चावल का प्रयोग हर घर में किया जाता है. चावल पकने के बाद जो पानी शेष रह जाता है उसे प्राय: छान कर फेंक दिया जाता है. चीन व जापान में चावल के मांड़ को जिसे राइस वाटर कहा जाता है, का प्रयोग स्वास्थ्य व सौंदर्य को निखारने में करते हैं. यह पौष्टिक तत्त्वों से भरा होता है. जानते हैं, मांड़ के क्याक्या फायदे हैं:

– 1 गिलास राइस वाटर का प्रयोग ऐनर्जी ड्रिंक की तरह किया जा सकता है. आप अपनी इच्छानुसार इस में कटी पुदीनापत्ती, भुना जीरा पाउडर और काला नमक भी मिला कर पी सकते हैं.

– राइस वाटर का प्रयोग शरीर के तापमान को संतुलित रखता है. गरमी के मौसम में इस का सेवन सेहत के लिए बहुउपयोगी है.

– यदि आप को कब्ज की शिकायत रहती है तो राइस वाटर का प्रयोग कब्ज दूर करने में विशेष लाभदायक होगा.

– राइस वाटर उत्तम प्रकार के कार्बोहाइड्रेट का भंडार है.

– 1 गिलास राइस वाटर का सेवन अल्जाइमर जैसी समस्या को रोकने में भी कारगर है.

– राइस वाटर का सेवन डायरिया में भी किया जाता है. न केवल वयस्क को वरन बच्चों को भी डायरिया में इस का सेवन उन की उम्र के अनुसार कम या अधिक मात्रा में करने से लाभ मिलता है.

– गैस से संबंधित समस्याओं में भी राइस वाटर का सेवन उपयोगी है.

मांड़ न केवल स्वास्थ्यवर्धक है वरन सौंदर्यवर्धक भी है, क्योंकि यह विटामिन व खनिज तत्त्वों से भरपूर होता है. मसलन:

– इस का प्रयोग फेशियल क्लीनर की तरह बखूबी किया जा सकता है. एक कौटन बौल को राइस वाटर में डुबो कर उस से चेहरे पर हलके हाथ से मसाज करें. जब सूख जाए तो चेहरा धो लें. इस का नियमित प्रयोग त्वचा को साफमुलायम बनाने के साथसाथ उस में कसाव व चमक भी लाता है.

– फेशियल टोनर की तरह भी इस का प्रयोग किया जा सकता है. कौटन बौल को इस में डुबो कर त्वचा पर लगाएं. यह खुले रोमछिद्रों को बंद कर के त्वचा को कसाव प्रदान करता है, साथ ही त्वचा को चमकदार भी बनाता है.

– ऐक्ने पीडि़त त्वचा में भी इस का प्रयोग लाभदायक है. साथ ही यह वाटर त्वचा पर ऐस्ट्रिंजैंट की तरह असर करता है.

– राइस वाटर का स्टार्च कंपोनैंट त्वचा पर ऐक्जिमा को ठीक करने में भी उपयोगी है. साफ कपड़ा राइस वाटर में भिगो कर ऐक्जिमा से प्रभावित त्वचा पर थपथपा कर लगाएं. जब कपड़ा सूख जाए, तो दोबारा ऐसा करें. नियमित प्रयोग करें. जरूर फायदा होगा.

– सनबर्न से झुलसी त्वचा पर भी ठंडे राइस वाटर का प्रयोग लाभकारी है.

– बालों को स्वस्थ, चमकदार बनाने के लिए उन्हें राइस वाटर से रिंस करें. बालों को शैंपू करने के बाद इसे बालों में लगा कर हलके हाथों से मसाज करें. फिर पानी से बालों को धो लें. ऐसा हफ्ते में 1-2 बार किया जा सकता है.

– राइस वाटर हेयर कंडीशनर का भी काम करता है. इस में चंद बूंदें लैवेंडर या रोजमैरी की मिलाएं और बालों में लगा कर करीब 10 मिनट लगा रहने दें. फिर साफ पानी से धो लें.

– राइस वाटर चूंकि ऐंटीऔक्सिडैंट, नमी व यूवी किरणों को अब्जौर्व करने की क्षमता रखता है, अत: त्वचा की बारीक लाइनें व बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकने में भी यह लाभदायक है.

– त्वचा की जलन व रैशेज को दूर करने के लिए ठंडे राइस वाटर का प्रयोग उपयोगी है.

– बालों पर इस का नियमित प्रयोग उन्हें मजबूती व चमक तो देता ही है, उन्हें टूटने से भी  रोकता है तथा लंबा भी बनाता है. इस का पूरा लाभ उठाने के लिए बालों पर इसे कम से कम 20 मिनट तक लगा कर रखें. फिर साफ पानी से धो लें.

अत: अगली बार जब भी चावल बनाएं, तो मांड़ को फेंकने से पहले किसी जार में डाल कर फ्रिज में रख लें. इसे फ्रिज में 4-5 दिनों तक रखा जा सकता है. प्रयोग करते समय इसे हिला जरूर लें.