मातापिता हमेशा अपने बच्चों का भला चाहते हैं. उन की अच्छी शिक्षा, बेहतरीन शादी और सुरक्षित भविष्य की कामना करते हैं. लेकिन जिंदगी में सभी उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पैसे की जरूरत होती है. प्रतिष्ठित संस्थानों में स्कूलिंग, इंजीनियरिंग अथवा एमबीए करने में लाखों रुपए लगते हैं. यदि समय रहते आप ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत नहीं की, निवेश की योजना नहीं बनाई तो अ?ाप पर सेवानिवृत्ति के लिए जमा की गई संपत्ति के खत्म होने अथवा कर्ज के बोझ तले दबने का दबाव आ जाता है.

सवाल यह भी उठता है कि क्या आप के द्वारा की गई बचत पर्याप्त है? क्या उन से आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए देखे गए सपनों को पूरा कर सकेंगे? कड़वी सचाई है कि अगर आप उचित निवेश मार्गों में अपने बच्चों के लिए सही समय पर निवेश करना प्रारंभ नहीं करते तो उन की भविष्य की आकांक्षाओं पर खतरा मंडराता रहेगा.

जल्दी शुरुआत करें

बच्चों के भविष्य के लिए निवेश की शुरुआत करने से पूर्व सब से पहले बच्चे की शिक्षा या शादी की अनुमानित लागत निकालें और निश्चित समयसीमा में वित्तीय लक्ष्यों को पंक्तिबद्ध करें. बढ़ती मुद्रास्फीति आप के लक्ष्य के लिए तय किए गए रिटर्न को प्रभावित कर सकती है. उदाहरण के लिए, किसी मशहूर इंजीनियरिंग कालेज में आज शिक्षा का खर्च 5 लाख रुपए सालाना है तो यह 10 वर्ष बाद भी इतना ही नहीं रहेगा. जितनी जल्दी आप शुरुआत करेंगे, आप को पैसा जमा करने का उतना ही अधिक समय मिलेगा और आप कंपाउंडिंग ब्याज की ताकत से लाभान्वित होंगे.

यदि आप 5-10 वर्ष की समयसीमा के साथ निवेश करते हैं तो बच्चों के लिए निवेश का व्यापक हिस्सा इक्विटी में लगाना बेहतर रहता है. छोटी अवधि के दौरान इक्विटीज में अस्थिरता हो सकती है लेकिन दीर्घकालिक अवधि में इन में अन्य परिसंपत्ति वर्गों को पछाड़ने और सर्वोत्कृष्ट रिटर्न प्रदान करने का दमखम रहता है.

सही इंस्ट्रूमैंट का चयन करें

दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए पोर्टफोलियो में इक्विटी का होना आवश्यक है लेकिन बिना किसी जानकारी और विशेषज्ञता के इक्विटी बाजारों में सीधे प्रवेश करना ठीक नहीं है. इसलिए म्यूचुअल फंड रूट का प्रयोग कम लागत में पेशेवर प्रबंधन का लाभ प्रदान करेगा. इस के लिए बाजार में चाइल्ड केयर म्यूचुअल फंड उतारे गए हैं. ये योजनाएं विशिष्ट रूप से आप के बच्चे की जिंदगी में बेहतर शुरुआत करने के लिए डिजाइन की गई है, जिन में इक्विटी और डेट बाजारों के अवसरों और गतिशीलता का लाभ उठाया जा सकता है.

ऐसे फंड ग्रोथ अवसरों का लाभ उठाने के लिए इक्विटी और इक्विटी संबंधित सिक्युरिटीज में 65 प्रतिशत से अधिक रकम का निवेश करते हैं. शेष राशि आप के निवेश को स्थिरता प्रदान करने के लिए सामान्य तौर पर डेट सिक्युरिटीज में लगाई जाती है. 65 प्रतिशत से अधिक इक्विटी में निवेश और बेहतर रिटर्न की पेशकश के अलावा ये फंड कराधान दक्षता भी सुनिश्चित करते हैं. इन फंडों में 1 वर्ष से अधिक किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभ कर नहीं लगता.

उचित परिसंपत्ति संचयन करें

ये म्यूचुअल फंड प्लान अग्रैसिव के साथसाथ कंजर्वेटिव वैरिएंट में उतारे गए हैं. आप निवेश सीमा के आधार पर इन का चयन कर सकते हैं. यदि आप जल्दी निवेश प्रारंभ करते हैं यानी जब आप का बच्चा किसी खास उपलब्धि से काफी दूर है, तो अग्रैसिव चाइल्ड केयर योजनाओं में निवेश करें. इन योजनाओं में इक्विटीज में अधिक संपदा संचयन किया जाता है. लेकिन यदि आप अपने बच्चे के वित्तीय लक्ष्य के करीब हैं तो स्थिरता प्राप्त करने के लिए कंजर्वेटिव योजनाओं का विकल्प अपनाना बेहतर रहेगा.

कुल मिला कर, बच्चों के लिए निवेश करने के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है. इस के अंतर्गत बच्चे के निर्माणात्मक वर्षों में इक्विटी में अधिक एक्सपोजर होना चाहिए तथा बाद की अवस्था में डेट फंडों में निवेश बढ़ाना चाहिए.

– लेखक आईसीआईसीआई प्रुडैंशियल एएमसी के एमडी एवं सीईओ हैं.

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