गृहशोभा विशेष

महज 4 वर्ष की उम्र से गायन के क्षेत्र में कदम रखने वाली प्ले बैक सिंगर सुनिधि चौहान किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. उन्होंने हिंदी गानों के अलावा मराठी, तेलगू, तमिल, कन्नड़, पंजाबी, बंगाली, असमी, नेपाली आदि सभी भाषाओं में गायन किया है. सुनिधि को उनकी बेहतरीन गायिकी के लिए कई बार अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है. हिंदी सिनेमा जगत में उन्होंने अपने आप को एक निर्भीक परफार्मर के रूप में स्थापित किया है. वह जितना अच्छा गाती हैं, उतनी ही अच्छी दिखती भी हैं. वह एक फैशनिस्ता आइकौन के रूप में जानी जाती हैं.

सुनिधि का कैरियर जितना अच्छा है, उतना उनका निजी जीवन अच्छा नहीं था. उन्होंने 18 साल की उम्र में कोरियोग्राफर और निर्देशक बौबी खान से शादी की थी, जो सिर्फ एक साल तक चली. इसके बाद उन्होंने साल 2012 को अपने बचपन के दोस्त और संगीत निर्देशक हितेश सोनिक के साथ शादी की और अभी एक बेटे की मां बनी हैं और इस नयी जिंदगी से बहुत खुश हैं. इस समय वह स्टार प्लस टीवी पर आये नए रियलिटी शो ‘दिल है हिन्दुस्तानी 2’ की जज बनी हैं. उनसे मिलकर बात करना रोचक था. पेश हैं अंश.

प्र. इस शो में काम करने की खास वजह क्या है?

शो तो वही है, पहले जैसा ही होगा, जिसमें पूरे विश्व से आकर लोग गाना गायेंगे और मुझे अच्छे-अच्छे गाने सुनने को मिलेंगे. मेरे लिए यही सबसे अच्छी बात है.

प्र. मदरहुड को कितना एन्जौय कर रही हैं? आप में कितना बदलाव आया है?

बहुत अच्छा लग रहा है, मां बनने के बाद मेरी जिंदगी और भी अच्छी हो गयी है और मैं ने मेरे बेटे के 28 दिन के होने के बाद से काम करना शुरू कर दिया था. सब काम मैं कर रही हूं फिर चाहे वह शो को जज करना हो या रिकार्डिंग, लेकिन जहां मैं जाती हूं, वहां वह भी साथ में जाता है. उसको छोड़कर मुझे कही जाने का मन नहीं करता, इसलिए हमेशा साथ लेकर ही जाती हूं.

बदलाव तो अधिक नहीं आया, पर मैं मां बनकर बहुत खुश हूं और बच्चे को हर पल ग्रो करते हुए देख रही हूं.

प्र. आप अपनी जर्नी को कैसे देखती हैं?

मुझे लगता है कि अभी मेरी जिंदगी शुरू हुई है. मैं पीछे मुडकर बहुत कम देखती हूं. मुझे गाना अच्छा लगता है. ये मेरा पैशन है और मेरे बेटे तेग के आने के बाद पैशन और बढ़ गया है. अब मुझे लगता नहीं है कि ये रुकने वाला है. अब ये आगे ही बढ़ता जायेगा. जर्नी बहुत खुबसूरत है.

प्र. गाने के क्षेत्र में आये बदलाव को कैसे देखती हैं? जहां मेलोडी और गीतों पर ध्यान कम हो रहा है?

कम ज्यादा हमेशा से हो रहा है, आप कभी भी पूरा एल्बम नहीं सुनते, जो गाना टीवी पर आ रहा है उसे ही सुनते हैं. चलते हुए गाने को ही अधिक प्रमोट किया जाता है, इससे आपको पता नहीं चलता कि और क्या काम हुआ है. करीब 15 सालों से प्रमोशन लाइट गानों का हो रहा है. कोई भी बदलाव को मैं पसंद करती हूं, क्योंकि अगर वह गलत बदलाव भी हुआ है, तो वापस सही सुनने के लिए गलत का होना जरुरी है. मैं खुश हूं कि पिछले 22 सालों से मैं इस बदलाव का हिस्सा बनती रही हूं और अभी भी गाई जा रही हूं.

प्र. संगीत के अलावा और क्या करना पसंद करती हैं?

गाड़ी चलाना, डांस करना और अपने बच्चे के साथ खेलना बहुत पसंद है.

प्र. कभी एक्टिंग के बारें में सोचा?

एक्टिंग तो मैं करना चाहती हूं. इस इंतज़ार में हूं कि भले ही भूमिका बड़ी न हो, पर प्रभावी हो और मुझे उसे करने में मजा आयें. एक्टिंग के लिए अभी भी स्क्रिप्ट आ रहे है, पर वे उतने आकर्षक नहीं हैं.

प्र. मां बनने के बाद महिलाएं अपने कैरियर से समझौता कर लेती हैं, उन मांओं को क्या मेसेज देना चाहती हैं?

मैं ने देखा है कि महिलाएं कभी भी कैरियर से समझौता नहीं करती,क्योंकि हर कोई महिला सफलता पाना और खुश रहना चाहती है. ये परिवार और आस-पास के कुछ लोग होते हैं, जो बताते हैं कि अब तुम मां बन गयी हो और तुम्हे कैरियर से समझौता कर लेना चाहिए. मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप अपने आप को कभी दोषी न माने, अपने दिल की बात सुने. आपको जो अच्छा लगे, वह करें. मैं ने वह सब कुछ कभी फोलो नहीं किया, जिसे सबने कही. जो बात मुझे तार्किक रूप से सही लगी. उसे ही मैं ने किया. मैं तो बच्चे के जन्म के 28 दिन बाद रिकार्डिंग के लिए चली गयी थी, लेकिन बच्चे को भी साथ लेकर गयी और हमेशा इस बात का ख्याल रखती हूं कि जहाँ भी उसे लेकर जाऊं, वह स्थान हाईजिनिक हो. 6 महीने से मैंने दो या तीन स्टूडियो में ही रिकार्डिंग किया है, जहां पर बच्चे को रखने की सही सुविधा हो.

प्र. आपकी कमजोरी और शक्ति क्या है?

शक्ति मेरी ऑडियंस है, जिसकी वजह से मैं यहां तक पहुंच सकी हूं. इसके अलावा मेरी नयी शक्ति मेरे पति है, जो मुझे बहुत अच्छी तरह समझते हैं और मुझे सम्मान देते हैं. कमजोरी पर अधिक मैं ध्यान नहीं देती. बच्चे के लिए थोड़ी कमजोरी है.

प्र. आगे की योजनायें क्या हैं?

मैं हर दूसरे तीसरे दिन गाना गाती रहती हूं. फिल्म ‘संजू’ के लिए भी एक गाना गाया है. जैसेजैसे काम आता जाता है मैं गाती रहती हूं.

प्र. आजकल एक्टर और एक्ट्रेस सभी गाते हैं, ऐसे में पार्श्व गायक कलाकारों के कैरियर पर कोई असर पड़ा क्या?

ये तो सालों से चला आ रहा है, पहले भी कुंदन लाल सहगल, सुरैया आदि सब गाते थे. आज भी एक्टर एक्ट्रेस गा रहे हैं. ये एक नयापन है और इसका असर किसी पर नहीं पड़ता.

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