गृहशोभा विशेष

सुबह उठते ही हर घर में रोज चाय का सेवन किया जाता है. कई लोग तो दिन में न जाने कितने कप चाय पी जाते हैं, जिस से चीनी व कैफीन की मात्रा शरीर में बढ़ने से छोटीछोटी व्याधियों से ग्रस्त होने लगते हैं. मगर थोड़ा सा फेरबदल कर के इस चाय की प्याली को सेहत वाली प्याली बना सकते हैं और कितनी ही छोटीछोटी व्याधियों से अपने को दूर रख सकते हैं बशर्ते इस सेहत वाली चाय का सेवन कम से कम 2-3 महीनों तक लगातार किया जाए.

रिफ्रैशिंग मिंट टी: 2 कप पानी उबाल कर उस में 1/2 कप ताजा पुदीनापत्ती डालें. आंच बंद करें. 3-4 मिनट ढक कर रखें. फिर छान कर पीएं.

लाभ: इस का सेवन बुखार को कम करता है, पाचनतंत्र में सुधार लाता है, उलटियां या जी मिचलाने जैसी परेशानियों को रोकता है. इम्यून सिस्टम बूस्ट करता है, स्वास्थ्य में सुधार लाता है, भूख को कम कर के वजन कम करता है, सांस की दुर्गंध रोकता है, स्ट्रैस लैवल को कम करता है.

कैमोमाइल टी: 1 कप पानी उबाल कर उस में कैमोमाइल की सूखी पत्तियां डाल कर ढक दें. 5 मिनट बाद छान कर इच्छानुसार शहद डाल कर सेवन करें.

लाभ: इस चाय का सेवन नर्व सिस्टम को रिलीफ देता है, जिस से नींद अच्छी आती है. डायबिटीज में इस का सेवन बहुत लाभकारी है. शरीर में कहीं घाव या कट हो तो इस चाय के सेवन से जल्दी ठीक हो जाता है. इस का सेवन शरीर से कैंसर सैल्स को घटाता है. अत: कैंसर रोकने में भी यह सहायक है. त्वचा के लिए भी इस का सेवन लाभदायक है. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में भी सहयोगी है.

हिबिस्कस (गुड़हल के फूल) टी: 4 कप पानी, 1/4 कप सूखे गुड़हल के फूल की पत्तियां. थोड़ी सी पुदीनापत्ती. सौस पैन में पानी गरम कर फूल की पत्तियां डालें और आंच बंद 2 मिनट ढक कर रखें. फिर छान कर स्वादानुसार शहद मिला कर सेवन करें.

लाभ: इस का सेवन कोलैस्ट्रौल को कम करता है. डायबिटीज में लाभदायक है. हाई ब्लडप्रैशर को कम करता है. ऐंटीऔक्सीडैंट से भरपूर होने के कारण ऐंटी कैंसर है. इस का सेवन डिप्रैशन दूर करता है, वजन नियंत्रित करता है, इम्यून सिस्टम को मजबूती देता है. यह चाय विटामिन ए व सी से भरपूर होने के कारण त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे ऐक्ने, सनबर्न, ऐक्जिमा और स्किन ऐलर्जी से बचाव करती है.

लीफ टी: 1 कप पानी में 1 छोटा चम्मच तेजपत्ते की सूखी पत्तियों का दरदरा चूर्ण डालें. जब पानी की मात्रा आधी रह जाए तो इस में स्वादानुसार चीनी व दूध मिलाएं. छान कर गरम ही सेवन करें. इस चाय का सेवन करने के बाद खुली हवा में न जाएं. जुकाम की शिकायत होने पर इस चाय का सेवन बहुत लाभदायक है.

लैमन जिंजर टी: 6 कप पानी, 2 इंच का टुकड़ा अदरक का, 8 नीबू की स्ट्रिप्स, चीनी या शहद इच्छानुसार.

विधि: एक सौस पैन में पानी उबलने रखें. अदरक के टुकड़े व नीबू की स्ट्रिप्स डालें. धीमी आंच पर 10 मिनट उबालें. फिर छान कर तुरंत सर्व करें.

लाभ: इस चाय का सेवन डायबिटीज से छुटकारा दिलाता है. फ्लू व कोल्ड को रोकता है. बालों को मजबूती व सौंदर्य देता है. त्वचा में निखार लाता है. अपच की समस्या दूर करता है. सिर दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाता है.

क्यूमिन सीड (जीरा) टी: 1 कप पानी में 1 छोटा चम्मच जीरा डाल कर धीमी आंच पर 10 सैकंड उबालें. फिर 5 मिनट ढक कर रखें. छान कर गरमगरम ही सेवन करें.

लाभ: सुबह खाली पेट इस जीरा चाय का सेवन करने से वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है. कोलैस्ट्रौल लैवल को इंप्रूव करता है, मैटाबोलिज्म को बढ़ाता है. पाचनतंत्र की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करता है.

रोज पैटल टी: 1 ताजे गुलाब की पत्तियां, 2 कप पानी, शहद इच्छानुसार. सौस पैन में पानी उबलने रखें. ताजे गुलाब की पत्तियां डाल कर 5 मिनट उबालें. छान कर इच्छानुसार शहद मिला कर सेवन करें.

लाभ: इस चाय के सेवन से इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलती है. डाइजैस्ट सिस्टम में सुधार होता है. वजन नियंत्रित रहता है. त्वचा व बालों के लिए भी लाभदायक है.

मेथी की चाय: 1 चम्मच भुनी दरदरी मेथी, 2 कप पानी डाल कर धीमी आंच पर पकाएं. जब पानी की मात्रा आधी रह जाए तो उतार कर छान कर 1/2 नीबू का रस डालें. इच्छानुसार शहद डाल कर सेवन करें.

लाभ: सर्दियों में होने वाले जोड़ों के दर्द में इस का सेवन लाभदायक है. 1-2 महीने तक नियमित सेवन करने से गठिया व जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है. जोड़ों की जकड़न में भी लाभदायक है. कमर दर्द में भी इस का सेवन लाभकारी है.

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