गृहशोभा विशेष

बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के लिए सब से बड़ी चुनौती होती है अपना वजन कम करना. गर्भावस्था में पेट और कूल्हों का साइज बढ़ जाता है. डिलिवरी के बाद पहले वाली शेप में आने के लिए महिला को बहुत मेहनत करनी पड़ती है.

डिलिवरी के 3 से 6 महीने बाद महिला व्यायाम कर सकती है, लेकिन जब तक वह बच्चे को दूध पिला रही हो तब तक उसे वेट लिफ्टिंग और पुशअप्स नहीं करने चाहिए. उसे किसी भी तरह की डाइटिंग या व्यायाम शुरू करने से पहले डाक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए.

स्तनपान: बच्चे को दूध पिलाने से वजन आसानी से कम होता है, क्योंकि शरीर में दूध बनने के दौरान कैलोरीज बर्न हो जाती हैं. यही कारण है कि वे महिलाएं जो बच्चे को दूध पिलाती हैं, उन का वजन जल्दी कम होता है.

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना: अगर आप अपनी पतली कमर फिर से वापस देखना चाहती हैं तो रोजाना कम से कम 3 लिटर पानी पीएं. पानी पीने से शरीर के टौक्सिस बाहर निकल जाते हैं और शरीर में फ्लूइड बैलेंस बना रहता है. इस के अलावा पानी पीने से शरीर का अतिरिक्त फैट भी निकल जाता है.

कुनकुने पानी में नीबू का रस और शहद मिला कर लें: रोज सुबह खाली पेट इसे पीएं. इस से शरीर के टौक्सिंस निकल जाते हैं और फैट भी बर्न होता है. हर बार खाना खाने से पहले भी इस का सेवन कर सकती हैं. ऐसा करने से पाचन ठीक रहेगा और फैट जल्दी बर्न होगा.

ग्रीन टी पीएं: ग्रीन टी में ऐसे बहुत सारे अवयव होते हैं जो फैट बर्निंग की प्रक्रिया को तेज करते हैं. इस में मौजूद मुख्य तत्व ऐंटीऔक्सीडैंट होता है, जो मैटाबोलिज्म को तेज करता है. इसलिए दूध और चीनी वाली चाय के बजाय ग्रीन टी बेहतर विकल्प है. यह न केवल सेहतमंद है, बल्कि वजन पर नियंत्रण रखने में भी मदद करती है.

सेहतमंद खा-पदार्थ चुनें: प्रोसैस्ड फूड से बचें. ज्यादा कैलोरी वाले खा-पदार्थों का सेवन भी न करें जैसे कैंडी, चौकलेट व बेक की गई चीजें जैसे कुकीज, केक, फास्ट फूड तथा तला हुआ भोजन जैसे फ्राइज और चिकन नगेट्स. प्रोसैस्ड फूड में सब से ज्यादा कैलोरीज और चीनी होती है, जो वजन बढ़ाती है. ऐसे भोजन में उचित पोषक पदार्थों की कमी होती है. इन के बजाय सेहतमंद विकल्प चुनें जैसे मौसमी फल, सलाद, घर में बना सूप और फलों का रस आदि.

इन घरेलू उपायों के अलावा भरपूर मात्रा में सब्जियों और फलों का सेवन करने से पेट की चरबी कम होती है. अगर आप बच्चे को दूध पिला रही हैं, तो आप को रोजाना 1800 से 2,200 कैलोरीज का सेवन करना चाहिए ताकि आप के बच्चे को उचित पोषण मिले.

अगर आप स्तनपान नहीं करा रही हैं तो आप को कम से कम 1200 कैलोरीज का सेवन करना चाहिए. रोजाना 3 बार कम कैलोरी युक्त खा-पदार्थों का सेवन करें. इस के लिए आप को प्रोसैस्ड फूड के बजाय प्राकृतिक खा-पदार्थ चुनने चाहिए.

नैचुरल ब्रेकफास्ट चुनें जैसे ओट्स, दलिया या अंडों के सफेद हिस्से से बना आमलेट. दोपहर के भोजन में साबूत अनाज की चपाती, बेक्ड चिकन या कौटेज चीज, हरा सलाद और फल खाएं. रात के भोजन की बात करें तो आप की आधी प्लेट फलों और सब्ज्यों से भरी होनी चाहिए. एक चौथाई प्लेट में प्रोटीन और एकचौथाई प्लेट में साबूत अनाज होना चाहिए.

सेहतमंद आहार के साथसाथ नियमित व्यायाम करना भी बहुत जरूरी है.

भोजन के बाद तेज चलें: खाना खाने के बाद 15 से 20 मिनट तेज चलें. इस से पेट की चरबी कम होगी. ऐसा जरूरत से ज्यादा न करें. बच्चे को स्ट्रौलर में लिटा कर सैर कर सकती हैं. यह व्यायाम शुरू करने का सब से अच्छा तरीका है.

ऐब्स क्रंच: पेट की चरबी कम करने का सब से अच्छा तरीका है ऐब्स क्रंच. इस से पेट की पेशियों में मौजूद कैलोरीज बर्न होंगी और पेट की चरबी कम होने लगेगी.

लोअर एब्डौमिनल स्लाइड: यह व्यायाम बच्चे के जन्म के बाद नई मां के लिए अच्छा है. खासतौर पर अगर बच्चे का जन्म सीसैक्शन से हुआ हो, क्योंकि सर्जरी के बाद पेट के निचले हिस्से की पेशियों पर असर पड़ता है. यह व्यायाम उन्हीं पेशियों पर काम करता है.

पीठ के बल लेट जाएं, पैर जमीन पर फैला दें, बाजुएं साइड में सीधी रखें और हथेलियां नीचे की ओर हों. अपनी पेट की पेशियों को सिकोड़ते हुए दाईं टांग को बाहर की ओर स्लाइड करें. फिर सीधा कर यही प्रक्रिया बाईं टांग से दोहराएं. दोनों टांगों से इसे 5 बार दोहराएं.

पैल्विक टिल्ट: अपनी पेट की पेशियों को सिकोड़ें. इन का इस्तेमाल करते हुए अपने कूल्हों को आगे की ओर मोड़ें. ऐसा आप लेट कर, बैठ कर या खड़े हो कर कर सकती हैं. इसे रोजाना जितनी बार हो सके करें.

नौकासन: नौकासान के कई फायदे हैं. इस से पेट की पेशियां टोन हो जाती हैं, पाचन में सुधार आता है तथा रीढ़ की हड्डी और कूल्हे भी मजबूत होते हैं.

टांगों को उठाएं: अपनी टांगों को 30 डिग्री, 45 डिग्री और 60 डिग्री पर उठाएं. हर अवस्था में 5 सैकंड्स के लिए रुकें. इस से पेट की पेशियां मजबूत होती हैं.

उस्थासन: उस्थासन के कई फायदे हैं. इस से कूल्हों की चरबी कम होती है, कूल्हों और कंधों में खिंचाव आता है.

मौडीफाइड कोबरा: अपनी हथेलियों को फर्श पर टिकाएं. कंधे और कुहनियां अपनी पसलियों के साथ टिके हों. अपने सिर और गर्दन को ऊपर उठाएं, इतना भी नहीं कि पीठ पर खिंचाव पड़ने लगे. अब ऐब्स को अंदर की ओर ऐसे खींचें जैसे आप अपने पेल्विस को फर्श से उठाने की कोशिश कर रही हों.

अन्य तरीके

पोस्टपार्टम सपोर्ट बैल्ट: यह बैल्ट पेट की पेशियों को टाइट करती है. इस से आप का पोस्चर ठीक रहता है, साथ ही पीठ के दर्द में भी आराम मिलता है.

बैली रैप इस्तेमाल करें: बैली रैप या मैटरनिटी बैल्ट आप की ऐब्स को टक कर देती है, जिस से आप के यूट्रस और पेट का हिस्सा अपनी सामान्य शेप में आने लगता है. यह पेट की चरबी कम करने का सब से पुराना तरीका है. इस से पीठ के दर्द में भी आराम मिलता है.

फुल बौडी मसाज करवाएं: मसाज शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है. इस से आप बिना जिम गए बिना पसीना बहाए वजन कम कर सकती हैं. इस तरह से मसाज करवाएं कि आप के पेट की चरबी पर असर हो. इस से फैट शरीर में बराबर फैल जाएगा, मैटाबोलिज्म में सुधार होगा और आप को चरबी से छुटकारा मिलेगा.

-डा. रीनू जैन

कंसलटैंट ओब्स्टेट्रिक्स ऐंड गाइनेकोलौजी, जेपी हौस्पिटल, नोएडा