बदलते मौसम में अक्सर पराग-कणों के कारण एलर्जी की शिकायत होती है. एलर्जी एक ऐसी समस्या है, जो अक्सर हमें परेशान करती है. यह किसी भी खाद्य पदार्थ, कपड़ों, मौसम के बदलावों या आनुवंशिकता की वजह से हो सकती है. धूल-मिट्टी, धुआं, पालतू पशु जैसे कुत्ता, बिल्ली, खरगोश के अलावा फूलों के पराग-कण या एलोपैथिक दवाओं के रिएक्शन से किसी को भी यह समस्या हो सकती है. ऐसे में समय रहते ही सजग होने की जरूरत है.

अक्सर हम एलर्जी को बदलते मौसम से जुड़ी मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, मगर कई बार हल्की समस्या कई गंभीर बीमारियों का सबब बन जाती है.

एलर्जी के सामान्य लक्षण

सर्दी-जुकाम, खुजली और सिरदर्द, इसके प्रमुख लक्षण हैं.

कंजंक्टिवाइटिस एलर्जी धूल, धुएं, कान्टैक्ट लेंस और सौंदर्य प्रसाधनों के इस्तेमाल से हो सकती है. इससे आंखों में लाली, पानी आना, जलन और खुजली जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं.

कुछ लोगों को पूरे शरीर में एलर्जी हो जाती है. इसके अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं. जैसे पेट में दर्द, उल्टी आना, त्वचा पर रैशेज आदि.

स्किन एलर्जी में त्वचा पर लाल रंग के रैशेज, खुजली, चकत्ते और दाने निकलना इसके प्रमुख लक्षण हैं.

अपनाएं ये उपचार

एलर्जी से बचने के लिए अपने घर और उसके आसपास गंदगी न होने दें.

एकदम गर्म से ठंडे और ठंडे से गर्म वातावरण में न जाएं, अचानक से शरीर का तापमान बदलने से एलर्जी की समस्या हो सकती है.

घर से बाहर निकलते समय मुंह और नाक पर रूमाल बांधें, आंखों पर धूप का चश्मा लगाएं. धूल-मिट्टी से बचें. यदि ऐसे प्रदूषित वातावरण में काम करना जरूरी हो तो फेस मास्क पहनना न भूलें.

कुछ लोगों को खाने-पीने की चीजों जैसे दूध, अंडा, सी-फूड, जंक फूड, चाकलेट, मशरूम आदि से एलर्जी होती है. इसे फूड एलर्जी कहते हैं. ऐसे में बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए.

यदि पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में न रखें.

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