धारावाहिक ‘कितनी मोहब्बत है’ से चर्चित होने वाली अभिनेत्री कृतिका कामरा टीवी इंडस्ट्री में एक जाना माना नाम हैं. टीवी शो के अलावा उन्होंने कई फिक्शन धारावाहिक और रियलिटी शो किये हैं. बचपन से ही डांस और संगीत का शौक रखने वाली कृतिका को यहां तक पहुंचने में साथ दिया उनके माता-पिता ने. उन्होंने कृतिका पर विश्वास रखा और मुंबई एक्टिंग के लिए भेजा. शांत और हंसमुख स्वभाव की कृतिका आज टीवी के अलावा फिल्मों में भी काम कर रही हैं, क्योंकि अभिनय उनका पैशन है इसलिए वह हर तरह का अभिनय करना चाहती हैं. फिल्म ‘मित्रों’ में वह डेब्यू करने के साथ-साथ मुख्य भूमिका निभा रही हैं. उनसे मिलकर बात करना रोचक था, पेश है कुछ अंश.

इस फिल्म को करने की खास वजह क्या है?

इसकी कहानी और निर्देशक दोनों ही अच्छे हैं. कहानी सुनते ही मैं एक्साइटेड हो गयी थी, क्योंकि फीमेल चरित्र को इतना स्ट्रोंग रोल मिलना आसान नहीं होता. अधिकतर गाने या लव इंटरेस्ट को लेकर ही अभिनेत्री को दिखाया जाता है. मैं आज की लड़की की भूमिका निभाना चाह रही थी ताकि आज की लड़कियां मुझसे अपने आप को रिलेट कर सकें.

टीवी इंडस्ट्री से फिल्मों की ओर आने की खास वजह क्या है?

मैं कुछ सालों से फिल्मों में आने की कोशिश कर रही थी कई बार फिल्में साईन भी की, पर वह बनी नहीं. इस बार चंद्रकांता धारावाहिक के खत्म होते ही इस फिल्म के लिए बुलावा आया और मैंने पाया कि टीवी अब एक ही दिशा की ओर जा रहा है. ऐसे में जब ये मौका मुझे मिल रहा है, तो अच्छा लगा, क्योंकि ये टीवी से अलग है. इसकी कहानी अच्छी है.

टीवी पर अधिकतर धारावाहिक नाग नागिन और सास बहू पर आधारित होती है, आप इसे कैसे लेती हैं?

टीवी एक ऐसा माध्यम है, जहां पर लोगों के मनोरंजन पर अधिक ध्यान दिया जाता है, ऐसे में दर्शक जो देखना पसंद करते हैं उन्हें वही दिखाया जाता है और प्रोड्यूसर भी वैसा ही बनाने की कोशिश करते रहते हैं. ऐसे में कई बार एक ही तरह के कांसेप्ट कई चैनलों पर होते हैं. असल में ट्रेंड दर्शक ही सेट करते हैं. अलग शो बनाने पर अगर लोग उसे स्वीकार नहीं करते हैं, तो रिस्क बना रहता है. ऐसे में सबकी सोच अगर बदलेगी, तभी टीवी भी प्रोग्रेसिव विचार वाले धारावाहिक बनाने लगेंगे.

आपके जीवन का टर्निंग प्वाइंट क्या था?

मेरा पहला सीरियल ‘यहां के हम सिकंदर’ ही मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट था. इससे पहले मैंने कभी अभिनय के बारें में सोचा नहीं था. मैं दिल्ली में थी और उस धारावाहिक के औडिशन के साथ ही मुंबई आई थी और चुनी गयी. ये टर्निंग प्वाइंट अगर मेरे जिंदगी में नहीं आती, तो मैं समझ नहीं पाती कि मुझे क्या करना है. आज मुझे ये काम बहुत पसंद आता है और हर रोज मैं काम पर जाने की अपेक्षा करती हूं. मुझे इस तरह का कैरियर एक्सीडेंटली मिल गया.

आउटसाइडर होने की वजह से यहां तक पहुंचने में आपको कितने संघर्ष करने पड़े?

संघर्ष कभी खत्म नहीं होता, ये चलता रहता है, लेकिन उसके रूप बदलते रहते हैं. मैं पहले धारावाहिक के साथ मुंबई आई थी इसलिए मुझे शुरुआती संघर्ष नहीं करने पड़े. मेरा संघर्ष अच्छे काम के लिए था. अब फिल्मों में अपने आप को प्रूव करने का संघर्ष जारी है. असल में सभी को लगता है कि टीवी कलाकार फिल्मों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते. जब तक आप अपने आप को अच्छा प्रूव करने की कोशिश करते रहते है, संघर्ष चलता रहता है.

टीवी कलाकार फिल्मों में सफल नहीं होते, इस बात से आप कितनी सहमत हैं?

अभी बहुत सारे कलाकार टीवी से फिल्मों की तरफ आये हैं और सफलता भी मिली है. असल में टीवी कलाकार को अच्छा काम नहीं मिलता. इसलिए दिखाई नहीं पड़ते. मौका मिले तो वे भी अच्छा काम कर सकते है.

आपके काम में परिवार का कितना सहयोग रहा है?

मेरे परिवार ने शुरू से मेरा साथ दिया है. मैं आउटसाइडर हूं और मुंबई से कोई लेना देना नहीं था. मुंबई एक बार केवल घूमने आई थी. शुरू में उन्होंने काफी प्रोटेक्ट किया, क्योंकि मैंने 18 साल की उम्र से एक्टिंग करना शुरू कर दिया था. उन्हें कई बार लगता था कि मैं सही कर रही हूं या नहीं, क्योंकि मैंने कौलेज छोड़कर एक्टिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने मुझे किसी भी निर्णय को लेने की आजादी दी है. मेरे सबसे बड़े फैन मेरे माता-पिता ही हैं, जो मेरी सफलता को देखकर खुश होते हैं.

समय मिले तो क्या करना पसंद करती है?

समय मिलता है, तो शहर से दूर घूमने चली जाती हूं.

आपकी आगे की योजनायें क्या है?

मैं हर तरह की फिल्में और वेब सीरीज करने की इच्छा रखती हूं.

किस तरह की फिल्में करने की इच्छा रखती हैं?

मैं हर तरह की फिल्में करना चाहती हूं, लेकिन एक अच्छी कहानी ही एक फिल्म को सफल बनाती है.

क्या स्टार किड्स से आपकी कोई प्रतियोगिता है?

हर किसी का भाग्य दर्शक पर निर्भर करता है. ये सही है कि उन्हें पहला मौका आसानी से मिलता है, लेकिन बाद में उनका काम ही सामने आता है. मेरी किसी से कोई प्रतियोगिता नहीं. अगर आपमें अच्छा टैलेंट है, तो आप आगे अवश्य आ सकते हैं.

क्या कुछ सामाजिक कार्य करना चाहती हैं?

मैं बहुत पहले से ही अपने लेवल पर कुछ न कुछ करने की कोशिश करती रही हूं. मेरे माता-पिता जहां काम करते है वह एक चेरीटेबल ट्रस्ट है. मेरे पिता एक चेरीटेबल हौस्पिटल के डाक्टर हैं और मेरी मां एक चेरीटेबल स्कूल की प्रिंसिपल है. वह 30 से अधिक सालों से वहां काम करते आ रहे हैं. मैं उनके काम से बहुत प्रभावित हूं. मुझे भी कुछ करना ही है.

गृहशोभा की महिलाओं के लिए क्या निर्देश देना चाहती हैं?

धीरज और आत्मविश्वास उनमें होनी चाहिए. आपको अगर कुछ करना है तो किसी भी रिजेक्शन या असफलता को अपने ऊपर हावी न होने दें.