प्लास्टिक मनी से प्रसिद्ध क्रैडिट कार्ड और डेबिट कार्ड आज कैश से ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं. लगभग सभी बैंक अपने ग्राहकों को डेबिट कार्ड की सुविधा देते हैं. अब ज्यादातर घरों में पतिपत्नी के अलावा बच्चों का भी अकाउंट होता है और वे भी डेबिट कार्ड रखने लगे हैं. बड़ी रकम ले कर चलने वालों को कैश चोरी होने, खोने, गुम हो जाने का डर बना रहता था, उन के लिए डेबिट कार्ड एक अच्छी सुविधा है. कार्ड की बात हो तो क्रैडिट कार्ड के बारे में जानना बहुत जरूरी है.

क्रैडिट कार्ड द्वारा आप बैंक में पैसा न होने पर भी बैंक से उधार यानी क्रैडिट पर पैसा ले सकते हैं, जिसे आप को एक निश्चित समय सीमा में चुकाना होता है. कुछ बैंक उस पैसे को किस्तों में चुकाने की सहूलियत भी देते हैं. लेकिन यह समाना जरूरी है कि कोई भी बैंक बिना फायदे के आप को कोई पैसा नहीं देगा. औनलाइन एअर टिकट, ट्रेन टिकट कराने के लिए भी डेबिट या क्रैडिट कार्ड की जरूरत पड़ती है. प्लास्टिक मनी जहां ग्राहकों के लिए एक बड़ी सहूलियत है, वहीं अगर सावधानी न बरती जाए तो मुश्किल में भी फंस सकते हैं.

कस्टमर केयर का नंबर जरूर रखें

मसलन, अगर आप का प्लास्टिक मनी कार्ड खो गया है, तो सब से पहले आप को अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर के उसे ब्लौक कराना होगा. लेकिन कार्ड ब्लौक कराने का काम इतना आसान भी नहीं है. आप के पास कस्टमर केयर का नंबर होना चाहिए. अगर कार्ड खो गया है तो जाहिर है कि आप के लिए कार्ड नंबर, उस की एक्सपायरी डेट वगैरह बताना मुश्किल होगा. जबकि कार्ड ब्लौक कराते समय आप को इस सारी जानकारी की जरूरत पड़ेगी.

ये जानकारी हमेशा अपने पास कहीं लिख कर रखें. हालांकि यह काम तब और भी मुश्किल हो जाता है, जब आप के कार्ड के साथ आप का पर्स या मोबाइल भी चला जाता है. अगर उन में से किसी में ये जानकारी भी साथ में रखी हुई है, तो आप की मुश्किल और बढ़ जाती है जबकि चोर को काफी सहूलियत हो जाती है.

ब्लौक जल्दी कराएं

इंटरनैट की कंज्यूमर कोर्ट वैबसाइट पर दीप्ति की एक शिकायत दर्ज है. शिकायत के मुताबिक, दीप्ति पुणे की रहने वाली हैं और उन के पास क्रैडिट कार्ड था. वे अमेरिका गई थीं, जहां एक दिन उन की गाड़ी का शीशा तोड़ कर किसी ने पर्स चुरा लिया. पर्स में कैश के अलावा कार्ड भी थे. दीप्ति को जब यह पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस में कंप्लेन की. लेकिन बैंक के कस्टमर केयर में फोन कर के कार्ड ब्लौक करातेकराते समय लग गया. लेकिन कार्ड चोरी होने के कुछ ही घंटों के भीतर उस में से क्व 63 हजार का ट्रांजिक्शन हो गया, इस कार्ड की अधिकतम सीमा क्व 63 हजार ही थी. बैंक के कार्ड के जरिए आप विदेश में शौपिंग तो कर सकते हैं, लेकिन वहां कार्ड से संबंधित कोई दिक्कत आने पर भारत के कस्टमर केयर में ही फोन करना होता है.

कंप्लेन शीघ्र करें

हालांकि बिगहैल्पर वैबसाइट पर पड़ी एक कंप्लेन के मुताबिक, राजेश के पास एक प्राइवेट बैंक का जीरो लाइबिलिटी डेबिट कार्ड था, जिस का मतलब उस कार्ड के खो जाने या गुम हो जाने की स्थिति में उस से जो ट्रांजिक्शन किए जाएंगे, उन के प्रति राजेश की कोई देनदारी नहीं होगी. लेकिन जब कार्ड खो गया और उस में से करीब 75 हजार की शौपिंग भी हो गई, तब पुलिस एफआईआर लिखने को तैयार नहीं हुई और बैंक ने पुलिस द्वारा दी गई लिखित कंप्लेन की रसीद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. लिहाजा, बैंक राजेश से 75 हजार की डिमांड कर रहा है. मतलब यह कि कितने भी वादों और गारंटियों वाला कार्ड लें, जितनी सावधानियां आप को कैश ले कर चलते समय बरतनी पड़ती हैं, कार्ड के इस्तेमाल के वक्त भी उतना ही सतर्क रहना होता है. एक छोटी सी भूल या लापरवाही से मिनटों में आप को हजारों रुपयों का चूना लग सकता है.

समझदारी जरूरी

कई बार ग्राहकों के मन में यह सवाल भी रहता है कि कार्ड के नाम पर बैंक बहुत पैसे काट लेता है, जिस का हिसाब कुछ समझ नहीं आता. इस पर नवतेज सिंह का कहना है,  ‘‘गोल्ड कार्ड पर क्व 250 से क्व 500 प्रति साल का चार्ज है, लेकिन उस में हम ग्राहक को ऐक्सीडैंटल इंश्योरैंस फ्री देते हैं और साथ ही 100 की शौपिंग पर 1 रुपया वापस मिलता है. मतलब 25 हजार की शौपिंग पर क्व 250.

सामान्य डेबिट कार्ड से अगर आप पैट्रोल पंप पर पैट्रोल लेते हैं तो सरचार्ज लगता है, वह पैसा बैंक आप से लेता है. गोल्ड कार्ड पर वह भी नहीं लगता. इस के अलावा एचडीएफसी के रैग्युलर डेबिट कार्ड से आप महीने में करीब 5 ट्रांजिक्शन किन्हीं अन्य बैंकों के एटीएम से कर सकते हैं. इस से अधिक ट्रांजिक्शन किसी अन्य बैंकों के एटीएम से होने पर करीब क्व 20 अतिरिक्त लगते हैं.’’

यह नियम लगभग हर बैंक का है. बस, सब के चार्जेज अलगअलग होते हैं. हालांकि बेहतर यही होता है कि आप अपने ही बैंक का एटीएम इस्तेमाल करें. इस से कभी कार्ड फंस जाने की स्थिति में यदि बैंक की ब्रांच खुली है तो कार्ड तुरंत ही वापस मिल जाएगा. लेकिन कई बैंकों की पौलिसी है कि दूसरे बैंक का एटीएम कार्ड अगर उस की मशीन में फंस जाए, तो उसे निकाल कर डिस्ट्रौय कर देते हैं. अगर आप दूसरे बैंक का एटीएम इस्तेमाल कर रही हैं तो जिन मशीनों में कार्ड पूरी तरह अंदर नहीं जाता, उन्हें इस्तेमाल कर सकती हैं.