मई का महीना आ गया है और सूरज अपनी तीव्रता दिखाना शुरु कर चुका है. और इसलिए अब गर्मी में होने वाले आम रोग जैसे शरीर में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, घबराहट होना, उलटी-दस्त होना, सन बर्न, घमोरियां जैसी कई बिमारी हो सकती हैं.

बीमारियों के होने में प्रमुख कारण

– गर्मी के मोसम में खुले शरीर, नंगे सर, नंगे पाँव धूप में चलना.

– तेज गर्मी में घर से खाली पेट बाहर जाना.

– कूलर या AC से निकल कर तुरंत धूप में जाना.

– बाहर धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना और सीधे कूलर या AC में बैठ जाना.

– तेज मिर्च-मसाले, बहुत गर्म खाना, चाय, शराब इत्यादि का सेवन ज्यादा करना.

– सूती और ढीले कपड़ो की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपडे पहनना.

ये कुछ कारण हैं जो गर्मी से होने वाले रोगों को आसानी से और जल्दी से पैदा कर देते हैं.

आप कुछ छोटी-छोटी पर महत्त्वपूर्ण बातो का ध्यान रख कर, इन सबसे बचे रह कर, गर्मी का आनंद ले सकते हैं.

हम आपको बताने जा रहे हैं वचाव के कुछ तरीके

– गर्मी में मीठा, ठंडा और लिक्विड खानपान ही हितकर होता है.

– गर्मी में जब भी घर से निकले, कुछ खा कर और पानी पी कर ही.

– गर्मी में ज्यादा भारी, बसा युक्त भोजन न करें. गर्मी में भारी खाना पूरी तरह पचा पाना थोड़ा मुश्किल होता है और जरुरत से ज्यादा खाने या भारी खाना खाने से उलटी-दस्त की शिकायत भी हो सकती है

– गर्मी में सूती और हल्के रंग के कपड़े ही पहनने चाहिये.

– चेहरे और सर को रुमाल या साफी से ढक कर बाहर निकलना चाहिये.

– तेज गर्मी के मौसम में प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखकर चलना चाहिये.

– बाजार की चीजों के बजाए घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये.

– लौकी, ककड़ी, खीरा, तोरे, पालक, पुदीना, नीबू, तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिये.

– रोजाना 2 से 3 लीटर ठण्डा पानी पीना चाहिए.

इन कुछ छोटी छोटी बातो का ध्यान रख कर गर्मी की गर्मी से आप स्वयं को बचा सकते हैं!