जीवन बीमा खरीदते समय हम सब इसकी एकमुश्त राशि पर ध्यान देते हैं. हालांकि पौलिसीधारक की मुत्यु की स्थिति में नौमिनी को पता होना चाहिए कि एकमुश्त मिली राशि का किस तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए. यह उस सूरत और अहम हो जाता है जब पौलिसीधारक घर में अकेला कमाने वाला सदस्य हो. हम अपनी इस स्टोरी के माध्यम से आपको बता रहें हैं कि आप क्लेम सेटलमेंट के बाद मिली राशि का किस तरह से सही इस्तेमाल कर सकते हैं.

बड़े लोन पहले चुकता करें: यह सबसे महत्वपूर्ण काम होता है. आमतौर पर लोन उच्च ब्याज दरों पर मिलता है. लोन के प्रकार पर निर्भर करते हुए टैक्स सेविंग भी सीमित हो सकती है. इसलिए पहले अपने डेट चुकता कर लें ताकि आपको अतिरिक्त फीस या ब्याज न देना पड़े. अगर आपके क्रेडिट कार्ड, लोन या अन्य बिल पर बकाया शेष है तो कोशिश करें कि इन्हें पहले चुकता कर दें.

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अपने वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश रखें जारी: लंबी अवधि को ध्यान में रखकर आपने जो भी निवेश किये हुए हैं उन्हें न रोकें. इनमें नियमित निवेश जारी रखें. अपने डेट को चुकता कर और आय का सुरक्षित रखने के बाद बचत करनी चाहिए. बचत करते समय अपने वित्तीय लक्ष्यों की प्राथमिकता तय करें. साथ ही परिवार के लिए नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए रिटायरमेंट कौर्पस का भी प्रबंधन करें. म्युचुअल फंड्स में निवेश करने से आपको महंगाई दर के अनुरूप रिटर्न मिल सकेगा. सही निवेश विकल्प का चुनाव करें. अपनी जरूरत को देखते हुए लिक्विड फंड, इक्विटी, बैलेंस्ड फंड्स आदि में निवेश किया जा सकता है. साथ ही निवेश करते समय अपनी जोखिम क्षमता को भी ध्यान में रखें.

सुनिश्चित करें कि होती रहे मासिक आमदनी: क्लेम सेटलमेंट में मिली लंपसम राशि को इस तरह निवेश करें कि आपको हर महीने नियमित रूप से आमदनी होती रहे. कुछ टर्म इंश्योरेंस प्लान ऐसी सुविधा देते हैं जहां पर आप लंपसम राशि कि जगह मासिक पेआउट का चुनाव कर सकते हैं. इस तरह से आप अपनी वित्तीय सेहत भी सुनिश्चित कर सकते हैं.

नई इंश्योरेंस पौलिसी की करें खरीद: आकस्मिक दुर्घटना कभी भी किसी के भी साथ हो सकती है. इस तरह की घटनाएं हमारी वित्तीय स्थिति को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं. ऐसे में अपने लक्ष्य और लायबिलिटी को सुरक्षित करने के लिए एक नई बीमा पौलिसी खरीद लें.