गृहशोभा विशेष

सौम्य, शालीन और आत्मविश्वास से लबरेज टौप फैशन डिजाइनिंग इंस्टिट्यूट ‘निफ्ट’ की ग्रैजुएट विनीता मित्तल कासा ब्रैंड्स इंडिया प्रा. लि. की ब्रैंड डायरैक्टर हैं, जिस के उत्पाद बोनिटा नाम से बनते हैं. आइए, होते हैं उन की शख्सीयत से रूबरू…

आप को उद्यमी बनने की प्रेरणा कहां से मिली?

कुछ करने की ललक और अपने जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाने की प्रेरणा से ही मैं एक उद्यमी बनी हूं. फिर मुझे खयाल आया कि क्यों न भारतीय महिलाओं की जिंदगी आसान बनाने और उन के चेहरों पर मुसकान बिखेरने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्वालिटी के होम यूटिलिटी (घरेलू उपयोगिता) उत्पाद बनाए जाएं. इन 2 महत्त्वाकांक्षाओं के मिलते ही मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली.

पुरुषों के वर्चस्व वाले कौरपोरेट सैक्टर में महिलाओं को उद्यमी बनने के लिए किस तरह के प्रयास करने पड़ते हैं?

आप जो काम करने जा रहे हैं, उस में सफलता के लिए संबंधित विषय की पूरी जानकारी होनी बहुत जरूरी है. आप जो कर रहे हैं उस में आप की महारत होनी चाहिए. आगे बढ़ने के लिए दृढ़इच्छाशक्ति भी जरूरी है. इस के बिना आप की महत्त्वाकांक्षाएं धरी की धरी रह जाती हैं. साथ ही सकारात्मक सोच रखना भी जरूरी है.

महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सब से अहम चीज आप की नजर में क्या होनी चाहिए और देश की सामाजिक व आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए क्या किया जाना चाहिए?

निश्चित रूप से शिक्षा. शिक्षा ही महिलाओें को घर में कैद कर रखने वाले तालों की चाबी है. उन्हें बराबरी का दर्जा दिलाने में शिक्षा की अहम भूमिका होती है. यह विभिन्न पृष्ठभूमि वाले अलगअलग परिवार के लोगों को एक सतह पर लाती है. महिलाओं के शिक्षा की बदौलत ही अवसर पाने की शक्ति मिलती है और वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो पाती हैं.

आप की आदर्श महिला, जो आप की प्रेरणास्रोत रही हों?

किरण बेदी और मेरी मां. मां का उद्देश्य हमें बेहतर भविष्य देना था और इस के लिए वे कड़ी मेहनत करती थीं. बहुत कम संसाधनों में भी घर पर वे अपना स्कूल चलाती थीं.

आप अपने काम और पारिवारिक जिंदगी के बीच कैसे तालमेल बैठाती हैं?

मैं समय का सदुपयोग करते हुए अपने काम और पारिवारिक जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखती हूं. मैं ने दिन के वक्त काम के अनुसार अपना समय बांट रखा है. मैं खुद को स्वस्थ रखने के लिए सुबह व्यायाम और ध्यान करती हूं और फिर दोपहर से अपना दैनिक कामकाज संभालती हूं, जिस में औफिस जाना भी शामिल है. मैं शाम के वक्त अपने परिवार के साथ पर्याप्त समय बिताती हूं.

अपने कैरियर के शुरुआती चरण में किसी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन से कैसे उबरीं?

शुरू से ही मेरी अच्छी शुरुआत रही, क्योंकि मैं ईमानदार, आत्मप्रेरित और परिश्रमी रही. मेरी एकमात्र दिक्कत यह थी कि लोगों के साथ कारोबार करने के दौरान मैं आक्रामक नहीं हो पाती थी. अभी भी मैं इस प्रवृत्ति से उबरने की कोशिश कर रही हूं.

आप के कैरियर में क्या कोई ऐसा व्यक्ति भी आया जिस ने आप की काबिलीयत पर उंगली उठाई हो?

मैं अपने कैरियर के प्रति बहुत कर्तव्यनिष्ठ रही हूं, इसलिए मेरी काबिलीयत पर किसी ने अब तक उंगली नहीं उठाई है. सभी ने मुझे सहयोग दिया और मुझे अपना लक्ष्य पाने में मदद की.

क्या आप को अभी भी लगता है कि पुरुष वर्चस्व वाले इस उद्योग में आप के लिए सफलता की सीढि़यां चढ़ना मुश्किल है?

नहीं, मैं ने ऐसा कभी महसूस नहीं किया. अपने मामले में तो मुझे कभी आगे बढ़ने में मुश्किलें नहीं आईं. मैं ने जो चाहा उसे अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण की बदौलत हासिल किया.

आप को परिवार वालों ने कैसे प्रोत्साहित किया?

उन्होंने हमेशा मुझे सहयोग दिया और मेरी कई समस्याओं का निबटारा किया ताकि मुझे अपना काम करने के लिए समय मिल सके.

हमारे देश में महिलाओं की भूमिका पिछले 2 दशकों के दौरान काफी बदल गई है. बहुत सारी महिलाएं उन क्षेत्रों में पदार्पण कर रही हैं, जिन्हें उन के बस की बात नहीं माना जाता था. आप इस बदलाव को किस नजरिए से देखती हैं और आज भी किन चुनौतियों से महिलाओं को निबटना पड़ता है?

महिलाएं किसी भी माने में पुरुषों से कमतर नहीं हैं. उन्होंने जो करना चाहा है, उस में हमेशा आगे बढ़ी हैं. उन के सामने सब से बड़ी समस्या अपनी सुरक्षा को ले कर है. पुरुष कार्यस्थलों पर भी अपनी समकक्ष महिलाओं पर हावी होने की कोशिश करते हैं. यह एक बड़ी मुश्किल है, जिस से महिलाओं को निबटना पड़ता है.

आप की नजरों में महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत होना चाहिए और जब वे शिक्षित हो जाती हैं और वित्तीय रूप से भी किसी पर निर्भर नहीं रहतीं तब क्या उन्हें पुरुषों का अत्याचार नहीं सहना पड़ता है?

इस में संदेह नहीं कि महिलाएं जब शिक्षित होती हैं और वित्तीय रूप से किसी पर निर्भर नहीं रहतीं तो उन्हें पुरुषों का अत्याचार नहीं सहना पड़ता है. महिलाएं दूसरों पर निर्भर रहने और अशिक्षित रहने के कारण ही जुल्म सहती हैं.

बोनिटा की ब्रैंड निदेशक के नाते इस ब्रैंड की खासीयतों के बारे में बताएं?

बोनिटा के उत्पाद खूबसूरत और अभिनव होते हैं. इन उत्पादों को आधुनिक शहरी और खुले विचारों की महिलाओं को ध्यान में रख कर तैयार किया जाता है. बहुत कम समय में ही बोनिटा ने उपभोक्ताओं के बीच अपनी एक खास जगह बना ली है. शहरी महिलाओं ने इस के साथ एक गहरा नाता बना लिया है, क्योंकि उन्हें बोनिटा के उत्पाद उन की जरूरतों के अनुकूल बनाए गए लगते हैं.

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