गृहशोभा विशेष

जब से कंगना रनौत ने हंसल मेहता निर्देशित फिल्म ‘‘सिमरन’’ में लेखक के रूप में अपना नाम जुड़वाया है, तब से फिल्म के लेखक व एडीटर अपूर्वा असरानी और कंगना रनौत के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. अपूर्वा असरानी के तमाम विरोधों व तर्कों के बावजूद फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता पूरी तरह से कंगना रनौत पर मेहरबान नजर आ रहे हैं.

अब सूत्रों से जो खबरें आ रही हैं, उन पर यकीन किया जाए, तो फिल्म ‘‘सिमरन’’ में एडीटर के रूप में भी कंगना रनौत का नाम दिया जाने वाला है. सूत्र बता रहे हैं कि फिल्म के पहले ट्रेलर से फिल्म की पूरी टीम नाराज है. इसलिए अब इसे पुनः एडिट करने की जिम्मेदारी कंगना रनौत ने खुद संभाल ली है. सूत्र बता रहे हैं कि कंगना रनौत जिस तरह से इस फिल्म के साथ काम कर रही हैं, उससे अब फिल्म के लेखक व एडीटर अपूर्वा असरानी के साथ साथ फिल्म की पूरी मार्केटिंग टीम भी कंगना रनौत से खफा चल रही है.

सूत्रों का दावा है कि कंगना रनौत जिस तरह से ट्रेलर में फेरबदल करना चाहती हैं, उससे मार्केटिंग टीम काफी भयभीत है. उन्हें लग रहा है कि यदि यही हाल रहा तो उनके लिए फिल्म की मार्केटिंग करना असंभव हो जाएगा. मजेदार बात यह है कि हर किसी के नाराज होने के बावजूद हंसल मेहता, कंगना की ही हां में हां मिला रहे हैं.

उधर कंगना के नजदीकी सूत्रों की मानें तो 2015 में ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न’ के बाद सफलता का स्वाद न चख पाने वाली कंगना रनौत फिल्म ‘‘सिरमन’’ को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित हैं. वह इस फिल्म के हर विभाग में अपनी दखलंदाजी कर इसे सुपर डुपर हिट बनाना चाहती हैं. इसीलिए अब कंगना रनौत एडीटिंग टेबल पर बैठकर यह तय कर रही हैं कि कौन सा दृष्य कब और किस तरह से फिल्म में नजर आएगा.

बौलीवुड से जुड़े एक सूत्र का मानना है कि हंसल मेहता के दिमाग में यह बात बैठ चुकी है कि कंगना रनौत ने विशाल भारद्वाज के साथ फिल्म ‘‘रंगून’’ में काम करके उनसे बहुत कुछ सीख लिया है, जिसे वह ‘सिमरन’ में उपयोग करना चाहती है, इससे फिल्म ‘सिमरन’ बेहतर हो जाएगी, इसलिए वह कंगना के हर सुझाव को हरी झंडी दे रहे हैं. मगर हंसल मेहता ‘रंगून’ की बाक्स आफिस पर जो दुर्गति हुई है, उसे भूल गए.

बौलीवुड में सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या हंसल मेहता का अपनी निर्देशकीय क्षमता पर से यकीन उठ गया है, जो अब उन्हें लग रहा है कि उसे कंगना रनौत एडीटिंग टेबल पर सुधार देंगी.

वैसे बौलीवुड का एक तबका यह मानकर चल रहा है कि कंगना रनौत यह सब कुछ फिल्म की बेहतरी नहीं बल्कि अपूर्वा असरानी को गुस्सा दिलाने के लिए कर रही हैं. जबकि कुछ लोग मानते हैं कि कंगना रनौत का मकसद फिल्म ‘सिमरन’ के माध्यम से यह साबित करना है कि वह बौलीवुड में एकमात्र ‘वन मैन शो’ है, जो कि फिल्म मेकिंग के हर विभाग को अकेले ही संभाल सकती हैं.

अब कंगना का मकसद क्या है और वह क्या खोएंगी या पाएंगी, इसका जवाब तो फिल्म ‘‘सिमरन’’ के प्रदर्शन पर दर्शक ही देंगे.

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