समाज से कोठे भले ही खत्म हो गये हो पर कोठों के प्रति दिलचस्पी अभी बनी हुई है. कामेडी शो भाभी जी घर पर हैमें कोठेवाली बनी गुलफाम कली को लोग बहुत पंसद कर रहे हैं. यह बात सीरियल मेकर्स को पता चली तो न केवल गुलफाम कली का रोल बढाया गया बल्कि उसको ग्लैमराइज किया गया.

अब गुलफाम कली अपने कोठे पूरे गाने गाती है तो तिवारी और विभूती मिश्रा को गुलफाम कली में अपनी बीबी नजर आती है. गुलफाम कली का रोल अभिनेत्री फाल्गुनी राजाणी ने निभाया हैं. गुलफाम कली का किरदार निभाने वाली फाल्गुनी थिएटर से जुड़ी रही हैं. वह अपने परिवार की इकलौती लड़की हैं. गुजरात की रहने वाली फाल्गुनी की शिक्षा और पालन पोषण मुम्बई में हुई.

2004 में स्टेज प्ले से अपने करियर की शुरुआत करने वाली फाल्गुनी हिन्दी, गुजराती और मराठी में टीवी शो और स्टेज प्ले कर चुकी हैं. 12 साल के फिल्मी करियर में फाल्गुनी को सबसे अधिक पहचान कॉमेडी सीरियल भाभी जी घर पर है से मिली.

अब दर्शक भी उनको इस शो में सबसे अधिक पंसद करने लगे हैं. यही वजह है कि गुलफाम कली के किरदार को केन्द्र में रखकर एपीसोड तैयार किये गये.

फाल्गुनी कहती हैं मैंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2004 में गुजराती स्टेज प्ले से की. फिल्म गुज्जूभाईमें फाल्गुनी ने धमाकेदार रोल किया. इस फिल्म की वजह से फाल्गुनी महाराष्ट्र, गुजरात और मुम्बई में काफी मशहूर हुई. गुजराती के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया. टीवी शो बड़ी दूर से आए हैंमें इला मॉसी का किरदार निभाया. इस भूमिका से वह बच्चों में काफी लोकप्रिय हुई.

मुंबई में पली बढी फाल्गुनी मेहनत पर भरोसा करती हैं. उनकी 3 बहने है. बड़ी बेटी होने के नाते फाल्गुनी परिवार की जिम्मेदारी 15 साल की उम्र से ही उठानी शुरू कर दी. शुरूआत में जॉब करके परिवार को सहारा दिया. बड़ी मेहनत के बाद स्टारडम तक पहुची हैं.

मुंबई में उनके साथ उनकी मां और बहनें रहती हैं. फाल्गुनी का कहना है कि वे फिल्मों में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं. मुम्बई को वह अपनी कर्मस्थली मानती हैं.

उनका कहना है कि मुझे मुम्बई ने बहुत कुछ दिया मैं यहां रह कर ही अपनी पहचान बनाने चाहती हूं. काठे वाली के किरदार से लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया है. मैं पूरी मेहनत से उनकी अपेक्षाओं को पूरा करना चाहती हूं. फाल्गुनी की एक हिन्दी और 2 मराठी फिल्मे आने वाली है.