कपड़ों के फैशन के साथसाथ गहने भी बदलते रहते हैं. पहले जहां सोने और हीरे के आभूषण अधिक लोकप्रिय थे, वहीं आजकल रंगीन ज्वैलरी का क्रेज है. रंगीन ज्वैलरी पहनना आजकल लग्जरी की बात हो चली है. पहले गहने मूलरूप से भविष्य निधि के तहत आते थे, जिन में पत्थरों का प्रयोग किसी को अच्छा नहीं लगता था. लेकिन आज हर वर्ग रंगीन गहनों का चुनाव अपने आउटफिट के अनुसार करता है. रंगीन गहने व्यक्ति की अलग इमेज स्थापित करने के साथसाथ आकर्षण के भी केंद्र बनते हैं. हार, कंगन, बालियां, पायल, अंगूठी आदि सभी एक रंग या मल्टी कलर के पत्थरों से बनाए जाते हैं, जिन्हें हर कोई अपनी पोशाक के अनुसार पहनता है.

बढ़ रही है मांग

मुंबई के निकिता ज्वैलर्स के तुषार सप्रा कहते हैं कि आजकल कलर्ड ज्वैलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है. स्टोन ही नहीं कुंदन, डायमंड में भी कलर आने लगे हैं. हरी, लाल, गुलाबी, नीली आदि कलर की ज्वैलरी को महिलाएं अपनी ड्रैस के अनुसार पहनती हैं. पर्ल व पिंक रंग भी काफी लोकप्रिय है. प्लेन गोल्ड आज कोई नहीं पहनना चाहता. हमारे यहां कलर्ड ज्वैलरी में भी काफी औप्शन हैं. आजकल के गहने लौकर में रखने के लिए नहीं, बल्कि पहनने के लिए होते हैं. इन दिनों मीनाकारी के साथ भी रंगीन पत्थरों का प्रयोग होने लगा है.

ऐसे करें रखरखाव

स्टोन ज्वैलरी काफी नाजुक होती है, इसलिए इस की साफसफाई और रखरखाव के दौरान ये टिप्स जरूर अपनाएं: 

यदि परफ्यूम या अन्य कोई बौडी स्प्रे इस्तेमाल करना है तो स्टोन ज्वैलरी पहनने से पहले ही करें. परफ्यूम के कैमिकल्स स्टोंस को नुकसान पहुंचाते हैं.

स्टोन ज्वैलरी को साफ करने के लिए हलका गरम पानी और सौफ्ट ब्रश इस्तेमाल करें. ज्वैलरी ज्यादा गंदी होने पर सुनार से ही साफ कराएं.

ज्वैलरी पर किसी भी तरह के हाउस क्लीनिंग उत्पाद का इस्तेमाल न करें.

स्टोन ज्वैलरी को किसी अन्य मैटल ज्वैलरी के साथ न रखें. इसे सूती कपड़े में लपेट कर अलग पाउच में रखें.

इस्तेमाल के बाद सूखे और साफ सूती कपड़े से पोंछने के बाद ही ज्वैलरी को पाउच में रखें.

स्टोन ज्वैलरी में यदि गंदगी फंसी हो तो उस निकालने के लिए सूई या दूसरी नुकीली चीज का इस्तेमाल न करें. ऐसा करने से नाजुक स्टोंस पर स्क्रैच आ सकता है. नरम ब्रश को हलके गरम पानी में डिप कर के गंदगी निकालने का प्रयास करें.