गृहशोभा विशेष

खाना खिलाना पसंद है या खाना?

दोनों पसंद हैं, लेकिन सब से ज्यादा दूसरों को खिलाना, क्योंकि खिलाने में जो मजा आता है वह अकेले खाने में कहां है. पहले तो मैं कम ही कुकिंग करती थी, लेकिन जब से मां बनी हूं बच्चों के खाने की डिमांड पूरी करतेकरते अब मैं पूरी तरह से शैफ बन गई हूं.

किस तरह का खाना पसंद है?

साउथ इंडियन, नौर्थ इंडियन, चाइनीज, कौंटिनैटल हर तरह का खाना बनाना और खाना पसंद है. लेकिन फैवरिट खाना मेरा गुजराती  ही है. ढोकला और पापड़ी का नाम सुन कर मुंह में पानी आ जाता है. इस खाने की सब से बड़ी खासीयत यह है कि यह हैल्थ के लिए फायदेमंद है.

खाना बनाना किस से सीखा?

पहली कुकिंग क्लास तो मां से ही मिली लेकिन शादी से पहले मैं सिर्फ उन के हाथों का बना खाती थी, बनाती कम थी. मगर जब शादी हुई तब कुकिंग क्लास मैं ने की और अब पति व बच्चों की जो डिमांड होती है, मैं खुद बनाती हूं.

कुकिंग आज भी करती हैं या ऐक्टिंग में बिजी होने के चलते बंद कर दी?

अभी मैं शूट पर जा रही हूं, लेकिन घर से खाना बना कर आई हूं. मेरे बच्चे मेरे हाथ का ही बना खाते हैं. कितना भी व्यस्त रहूं लेकिन परिवार के लिए समय निकालना पड़ता है.

सपने कितने पूरे हुए?

मैं ने ज्यादा सपने नहीं देखे थे. एक परिवार का सपना देखा था. वह पूरा हो गया है. मैं थोड़े में ही संतोष करने वाली हूं. कभी ऐसा कुछ नहीं सोचा जो पूरा न हो सके. कुछ सपने हैं जिन  के बारे में उम्मीद है वे भी सच हो जाएंगे जैसे  ये हो गए.

फिल्मों में नहीं जाना कई एनीमेटिड फिल्मों में डबिंग आर्टिस्ट के रूप में अपनी आवाज दे चुकीं एमी कहती हैं, ‘‘फिल्मों में काम करने का मेरा मूड कभी नहीं रहा. जो सामने है उसी पर पूरा ध्यान देती हूं. ज्यादा की तमन्ना नहीं है.’’

कौमेडी करना आसान नहीं

कौमेडी पर एमी कहती हैं, ‘‘किसी को हंसाना आसान काम नहीं. चूंकि मैं हमेशा हलकीफुलकी कौमेडी वाले रोल करती रहती हूं, इसलिए मुझे पागलपंती करने में ज्यादा प्रौब्लम नहीं होती.’’

सादगी अट्रैक्ट करती है

एमी का कहना है, ‘‘मुझे किसी से दोस्ती करने के लिए उस की सादगी बहुत अट्रैक्ट करती है, मेरे इंडस्ट्री में कई दोस्त हैं. इंडस्ट्री से बाहर के भी हैं लेकिन उन सभी में दिखावा बिलकुल नहीं है.’’

गुजराती थिएटर

एमी के पिता तुषार त्रिवेदी गुजराती थिएटर के माने हुए आर्टिस्ट हैं. एमी और उन के भाई ने बचपन से ही प्ले में अभिनय करना शुरू कर दिया था. एमी ने हिंदी से ज्यादा गुजराती प्ले किए हैं. लेकिन टीवी पर 1992 में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट पहला शो ‘हमराही’ किया था. इस के बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर देखा नहीं. बच्चे के जन्म के बाद 2 साल का ब्रेक लेने के बाद अब सोनी सब टीवी के शो ‘सात फेरों की हेराफेरी’ में काम कर रही हैं.

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