‘सब्सटैंस औफ वूमन’ के किरदार निभाते हुए बौलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली विद्या बालन फिल्म ‘परिणीता’ से ले कर ‘बौबी जासूस’ तक अपनी अभिनय क्षमता से दर्शकों को चौंकाती आई हैं.

हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने वाली अदाकारा विद्या ने इन दिनों यह कह कर दर्शकों को चौंकाया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जासूसी करने वाली हैं.

पेश हैं, विद्या से हुई गुफ्तगू के कुछ अहम अंश:

चर्चा है कि फिल्म ‘बौबी जासूस’ का पात्र आप की अपनी जिंदगी से मिलताजुलता रहा?

फिल्म ‘बौबी जासूस’ में बिलिक्स उर्फ बौबी की अपनी जिंदगी की यात्रा है. जब मैं ने स्क्रिप्ट पढ़ी थी, तब मुझे उस में अपनी जिंदगी की झलक नजर आने लगी थी. मैं निजी जिंदगी में भी छोटेछोटे कदम उठा कर आगे बढ़ रही हूं. पर बौबी और मुझ में एक फर्क है. इस फिल्म में बौबी के पिता उस के खिलाफ हैं, जबकि मेरे पिता व मेरी बड़ी बहन हमेशा मेरे साथ रहे और आज भी साथ हैं. लेकिन मेरी मम्मी मेरे इस निर्णय से नाखुश थीं. मम्मी नहीं चाहती थीं कि मैं अभिनेत्री बनूं.

फिल्म ‘बौबी जासूस’ में बौबी की जो यात्रा है, उस में वूमन ऐंपावरमैंट कहां है, जिस की आप बड़ी हिमायती हैं?

वूमन ऐंपावरमैंट या स्ट्रौंग वूमन मेरे लिए वही है, जो इस बात में विश्वास करती है कि उस की अपनी जिंदगी की डोर उस के अपने हाथों में है. बौबी इसी तरह की लड़की है. बौबी जानती है कि वह अपनी जिंदगी की हर परेशानी से जूझ सकती है. उस की जिंदगी में तमाम अड़चनें आती हैं. पर वह हार नहीं मानती.

टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में वूमन ऐंपावरमैंट के नाम पर कुछ होता ही नहीं है. क्या गिनीचुनी नारीप्रधान फिल्में बनाना ही वूमन ऐंपावरमैंट है?

मैं टीवी इंडस्ट्री को ले कर कुछ नहीं कह सकती, क्योंकि मैं टीवी पर काम नहीं कर रही हूं. मैं फिल्मों के प्रमोशन के लिए ही टीवी पर जाती हूं. फिर भी मुझे लगता है कि आज लोगों में अवेयरनैस इस कदर बढ़ी है कि अब वे डरते नहीं हैं. लड़की समझ जाती है कि सामने वाला अपनी हरकतों से किस बात की तरफ इशारा कर रहा है.

आप खुद वूमन ऐंपावरमैंट के लिए अपनी तरफ से या किसी संस्था के साथ जुड़ कर क्या कर रही हैं?

मैं किसी संस्था के साथ जुड़ी नहीं हूं. मैं निजी स्तर पर ही औरतों के लिए काम करती हूं. मैं हमेशा ऐसे किरदार निभाती हूं. मैं ऐसी लड़कियों या ऐसी औरतों के किरदारों को निभाती हूं, जो अपनी शक्ति से वाकिफ हैं या फिल्म के दौरान वे अपनी शक्तियों से वाकिफ हो जाती हैं. मैं जो भी काम करती हूं, अपनी निजी जिंदगी में करती हूं. किसी संस्था से जुड़ कर नहीं करती. मैं धरना दे कर ऐलान नहीं करती कि मैं वूमन ऐंपावरमैंट के लिए काम कर रही हूं.

आप दावा करती हैं कि आप का दांपत्य जीवन खुशहाल है. तो फिर सिद्धार्थ राय कपूर के साथ आप की अनबन की खबरें क्यों हैं?

मेरी बीमारी ने इस तरह की अफवाहों को जन्म दिया. बीमारी के कारण मैं ने सुजौय घोष की फिल्म ‘दुर्गारानी सिंह’ में अभिनय करने से मना कर दिया. जबकि पहले मैं ने इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भरी थी. लोगों ने इस की वजह पूछी तो मैं ने कहा कि मैं ने बीमारी की वजह से फिल्म छोड़ी है. इस से लोगों को लगा कि मैं झूठ बोल रही हूं और मीडिया ने पति के साथ मेरे झगड़े की खबर फैला दी.

आजकल लोग बाथरूम जाते हैं, तो भी ट्विटर पर बता कर जाते हैं. लोग फेसबुक पर, वाट्सएप पर चाय पीने से ले कर हर छोटी से छोटी बात लिखते रहते हैं. ऐसे में मेरे जैसा कोई कलाकार यदि अपनी निजी जिंदगी के बारे में कुछ नहीं बताना चाहता है, तो लोगों को यह बात हजम नहीं होती है.

क्या आप मानती हैं कि फेसबुक या ट्विटर की वजह से रिश्ते टूट रहे हैं?

जी, हां. फेसबुक या ट्विटर किसी रिश्ते को बनाने में शुरुआती मदद भले करते हों, पर अंतत: ये नुकसान ही पहुंचाते हैं. मेरा मानना है कि एक रिश्ता 2 लोगों के बीच होता है, उसे आप फेसबुक या ट्विटर पर जाहिर कर या उस रिश्ते के बारे में कुछ भी लिख कर पूरे विश्व को बता कर गलत करते हैं. फिर यह रिश्ता पतिपत्नी, प्रेमीप्रेमिका, 2 बहनों, 2 भाइयों, बहनभाई अथवा मातापिता के साथ हो.

आप ने फिल्मों में कई तरह के चरित्र निभाए. किस फिल्म के किस चरित्र ने आप पर पौजिटिव या नैगेटिव प्रभाव डाला?

‘द डर्टी पिक्चर्स’ फिल्म में अभिनय करने का मुझ पर पौजिटिव असर यह हुआ कि मेरे अंदर जो झिझक थी, वह खत्म हो गई. इस फिल्म की वजह से मुझे लोगों का बेशुमार प्यार मिला. पर नैगेटिव असर यह रहा कि इस फिल्म ने मेरी पूरी ऐनर्जी निचोड़ ली. मगर मैं खुश हूं कि दर्शक इस फिल्म की वजह से मुझे हमेशा याद रखेंगे.

आप को देश की नई सरकार से क्या उम्मीदें हैं?

मुझे नई सरकार से बहुत उम्मीदें हैं और यकीन भी है कि मोदीजी कुछ कर दिखाएंगे.

कुछ दिन पहले आप ने कहा कि आप नरेंद्र मोदीजी की जासूसी करना चाहती हैं. इस के पीछे आप की क्या सोच थी?

मैं ने जो कहा सही कहा. आज नरेंद्र मोदी के नाम की हवा चल रही है. हम सभी चाहते हैं कि नरेंद्र मोदीजी भारत के सपने साकार करें और हम सभी इस काम में उन के साथ चलने को तैयार हैं. बस, वे ईमानदारी से काम करें.

देश की किन समस्याओं पर मोदी सरकार को सब से पहले काम करना चाहिए?

हमारे देश के सामने तमाम समस्याएं हैं. पिछली सरकार सिर्फ समस्याएं ही समस्याएं छोड़ कर गई है, जिस का उसे सबक भी मिल गया. पर सब से पहले गरीबी को मिटाने पर ध्यान देना चाहिए. आम इंसान को राहत मिलनी चाहिए. देश से भ्रष्टाचार खत्म होना बहुत जरूरी है. इस के साथ ही लड़कियों व औरतों की सुरक्षा भी बहुत बड़ा मुद्दा है.

हाल ही में उत्तर प्रदेश के बदायूं में जिस तरह से रेप की घटना हुई है, उस से तो भारतीय लड़कियों के साथ रेप की घटना अंतर्राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गई है. इस पर भी कड़ा कदम उठाने की जरूरत है.