गृहशोभा विशेष

अकसर महिलाएं किचन में छोटीछोटी गलतियां कर बैठती हैं. मसलन, सब्जी का अधपका रह जाना, इडली या ढोकले का स्पंजी न बनना, दाल का बेस्वाद हो जाना आदि. मगर अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी समझदारी से बनें किचन परफैक्शनिस्ट.

सब्जी का एकसमान न गलना

सब्जी अकसर एकसमान तब नहीं गलती जब वह एकसमान न काटी जाए. कुछ टुकडे़ कच्चे रह जाते हैं और कुछ गल जाते हैं. दूसरा कारण जब आप मिक्स्ड वैजिटेबल बनाती हैं तो उस में ज्यादा समय में गलने वाली सब्जी पहले डालें और तुरंत गलने वाली सब्जी सब से बाद में.

प्रयोग किए तेल का पुन: इस्तेमाल

जब सब्जी बनाने के लिए प्रयोग किए हुए तेल को पुन: गरम कर के सब्जी का मसाला तैयार किया जाता है, तो सब्जी न तो दिखने में अच्छी लगती है और खाने में भी उतनी स्वादिष्ठ नहीं होती.

सब्जी को पुन: गरम करते समय ठंडे पानी का प्रयोग

अकसर महिलाएं गाढ़ी दाल व सब्जी में पानी कम होने पर ठंडा पानी डाल कर उबाल लेती हैं. यह सही नहीं है. इस से स्वादिष्ठ चीज भी बेस्वाद हो जाती है. अत:

जब भी ग्रेवी में पानी डालना हो तो गरम पानी का ही प्रयोग करें. यदि दाल या सब्जी फ्रिज से निकाली है तो थोड़े से घी या तेल में हींग-जीरे या टमाटर का तड़का लगाएं. उस में जरूरत मुताबिक पानी डालें. फिर जब वह उबल जाए तब दाल या सब्जी डालें. दाल या सब्जी बिलकुल ताजी लगेगी.

इडली-ढोकले का स्पंजी न होना

अकसर महिलाएं सूजी की इडली या ढोकला बनाते समय फ्रिज से दही निकाल कर मिला देती हैं. ऐसा करने से वह स्पंजी नहीं बनता. यदि फ्रिज का दही है तो माइक्रोवेव में 30 सैकंड गरम करें अथवा पहले से बाहर निकाल कर रखें. यदि ढोकले में पानी का प्रयोग करें तो वह कुनकुना हो.

हरी पत्तेदार सब्जियों को ब्लांच करने के बाद हरा रंग बरकरार न रहना

जब भी हरी सब्जी को ब्लांच करें तो तुरंत फ्रिज के ठंडे पानी से भरे डोंगे में डाल दें. इस से सब्जी का हरा रंग बरकरार रहेगा.

माइक्रोवेव में तापमान सैट करने के बाद जैसे ही वह बंद हो तो माइक्रोवेव का दरवाजा खोल देना

कभी भी माइक्रोवेव में कुछ गरम किया जाए या बनाया जाए तो जैसे ही माइक्रोवेव औफ हो तो तुरंत उस का डोर न खोलें. ध्यान रहे उस के बाद भी खाना गरम होता रहता है. स्टैंडिंग टाइम 5 मिनट होता है. उस के बाद ही डोर खोलें.

जब कड़ाही में सब्जी चिपके

कड़ाही में सब्जी तब चिपकती है जब ठंडे तेल में सब्जी डालती हैं. दूसरा जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए तो कलछी से चारों तरफ फैलाएं. इस से कम तेल में भी अच्छी भुन जाती है.

बासी चावल, पुलाव, खिचड़ी आदि का गरम करने पर चिपकना

यदि आप के पास माइक्रोवेव नहीं है तो इन चीजों को राइस कुकर में या एक बड़े प्रैशरकुकर में नीचे पानी डाल कर दूसरे कंटेनर में चावल, पुलाव आदि रखें और एक सीटी लगवा दें. झटपट बन जाएगा जैसे ताजा बनाया हो.

केक बनाने के लिए फ्रिज से निकले मक्खन व दूध का इस्तेमाल

यदि फ्रिज से निकले मक्खन और ठंडे दूध का इस्तेमाल किया जाए तो केक कड़ा बनता है. अत: केक बनाने के लिए इन चीजों को सामान्य तापमान पर आने के बाद ही प्रयोग में लाएं.

रायते में नमक का प्रयोग पहले ही करने पर

रायता बनाते समय यदि पहले से ही नमक डाल दिया जाए तो वह खट्टा हो जाता है. अत: जब सर्व करना हो तभी नमक मिलाएं.

पनीर की सब्जी बनाते समय उस का सख्त हो जाना या टूटने लगना

अकसर महिलाएं पनीर की सब्जी बनाते समय उसे बहुत देर तक पकाती हैं. इस से वह कड़ा हो जाता है. कभीकभी पनीर चूरा होने लगता है. अत: पनीर की सब्जी बनाने से पहले पनीर के टुकड़ों को एक गहरी थाली में रखें और उन पर गरम पानी, थोड़ा सा नमक व हलदी बुरक दें. सब्जी बनाते समय पानी हटा दें. इस से पनीर टूटेगा नहीं. स्पंजी बनेगा.

नौनस्टिक कोटिंग का निकलना

यों तो नौनस्टिक कोटिंग निकले बरतनों का प्रयोग करना ही नहीं चाहिए, क्योंकि इस से फूड पौइजनिंग होने का खतरा रहता है. इस का मुख्य कारण है गरम बरतन को तुरंत धोने के चक्कर में उस पर ठंडा पानी डाल देना और फिर चम्मच आदि का प्रयोग करना.

मैरीनेशन के समय पूरा नमक डाल देना

मैरीनेशन के समय पूरा नमक न डालें. इस से डिश की सीजनिंग ठीक नहीं होती है. हमेशा थोड़ा नमक मैरीनेशन में और थोड़ा पकाते समय डालना चाहिए.

केक का सही न बनना

केक बनाते समय मैदे को बेकिंग पाउडर के साथ न छाना जाए तो केक सही नहीं बनता है. अत: करीब 3 बार अवश्य छानें. दूसरा ओवन या माइक्रोवेव का डोर बारबार खोल कर देखना.

उबलती सब्जी में ऊपर से मसाला डालने पर गुठली बनना

उबलती सब्जी में कभी ऊपर से मसाले न डालें. इस से मसाले सब्जी में ठीक से नहीं मिल पाते और गुठली बन जाती है. मसालों को ऊपर से डालना ही है तो थोड़े से पानी में घोल कर मिलाएं.

बढि़या सलाद बनाया पर नमक पहले डाल दिया

सलाद पहले से बनाया है तो कोई हरज नहीं पर नमक सर्व करने से ठीक पहले ही डालें वरना वह पानी छोड़ देता है.

सब्जी काटने के लिए खराब चाकू का प्रयोग

कहते हैं सब्जी की शक्लसूरत दिखाने में चाकू का बड़ा रोल होता है. खराब चाकू का प्रयोग न करें. साथ ही सब्जी चौपिंग बोर्ड पर काटें.

आर्टिफिशियल रंगों का अधिक प्रयोग

आर्टिफिशियल रंगों का प्रयोग सेहत के हिसाब से करना ही नहीं चाहिए. हरे, गुलाबी, लाल, पीले रंग के लिए सब्जियों के रस व हलदी, केसर आदि का प्रयोग करें पर बहुत कम डालें.

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