प्रेग्नेंसी, औरत से मां बनने का एक पड़ाव है जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है. इस दौरान हर महिला की पहली चिंता ये होती हैं कि उसका बच्चा स्वस्थ है या नहीं. उसकी डिलीवरी नार्मल होगी या नहीं. ऐसी बहुत सी बातें गर्भवती मां के दिमाग में चलती रहती है.

लगभग हर औरत चाहती है कि उसकी डिलीवरी नार्मल हो लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी हो जाती हैं कि नार्मल डिलीवरी की जगह औपरेशन ही करना पड़ता है. यदि आप भी नार्मल डिलीवरी की इच्छा रखती हैं तो हमें उम्मीद है कि नीचे दिए गए सुझाव आपके काम आएंगे.

तनाव से दूर रहें

तनाव केवल आपकी परेशानी ही नहीं बढ़ाता बल्कि प्रेग्नेंसी में कौम्प्लिकेशन को भी बढ़ाता है. इसका सबसे अधिक प्रभाव आपके व आपके बच्चे की सेहत पर पड़ता है. यदि आपको बेवजह तनाव महसूस हो रहा है तो अपने डाक्टर से परामर्श करें और इस व्यवहार के पीछे छुपे वास्तविक कारण को जानने की कोशिश करें.

स्वस्थ रहें

डिलीवरी से पहले आपको ये सुनिश्चित कर लेना होगा कि आप पूरी तरह से स्वस्थ रहें और किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी आपको न हो. आपके शरीर में खून की कमी नहीं होनी चाहिए.

नियमित रूप से व्यायाम करें

हालांकि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को आराम करने के लिए कहा जाता है लेकिन थोड़ी सी कसरत से आपको लाभ होगा. व्यायाम से आप चुस्त रहेंगी तथा आप में पीड़ा को बर्दाशत करने की क्षमता बढ़ेगी.

अपने खान-पान पर ध्यान दें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कमजोरी होना लाजमी है तथा इस कमजोरी को घटाने के लिए डाक्टर गोलियां भी देते हैं. परंतु जो ताकत हमें आहार से मिलती है वो गोलियों से नहीं मिल सकती. यदि आप नार्मल डिलीवरी चाहती हैं तो सही समय पर खाएं और सही आहार खाएं. अपने आहार में हरी सब्जियां, अंड़ा, दूध व फलों को शामिल करें. इनमें मौजूद जरूरी विटामिन व प्रोटीन आपके शरीर को पोषित करेंगे.

पानी पीते रहें

गर्भ में बच्चा एक थैली में होता है, जिसे एमनियोटिक फ्लूयिड कहते हैं. बच्चे को इसी से ऊर्जा मिलती है ऐसे में मां के लिए रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना बहुत ही जरूरी है.

सैर करें

गर्भावस्था के दौरान सुबह व शाम में वाक पर जाएं. सैर करते वक्त आराम से चलें और अपने आसपास के खूबसूरत वातावरण का आनंद लें. बाहर की ताजी हवा आपके अंदर एक ताजगी को भरती है. आप जितनी देर के लिए वाकिंग कर सकती है उतनी देर के लिए करें. यदि वाकिंग करते वक्त बीच में थक जाएं तो आराम करें.

शराब व चाय का सेवन ना करें

चाय हमारे खून में मौजूद आइरन को अवशोषित कर लेती है. आइरन की कमी आपको शारीरिक रूप से कमजोर बना सकती है तथा इसका असर आपके बच्चे के विकास व उसके वजन पर भी पड़ेगा. कभी-कभी शराब व चाय गर्भपात का कारण भी बन सकते हैं. इसलिए गर्भावस्था के दौरान ऐसी चीजों से परहेज करें. बेहतर होगी कि आप घर का बना खाना खाएं.