जिम्मेदारियों का कुशलता पूर्वक निर्वाह करना था. इसलिए कुछ दूरी रही. पर अब एक सार्थक किरदार निभा रही हूं.’’