दिशा पायलट बनना चाहती थीं, लेकिन कालेज के दौरान मुंबई की एक प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिस में वे जीत गईं और फिर शूट के लिए मुंबई जाने लगीं. वे जब भी मुंबई जातीं, 1-2 दिन अधिक ठहर कर औडिशन देती थीं. इस से उन्हें मौडलिंग में अवसर मिलने लगे. बाद में फिल्मों के भी औफर आने लगे. 2013 में वे ‘मिस इंडिया’  की पहली ‘रनर अप’ भी रह चुकी हैं.

‘धोनी: एन अनटोल्ड स्टोरी’ उन की पहली हिंदी फिल्म थी. औडिशन से सीखा अभिनय दिशा को फिल्म ‘कुंगफू योगा’ में भी सुपर स्टार जैकी चैन के साथ काम करने का मौका मिला. फिल्म तो अधिक नहीं चली, पर उन के काम को प्रशंसा मिली. इस के बाद उन्होंने फिल्म ‘बागी 2’ में लीड ऐक्ट्रैस की भूमिका निभाई. दिशा अभिनय के अलावा मौडलिंग भी करती हैं. वे अब तक के अपने काम से बहुत संतुष्ट हैं. उन्हें अकेले रहना और अपने लिए खाना बनाना बहुत पसंद है. उन्होंने औडिशन से ही अभिनय सीखा है.

वे कहती हैं, ‘‘मैं बचपन में बहुत शर्मीली नेचर की थी. कभी अभिनय के बारे में सोचा नहीं था. जब इस क्षेत्र में आई तो इतने औडिशन दिए कि मेरा डर भाग गया. सोच केवल यही थी कि कैसे भी काम मिल जाए.’’

अफवाहों से फर्क नहीं पड़ता

फिल्म ‘बागी 2’ के बाद टाइगर श्रौफ उन के अच्छे दोस्त बन गए हैं, जिन के साथ वे लंच और डिनर करना पसंद करती हैं. दोनों के बारे में उड़ाई गई अफवाहों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. वे कहती हैं, ‘‘अभी मेरी पहचान नहीं बनी है. ऐसे में अगर मुझे कोई कुछ कहता है, तो मैं उसे नजरअंदाज कर देती हूं. इस के अलावा मेरी किसी भी न्यू कमर से कोई प्रतियोगिता नहीं है, क्योंकि मैं एक छोटे शहर से आई हूं. मैं किसी को जानती नहीं हूं. ऐसे में इतनी सफलता हाथ लगेगी, यह भी मैं ने नहीं सोचा था. खुश हूं कि देर से ही सही, पर अच्छी फिल्में मिल रही हैं.’’

कास्टिंग काउच का सामना दिशा को इसलिए नहीं करना पड़ा, क्योंकि वे अंदर से बहुत स्ट्रौंग हैं. इस बारे में उन का कहना है, ‘‘कास्टिंग काउच का अधिकतर उन्हें सामना करना पड़ता है, जिन की कमजोरी को सामने वाला समझ जाता है और फिर वैसी ही बातें करता है. यहां अपनेआप में मजबूत होने की बहुत जरूरत है.’’

Tags: