विवाह एक ऐसा बंधन है जिस से हर लड़की बंध कर अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहती है. यह दिन हर लड़की के लिए खास होता है, इसलिए वह विवाह के हसीन ख्वाब को यादगार बनाने के लिए भरसक प्रयास करती है. इस अवसर पर यदि दुलहन के लुक, उस के परिधान और गहने को अगर नजरअंदाज किया जाए तो गलत होता है, क्योंकि दुलहन की सुंदरता को निखारने में इन्हीं की तो खास भूमिका होती है. अब दुलहन का स्टाइल और उस की पसंद बदल चुकी है. ऐसे में ज्वैलर्स भी अलगअलग ढंग के आकर्षक गहने बनाने की कोशिश करते हैं. मुंबई के दादर क्षेत्र के भगत ज्वैलर्स के ओनर आनंदभाई का कहना है कि दादर एरिया में महाराष्ट्रियन अधिक हैं, इसलिए यहां ट्रैडिशनल ज्वैलरी पर अधिक जोर दिया जाता है. यहां पर शादी के लिए थोड़े हैवी और पार्टी के लिए फैंसी गहने अधिक बिकते हैं. यहां पर कई नामचीन कंपनियों के गहने भी रखे जाते हैं, जो हौलमार्क के साथ उपलब्ध होते हैं.

आजकल ग्राहक जागरूक हो गए हैं. इसीलिए बिना हौलमार्क के गहने वे नहीं खरीदते. हमारी 25 साल पुरानी दुकान है, जिस की वजह से लोगों का हम पर विश्वास अधिक है. इस का हमें पूरा खयाल रखना पड़ता है. इस के अलावा यहां ट्रैडिशनल फैंसी मंगलसूत्र, नैकलैस की मांग भी अधिक है. कोई भी दुलहन अधिकतर अपनी ड्रैस के अनुसार ही गहने खरीदती है. विवाह के आभूषणों में वैराइटी के लिए गोल्ड और डायमंड के साथसाथ मोती, कुंदन व रत्नजडि़त गहने पौपुलर हैं. बढ़ती महंगाई के साथसाथ लोगों के बजट में भी कमी आई है, इसलिए कम सोने में आकर्षक गहनों की खोज अधिक की जाती है.

बदल रही है पसंद

49 साल से प्रचलित दादर क्षेत्र के जगन्नाथ गंगाराम पेडनेकर ज्वैलर्स के विकास पेडनेकर का कहना है कि समय के साथ गहने भी बदले हैं. पहले जहां शादियों में भारीभरकम गहनों का रिवाज था, वहीं अब भारी से अधिक आकर्षक और फैंसी गहने पसंद किए जाते हैं ताकि शादी के बाद भी उन का इस्तेमाल किया जा सके. ब्राइडल गहने 2 तरह के होते हैं- एक सांचे में बने और दूसरे हैंडमेड. सांचे से बनाए जाने वाले गहने हलके और कम बजट में बनते हैं. इन की डिजाइन भी सीमित होती है, जबकि हैंडमेड की क्वालिटी अच्छी होती है. इन में सोना थोड़ा अधिक लगता है, साथ ही लुक भी आकर्षक होता है. शादी के गहनों में हंस, मोर और सांप की डिजाइनें अधिक पसंद की जाती हैं. शादी के गहने बाकी गहनों से अलग होते हैं. इन गहनों में विविधता लाने की भरपूर कोशिश की जाती है. मसलन, अगर नैकलैस खरीदा है तो अलगअलग रंग की डोरी लगा कर ड्रैस के हिसाब से पहनने की व्यवस्था की जाती है. पैंडेंट हटा कर थोड़ा हलका लुक भी दिया जाता है. 

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