शहद एक मीठा और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है, जो रसोई के अलावा औषधि के रूप में भी सालों से प्रयोग किया जाता है. इसे खाने और लगाने से त्वचा में निखार आ जाता है, साथ ही शरीर पर हुए किसी जख्म पर लगाने से यह प्राकृतिक रूप से घाव भर देता है. विज्ञान भी इस की गुणवत्ता को मानता है.

आज के दौर में शहद वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय है और पिछले कई सालों से शहद में वि-मान ऐंटीमाइक्रोबियल, ऐंटीऔक्सीडैंट और ऐंटीइन्फ्लैमेटरी आदि गुणों पर अनुसंधान चल रहा है ताकि कई प्रकार के कैंसर और दिल की बीमारियों को कुछ हद तक काबू में किया जा सके.

ऐपीस इंडिया के हैल्थ ऐक्सपर्ट, अमित आनंद कहते हैं कि शहद ऊर्जा, खूबसूरती, और पोषण का अच्छा स्रोत है. यह अल्सर और बैक्टीरियल बीमारियों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है. इतना ही नहीं यह त्वचा में चमक बनाए रखने के लिए भी खास है. इसलिए अधिकतर ब्यूटी प्रोडक्ट्स मेकर इस का प्रयोग अपने उत्पाद में करते हैं.

इस के अलावा भी शहद के कई फायदे हैं. मसलन:

– शहद की शैल्फ लाइफ बहुत लंबी होती है, क्योंकि मधुमक्खियां इसे इकट्ठा करते समय इस में एक खास ऐंजाइम मिला देती हैं. यह आंखों की दृष्टि, बांझपन, वजन कम करने, यूरिन संबंधी बीमारियों, अस्थमा, खांसी आदि के लिए बेहद लाभप्रद है.

– शहद में मौजूद चीनी आम चीनी की तरह नहीं होती, यह फु्रक्टोज और ग्लूकोज का मिश्रण होती है और खून में शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद करती है.

– काफी समय पहले से खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए ऐथलीट्स शहद का सेवन करते रहे हैं, क्योंकि यह शरीर में ग्लाइकोजन के स्तर को सामान्य बनाए रखने में सहायक होता है.

– शहद त्वचा के लिए क्लींजर का काम करता है. इसे नियमित खाने और लगाने से त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है.

– जई (ओट्स) में मिला कर इसे लगाने से यह ऐक्सफोलिएशन का काम करता है. यह मृत कोशिकाओं को आसानी से साफ कर नई कोशिकाओं को पैदा होने में मदद करता है.

– शहद के नियमित इस्तेमाल से ऐग्जिमा की रोकथाम में सहायता मिलती है.

– यह क्षतिग्रस्त त्वचा को भी बहुत हद तक ठीक कर सकता है.

– शहद में ऐंटीऔक्सिडैंट बहुत अधिक मात्रा में होता है, इसलिए इस का नियमित सेवन करने से त्वचा को यूवी किरणों के प्रभाव से बचाया जा सकता है.

– शहद रूसी से छुटकारे के लिए अच्छा घरेलू उपचार है. यह सूखे बालों को पोषण प्रदान कर उन्हें चमकदार और मुलायम बनाता है.

– ठंड के दिनों में गरम दूध में 1 चम्मच शहद मिला कर पीने से अनिद्रा की समस्या कम हो जाती है.

– वर्कआउट या व्यायाम के बाद इसे पीने से तुंरत ऊर्जा मिलती है.

– मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी शहद एक दवा के रूप में काम करता है. खासकर वृद्धावस्था में मानसिक स्वास्थ्य को सही रखता है. इस में उपस्थित प्राकृतिक शर्करा याद्दाश्त और एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक होती है.

– शहद एक प्राकृतिक कामोत्तेजक है और इस के नियमित सेवन से शरीर में लिपिड्स को बढ़ाने में मदद मिलती है.

– रोजाना शहद का सेवन करने से शरीर में कैल्सियम, पोटैशियम और विटामिन बी मिलता है. इस में कोलैस्ट्रौल नहीं होता.

– इस में ग्लूकोस, फु्रक्टोस और अन्य लवण जैसे मैग्नीशियम, पोटैशियम, सल्फर, आयरन और फास्फेट होते हैं, जो काफी हद तक शरीर में जरूरी पोषक तत्त्वों को बनाए रखने में सहायक होते हैं.

– शहद शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, साथ ही पाचनतंत्र में सुधार ला कर स्वस्थ बने रहने में सहायक होता है.

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