गृहशोभा विशेष

स्तन कैंसर अब सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं रह गया है. स्तन कैंसर से जुड़ा सब से बड़ा भ्रम यह है कि यह सिर्फ महिलाओं को ही प्रभावित करता है और ज्यादातर सूचनाएं, जागरूकता अभियान, शोध एवं जानकारी महिलाओं पर ही केंद्रित होती है. इसीलिए पुरुष स्तन कैंसर के चिन्हों और लक्षणों को समझने और उन की पहचान करने में अकसर असफल होते हैं.

चौंकाते हैं शोध के परिणाम

विभिन्न संस्थानों में और विभिन्न स्तरों पर किए गए कई अध्ययनों में मिले परिणाम चौंकाने वाले हैं. कई मामलों में 80 फीसदी पुरुषों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि उन में स्तन कैंसर का खतरा हो सकता है.

ज्यादातर पुरुष स्तन कैंसर (एमबीसी) के लक्षण पहचान भी नहीं पाते हैं. गांठ एकमात्र ऐसा लक्षण है, जिस के बारे में उन्हें जानकारी है. इस के अलावा उन्हें कोई अन्य जानकारी नहीं होती है.

चूंकि पुरुष स्तन कैंसर के ज्यादातर मामले अंतिम स्तर पर पता चलते हैं, इसलिए महिलाओं के स्तन कैंसर के मामलों के मुकाबले पुरुषों के स्स्न कैंसर के मामलों में मृत्यु दर अधिक है. देरी से जानकारी मिलने के परिणामस्वरूप एमबीसी बड़ा हो सकता है और इस का अन्य अंगों तक पहुंचने का भी खतरा अधिक होता है.

पुरुषों में स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण

– सब से साधारण लक्षण स्तन में गांठ है.

– निपल से तरल पदार्थ बाहर निकलना.

– निपल में खिंचाव या घाव.

– स्तन में दर्द होना, जिसे आमतौर पर छाती में होने वाला दर्द मान लिया जाता है.

– कांख के आसपास और स्तन के करीब सूजन.

पुरुषों को समयसमय पर स्वपरीक्षण करते रहना चाहिए और बदलावों की जानकारी तत्काल डाक्टर को देनी चाहिए.

समय से बीमारी का पता चलना कैंसर से एकमात्र बचाव है. गांठों का नियमित परीक्षण और समय पर जानकारी जीवन बचाने में मददगार है. सेहत पर पड़ने वाले किसी भी गंभीर असर से बचने के लिए हमें सेहतमंद जीवनशैली की जरूरत होती है.

– मनदीप एस मल्होत्रा

– (फोर्टिस फ्लाइट लैफ्टिनैंट राजन ढल हौस्पिटल (एफएचवीके) के हैड, नैक एवं ब्रैस्ट औंकोप्लास्टी डिपार्टमैंट)

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