देश में हर सौ किलोमीटर पर स्वाद बदल जाता है. घरेलू मसालों और खाद्यान से तैयार स्नैक्स हर रीजन में अलग अलग स्वाद से जाना जाता है. कहीं मसाला मंच पंसद किया जाता है तो कहीं चिली चटका और बटर मस्ती.

स्नैक्स के क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनी पैप्सिको इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर वानी गुप्ता डांडिया कहती हैं देश में स्नैक्स का बाजार तेजी से बढ़ता जा रहा है. अब खाने वालों को स्नैक्स में तरह तरह से स्वाद पसंद किये जा रहे हैं. उत्तर भारत में जहां कुरकुरे मसाला मंच, जैसे स्वाद सबसे अधिक पसंद किये जा रहे है. दाल, चावल, मक्के और घरेलू मसाले से तैयार किया जाता है.’

वानी गुप्ता डांडिया कहती हैं कि देश में 1999 से देशी स्नैक्स का बाजार तेजी से बढ़ना शुरू हुआ. पहले स्नैक्स के रूप में नमकीन दालमोठ का प्रयोग किया जाता था जिससे खाने वाले का हाथ गंदा हो जाता था. इससे बचने के लिये स्नैक्स का प्रयोग शुरू हुआ. तब से अब तक अलग तरह के स्वाद स्नैक्स का प्रयोग शुरू हुआ.

40 अलग अलग तरह के स्वाद वाले स्नैक्स तैयार किये जाते हैं. यह हर क्षेत्र में अलग अलग हो जाते हैं. जहां के खाने वाले जिस तरह का स्वाद पंसद करते है वहां पर उस तरह के स्वाद वाले स्नैक्स तैयार किया जाता है.’

आज के समय में वर्क प्लेस से लेकर दोस्ती तक में स्नैक्स का प्रयोग होने लगा है. इसकी कीमत भी इस तरह से रखी गई है कि हर आदमी की जेब को देखते हुये इसकी कीमत 3 रूपये से लेकर 150 रूपये तक रखी गई है. स्नैक्स में अचार का टेस्ट मिले इसके लिये मैंगों और नींबू का प्रयोग अलग अलग स्वाद के लिये किया जाता है. चाय के साथ और सफर में इसका प्रयोग सबसे अधिक पसंद किया जाता है. पैप्सिको के बने स्नैक्स केवल देश के अंदर ही नहीं देश के बाहर भी खूब पंसद किये जाते हैं. इनको बहुत बड़ा निर्यात अरब देशों, यूएसए और एशिया भर में किया जाता है.

दाल, चावल, मक्का और मसाला से तैयार होने के कारण यह सेहत के लिये लाभकारी होते हैं. जहां खुले स्नैक्स सेहत के लिये अच्छे नहीं होते वहां यह खाने में सुरक्षित होते हैं. कुरकुरा होने के कारण यह लोगों को पंसद आता है. खाने में नयापन फील होता रहे इसके लिये इसमें मसाले और आकार बदल जाता है.

इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ यह हो रहा है कि मक्का, चावल और दाल की खरीद बढ जाती है. मसालों की खेती को भी बढावा मिल रहा है. एक तरह से अपने देश में तैयार होने के कारण देश के किसानों को खुशहाल बनाने का काम हो रहा है.