गृहशोभा विशेष

बढ़ती महंगाई और खर्चों में तालमेल बैठाने के लिए हर कोई कमाई के नए साधन और तरीके खोजने में लगा हुआ है. चाहे नौकरीपेशा आदमी हो या बिजनैसमैन, महंगाईर् ने सभी की कमर तोड़ दी है. अपने बजट को बैलेंस में रखने के लिए आप अपनी नौकरी या बिजनैस के साथ कुछ ऐसा कर सकते हैं जिस में न तो आप को ज्यादा मेहनत की जरूरत है और न ही ज्यादा लागत की. जरूरत है तो सिर्फ जगह की. अगर आप का घर बड़ा है औैर परिवार छोटा तो आप घर में बची हुई जगह को आमदनी का जरिया बना सकते हैं.

होस्टल, पेइंगगैस्ट यानी पीजी के बारे में तो आप ने सुना ही होगा. आजकल बड़े शहरों में घर बैठे कमाई के साधनों में घर पर ही किराए पर कमरों को देने का काम बहुत प्रचलित है. खासतौर पर दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों जहां कोचिंग, कालेज या नौकरी के लिए बड़ी संख्या में दूसरे शहरों से लोग आते हैं वहां इस क्षेत्र में कमाई की बड़ी संभावनाएं हैं. इस काम में न तो मैंटल प्रैशर है, न फिजिकल.

दिल्ली के लक्ष्मीनगर स्थित गुरु कृपा गर्ल्स होस्टल के संचालक गुरु चरण सिंह कहते हैं, ‘‘घर में होस्टल खोलने में कौन सी बुराई है. अगर घर में एक कमरा भी खाली है तो उसे किराए पर चढ़ा देने के 2 फायदे हैं. एक, घर बैठे बिना किसी टैंशन के आप को आमदनी होती है और दूसरा, घर के खाली पड़े स्थान का इस्तेमाल होने लगता है.’’ पीजी या होस्टल खोलने का काम कामकाजी पुरुषों की अपेक्षा घरेलू महिलाएं ज्यादा अच्छे से कर सकती हैं. क्योंकि वे पूरे दिन घर में उपस्थित रहती हैं, इसलिए वे किराए पर दिए कमरों और कमरों में रहने वालों की निगरानी अच्छी तरह कर सकती हैं.

दिल्ली के निर्माण विहार स्थित एक पेइंगगैस्ट की मालकिन मधु डोगरा कहती हैं, ‘‘यह बहुत ही आसान काम है. हमारे घर के एक पूरे फ्लोर पर हम ने पीजी खोल रखा है. लड़कियों का पीजी है, इसलिए उन के हिसाब से सारी सुविधाएं भी उन्हें दे रखी हैं. मैं दिनभर घर पर रहती हूं, किसी भी लड़की की कोई भी समस्या होती है तो उसे जल्द ही निबटा देती हूं.’’

पीजी खोलने की प्रक्रिया

यह आसान काम है लेकिन एक प्रक्रिया के तहत किया जाए तो ही इस में सफलता मिलती है. यदि आप घर पर या अपनी किसी भी प्रौपर्टी पर पीजी या होस्टल खोलने की सोच रहे हैं तो सब से पहले आप को यह तय करना होगा कि आप लड़कियों के लिए सुविधा मुहैया करवा सकते हैं या फिर लड़कों के लिए. इस के बाद ही आप को यह सुनिश्चित करना होगा कि आप के पास कितने रूम हैं और आप के हर रूम में 1, 2 या 3, कितने लोग रह सकते हैं. फिर आप यह देखिए कि आप को प्रति व्यक्ति कितना किराया रखना है.

कितने व्यक्ति: इस काम में कितने लोगों की जरूरत है, यह बात आप के पीजी या होस्टल में रह रहे लोगों की संख्या पर निर्भर करती है. यदि आप ने अपने घर में ही पीजी या होस्टल खोल रखा है तो एक सफाई कर्मचारी के अलावा ज्यादा किसी की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन आप ने एक बड़ा होस्टल खोलने का विचार किया है तो इस के लिए आप को कई लोगों की जरूरत पड़ती है. 1 सिक्योरिटी गार्ड, 1 रिसैप्शनिस्ट, 1 कुक, 2 सफाई कर्मचारी, 1 चपरासी और सभी चीजों की देखरेख व लोगों की समस्याओं को सुलझाने वाला केयरटेकर.

जरूरी सामान: इस के लिए आप को कुछ जरूरी सामान भी खरीदना पड़ सकता है. कूलर, टेबल, चेयर, बैड और अलमारी जैसी बेसिक चीजें तो आप को पीजी या होस्टल में रहने वाले को उपलब्ध करानी ही होंगी. यदि पहले से ही आप के घर में एक्स्ट्रा सामान है तो आप उसी से कुछ सामान अपने पीजी या होस्टल में रहने वाले को दे सकते हैं.

कुक और गैस्ट में लड़ाई: पेइंगगैस्ट में अगर आप ने गैस्ट को खाने की सुविधा दे रखी है तो एक परमानैंट कुक भी रखा होगा. कई बार गैस्ट और कुक के मध्य खाने में वैराइटी और मनपसंद खाना बनाने की बात को ले कर बहस हो जाती है. यह बहस कभीकभी झगड़े का भी रूप ले लेती है. ऐसी परिस्थिति में पेइंगगैस्ट के मालिक को झगड़ा सुलझाना पड़ता है. इस बाबत गुरु चरण सिंह कहते हैं, ‘‘बहुत ही असमंजस वाली परिस्थिति होती है. क्योंकि न तो आप गैस्ट के विरोध में बोल सकते हैं और न ही अपने कुक को निकाल सकते हैं. क्योंकि एक अच्छा कुक खोजना बेहद मुश्किल काम है. इसलिए ऐसी परिस्थिति में आप का दोनों के बीच तालमेल बैठाने के लिए कुक और गैस्ट दोनों को समझना भी पड़ेगा और समझाना भी.’’

जब एक दूसरे पर चोरी का इलजाम लगाएं: कई बार एक ही कमरे में रहने वाले एक दूसरे पर चोरी का इलजाम लगा देते हैं. ऐसे में पीजी या होस्टल मालिक के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है. इसलिए उस में व्यक्ति को परखने का गुण होना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति एक सा नहीं होता है. खासतौर पर यदि आप ने पीजी के कमरों को शेयरिंग पर दे रखा हो. एक ही कमरे में रहने वाले 2 व्यक्तियों की आपस में पटे, यह जरूरी नहीं.

कई बार मनमाफिक रूमपार्टनर न मिलने पर दोनों के बीच कई तरह के मनमुटाव हो सकते हैं, जैसे कि ऊंची और नीची जाति को ले कर छुआछूत की समस्या होना, एकदूसरे का बिना पूछे सामान इस्तेमाल करने पर झगड़े और सब से बड़ी समस्या एक गैस्ट द्वारा दूसरे गैस्ट के पैसे या सामान चुरा लेने पर हंगामा खड़ा करना. इन सब से बचने के लिए आप को सब से पहले यह तय कर लेना होगा कि आप को किस तरह के व्यक्ति को पीजी में रखना है, फिर आप को कमरे में बैड से ले कर अलमारी, यहां तक कि टेबलचेयर भी दोनों को अलगअलग देनी होगी. इन सब के बावजूद यदि किसी के पैसे या सामान चोरी हो तो आप को इस के लिए पहले से गैस्ट को ‘अपने सामान की सुरक्षा खुद करें’ जैसी चेतावनी देनी होगी ताकि सामान या पैसे खोने पर मालिक को जिम्मेदारी न लेनी पड़े.

गैस्ट लड़के लड़कियां लाएं तो: कई बार गैस्ट अपने दोस्तों, गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड को अपने कमरे में ले आते हैं. कभी कभी उन के दोस्त उन के कमरे में ही रुक भी जाते हैं. दोस्तों के साथ मस्ती करते वक्त वे यह भूल जाते हैं कि आसपास दूसरे परिवार रहते हैं जिन्हें उन के शोरशराबे से परेशानी हो रही है. कई दोस्तों के आपसी झगड़ों की वजह से भी पूरे घर और उस के आसपास का माहौल खराब होता है. अगर आप पेइंगगैस्ट रख रहे हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वे खराब नीयत और नजर के न हों. वरना आसपास की तो छोडि़ए, आप के अपने घर की लड़कियों व महिलाओं का रहना दूभर हो जाएगा.

लड़कियों को रखने पर भी आप को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा, जैसे कि वे देर रात तक घर के बाहर न रहती हों और न ही किसी लड़के को पीजी के अंदर बुलाती हों. दरअसल, कई बार लड़कियां घर से भाग कर आती हैं, ऐसी परिस्थिति में पीजी के मालिक को बेवजह के कानूनी पचड़ों में पड़ना पड़ता है और पैसे खर्च करने पड़ते हैं. इन सब से बचने के लिए पहले से ही जिसे पेइंगगैस्ट रख रहे हैं उसे अपने कमरे में किसी को भी न रोकने की हिदायत दे दें और किसी भी तरह के अभद्र व्यवहार पर तुरंत पीजी खाली करवाने का नियम भी बता दें. लड़की है तो उसे लड़कों को कमरे में न लाने को कहें और लड़कों को लड़की की एंट्री के लिए पहले से ही मना कर दें.

जांच के बहाने पुलिस आने लगे तो: इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी व्यक्ति को पेइंगगैस्ट रखने से पहले उस का पुलिस वैरिफिकेशन जरूर करवा लें. पुलिस वैरिफिकेशन अब अनिवार्य हो गया है. इस के लिए पुलिस स्टेशन से एक वैरिफिकेशन फौर्म लाना होता है जो निशुल्क मिलता है. इस फौर्म को अपने सभी पेंइगगैस्ट से भरवाना होता है और उसे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करना होता है. पुलिस वाले  समयसमय पर पीजी और होस्टल के चक्कर काटते रहते हैं और गैस्टों का वैरिफिकेशन चैक करते रहते हैं. यदि पीजी में रहने वाले किसी भी व्यक्ति का वैरिफिकेशन नहीं हुआ होता है तो इस के लिए पीजी के मालिक को जेल और जुर्माना भरना पड़ सकता है.

कई बार पुलिस वैरिफिकेशन होने के बावजूद पीजी और होस्टल के चक्कर काटती है. दरअसल, ऐसा तब होता है जब पुलिस को आप के पीजी या उस के आसपास का माहौल संदिग्ध नजर आता है. खासतौर पर जहां लड़के और लड़कियां दोनों साथ में रहते हैं वहां अकसर ही पुलिस चक्कर काटती रहती है. ऐसा करने के पीछे उन का मकसद पीजी के मालिक पर अनापशनाप आरोप लगा कर उन से पैसे ऐंठना होता है.

जब लड़केलड़कियां बाहर खड़े हो कर बात करें: अधिकतर दूसरे शहरों से आए छात्रछात्राएं ही पीजी में रहते हैं. इन लोगों का एक बड़ा फ्रैंड सर्किल भी होता है. अपने फ्रैंड्स को कभी ये अपने कमरे ले आते हैं तो कभी पीजी के बाहर ही खड़े हो कर बतियाने लगते हैं. खासतौर पर गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड हों तो उन की बातें घंटों चलती रहती हैं. पीजी में रहने वाले अन्य लोगों या आसपास के लोगों को यह बात बुरी लग सकती है और वे इस पर आपत्ति भी कर सकते हैं.

ऐसा न हो, इस के लिए पीजी के अंदर ही एक ऐसा जोन बना दीजिए जहां आप के गैस्ट अपने दोस्त को बुला कर उन से बातचीत कर सकें. ऐसी जगहों पर कैमरा जरूर लगाएं ताकि गैस्ट और उस के दोस्त आप की नजर में रहें और कैमरे के डर से उन्हें कुछ भी गलत करने का मौका न मिले.

खाने में फीकापन हो: बहुत कम पीजी या होस्टल होते हैं जो अच्छा और घर जैसा खाना अपने गैस्ट को परोसते हैं.  सभी पीजी में गैस्ट को खाने में फीकेपन की शिकायत होती है. ऐसे में पीजी या होस्टल चलाने वालों का यह दायित्व है कि वे गैस्ट की शिकायत को दूर करें.

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